वीवा का संगीत 20 साल बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वापस, नेहा भसीन बोलीं — 'यह एक पूरे दौर की पहचान थी'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पहले पॉप गर्ल बैंड वीवा का संगीत करीब दो दशक बाद एक बार फिर श्रोताओं तक पहुँचने वाला है। जियोस्टार के साथ साझेदारी में बैंड के गाने और म्यूज़िक वीडियो अब 'कानफोड़' समेत अन्य प्रमुख ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह खबर उन लाखों श्रोताओं के लिए खास है, जो 2000 के दशक में वीवा के गानों को सुनते हुए बड़े हुए थे।
वीवा की शुरुआत और पहचान
वीवा की नींव पाँच सदस्यों के साथ रखी गई थी — सीमा रामचंदानी, नेहा भसीन, प्रतीची महापात्रा, महुआ कामत और अनुष्का मनचंदा। उस दौर में भारतीय पॉप संगीत में गर्ल बैंड का विचार ही नया था, और वीवा ने अपनी अलग पहचान तेज़ी से बनाई। पहले एल्बम के बाद सीमा रामचंदानी ने बैंड से अलग होने का फैसला किया। इसके बाद शेष चार सदस्यों ने 2003 में 'वीवा! रीलोडेड' नाम से दूसरा एल्बम रिलीज़ किया था।
डिजिटल वापसी की पूरी कहानी
वह दौर ब्लूटूथ से गाने शेयर करने और फ्लिप फोन का था — उसी समय वीवा के गाने युवाओं की ज़िंदगी का हिस्सा बन गए थे। अब जियोस्टार के साथ मिलकर बैंड ने अपने पूरे म्यूज़िक कैटलॉग को डिजिटल और ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर दोबारा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि यह पहल नॉस्टैल्जिया की लहर और 2000 के दशक के पॉप संगीत में नई पीढ़ी की बढ़ती दिलचस्पी के बीच आई है।
नेहा भसीन की भावुक प्रतिक्रिया
बैंड की सदस्य नेहा भसीन ने इस अवसर पर कहा, 'वीवा सिर्फ एक बैंड नहीं था, बल्कि यह एक एहसास और एक पूरे दौर की पहचान बन गया था। मेरे लिए और उन लोगों के लिए जिन्होंने उस समय उनके गाने सुने, वीवा एक खूबसूरत याद की तरह है। भारत के पहले पॉप गर्ल बैंड के रूप में उन्होंने कुछ बहुत खास बनाया था और यह रिश्ता आज भी लोगों के प्यार की वजह से ज़िंदा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि अब नई पीढ़ी भी उन गानों और वीडियो को सुन और देख सकेगी, जिन्होंने एक समय लाखों युवाओं की यादों को खास बनाया था। संगीत का सबसे सुंदर पहलू यही होता है कि वह समय बीतने के बाद भी लोगों के दिलों में बना रहता है।'
आम जनता और संगीत प्रेमियों पर असर
वीवा की डिजिटल वापसी से 2000 के दशक में पले-बढ़े श्रोताओं में उत्साह की लहर है। साथ ही यह उन युवाओं के लिए भी एक नया अनुभव होगा जिन्होंने वीवा का संगीत पहले कभी नहीं सुना। यह कदम भारतीय पॉप संगीत के उस स्वर्णिम दौर को डिजिटल युग में संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
आगे क्या
बैंड के गाने और वीडियो अब 'कानफोड़' और अन्य प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह डिजिटल पुनर्जन्म वीवा के लिए किसी नई संगीत परियोजना की नींव भी रखता है।