अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर 'रामायण' के लक्ष्मण सुनील लहरी का फूटा गुस्सा, बोले- 'रक्षक ही भक्षक बन गया'
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि में कथित अनियमितताओं के मामले ने अब मनोरंजन जगत को भी हिला दिया है। रामानंद सागर की कालजयी धारावाहिक 'रामायण' में लक्ष्मण की भूमिका निभाकर करोड़ों दर्शकों के दिलों में घर कर चुके वरिष्ठ अभिनेता सुनील लहरी ने 30 जून को इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दोषियों के लिए कठोरतम दंड की मांग करते हुए इसे श्रद्धालुओं की आस्था के साथ घोर विश्वासघात करार दिया।
इंस्टाग्राम पर वीडियो के ज़रिए जताई नाराज़गी
सुनील लहरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर इस पूरे प्रकरण पर खुलकर बात की। वीडियो में उन्होंने कहा, '400-500 साल की कड़ी मेहनत और हज़ारों लोगों के बलिदान के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ। बड़ी धूमधाम से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई और पूरे देश ने उन भावनाओं को अनुभव किया।' उन्होंने आगे कहा, 'उस मंदिर में करोड़ों रुपये की चोरी हो गई — यह कितनी नीच हरकत है। सोच भी नहीं सकते कि रक्षक ही भक्षक बन जाएगा।'
लहरी ने इसे श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास के साथ बड़ा विश्वासघात बताया। उन्होंने सरकार और कानून से अपील करते हुए कहा, 'जो भी इसके गुनाहगार हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए — ऐसी सजा कि उनकी आने वाली सात पुश्तें भी याद रखें।'
इंस्टाग्राम कैप्शन में कलयुग का किया ज़िक्र
वीडियो के साथ सुनील लहरी ने अपने कैप्शन में लिखा, 'रामचन्द्र जी कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा। मेरे ही रक्षक, भक्षक बनकर श्रद्धालुओं के चढ़ावे को लूट भावनाओं को आघात पहुंचाएगा।' उन्होंने अंत में स्पष्ट शब्दों में कहा कि अयोध्या मंदिर चोरी के गुनाहगारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
मामले की जांच के लिए SIT गठित
गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इस SIT में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष सचिव वित्त नीलरतन को शामिल किया गया।
SIT ने जांच पूरी कर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी तथ्यों की पड़ताल तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी।
आस्था और जवाबदेही का सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों पर चोरी के आरोप न केवल प्रशासनिक चूक को उजागर करते हैं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की बड़ी बहस को भी जन्म देते हैं। सुनील लहरी जैसे सांस्कृतिक प्रतीक माने जाने वाले अभिनेता की प्रतिक्रिया इस मुद्दे को जन-भावना से सीधे जोड़ती है।
SIT की अंतिम रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर अब सबकी नज़रें टिकी हैं।