शूटिंग सेट पर बासी-अस्वच्छ खाने पर FWICE का एक्शन, FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे से औचक निरीक्षण की मांग
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने 13 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर व IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे को पत्र लिखकर फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल शूटिंग सेटों पर कर्मचारियों को परोसे जाने वाले भोजन की खराब गुणवत्ता और अस्वच्छता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के अनुसार, यह समस्या लंबे समय से विभिन्न यूनियनों और सदस्यों की शिकायतों के रूप में सामने आती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस बदलाव नहीं हुआ।
मुख्य शिकायतें और चिंताएँ
FWICE ने अपने पत्र में विस्तार से बताया कि कई शूटिंग लोकेशन पर कर्मचारियों को बासी, अधपका और अपर्याप्त पौष्टिक भोजन दिया जाता है। संगठन का कहना है, 'कई शूटिंग लोकेशन पर कर्मचारियों को ऐसा भोजन दिया जाता है, जो न तो ताज़ा होता है और न ही पर्याप्त पौष्टिक। कई बार खाना ऐसी जगह और ऐसे तरीके से तैयार किया जाता है, जहाँ स्वच्छता का उचित ध्यान नहीं रखा जाता।'
संगठन ने यह भी रेखांकित किया कि शूटिंग से जुड़े लोग लंबे और शारीरिक रूप से थकाने वाले शेड्यूल में काम करते हैं। ऐसे में अगर उन्हें पौष्टिक और स्वच्छ भोजन न मिले, तो इसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ सकता है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
FWICE ने खाने की जगह और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार, 'कई शूटिंग सेट पर कर्मचारियों को खुले में — धूल, तेज़ गर्मी, बारिश और गंदगी के बीच — बैठकर खाना खाना पड़ता है। कई लोकेशन पर खाने के लिए अलग से कोई जगह नहीं होती, जबकि कहीं बैठने की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं मिलती।'
इसके अलावा, साफ पीने के पानी और सैनिटेशन की कमी को भी पत्र में प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन का तर्क है कि किसी भी व्यवस्थित कार्यस्थल पर ये सुविधाएँ अतिरिक्त नहीं, बल्कि बुनियादी अधिकार हैं।
पहले भी उठाया गया था मुद्दा
FWICE ने स्पष्ट किया कि यह पहली बार नहीं है जब यह मुद्दा उठाया जा रहा है। संगठन ने पहले भी श्रम विभाग और अन्य संबंधित सरकारी विभागों के सामने इन शिकायतों को रखा था। हालाँकि, संगठन के अनुसार, उन शिकायतों पर कोई ऐसी ठोस कार्रवाई नहीं हुई जिससे ज़मीनी स्तर पर बदलाव दिखे। यही कारण है कि अब FDA कमिश्नर के दरवाज़े पर दस्तक दी गई है।
औचक निरीक्षण की माँग
संगठन ने तुकाराम मुंढे से मुंबई फिल्म सिटी, गोरेगांव और आसपास की अन्य फिल्म व टीवी शूटिंग लोकेशन पर बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण करने की माँग की है। FWICE का कहना है कि इससे ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी — केवल कागज़ों पर दर्ज व्यवस्थाएँ नहीं।
इसके साथ ही, संगठन ने अधिकारियों से शूटिंग सेट पर मौजूद किचन, खाना बनाने की जगह, खाद्य सामग्री के भंडारण और कैटरिंग सिस्टम की भी विस्तृत जाँच करने की अपील की है।
इंडस्ट्री की रीढ़ की सुरक्षा ज़रूरी
FWICE ने अपने पत्र में फिल्म और मनोरंजन जगत के कर्मचारियों, टेक्नीशियनों और कलाकारों को 'इंडस्ट्री की रीढ़' बताया। संगठन का कहना है कि यही लोग घंटों मेहनत करके वह कंटेंट तैयार करते हैं जिसे देशभर के करोड़ों दर्शक देखते हैं। ऐसे में उन्हें कम से कम सुरक्षित भोजन और साफ-सुथरी खाने की जगह मिलना उनका अधिकार है। यह देखना अब FDA और संबंधित विभागों पर निर्भर करेगा कि इस माँग पर कितनी तेज़ी से कार्रवाई होती है।