जयंती भाटिया: 'इंस्टाग्राम-यूट्यूब कलाकारों की नई पहचान, कंटेंट क्रिएशन अब फुल-टाइम प्रोफेशन'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेत्री जयंती भाटिया ने कहा है कि इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म अब केवल कमाई का साधन नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए अपनी असली पहचान गढ़ने का सशक्त मंच बन चुके हैं। मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर निरंतर सक्रिय रहना और हर दिन नया, आकर्षक कंटेंट तैयार करना किसी भी कलाकार के लिए आसान नहीं — इसके लिए समय, समर्पण और रचनात्मक सोच तीनों की दरकार होती है।
डिजिटल मंच और कलाकार की असली छवि
जयंती भाटिया ने कहा, 'आज के दौर में कई कलाकार इंस्टाग्राम और यूट्यूब के ज़रिए अपनी निजी ज़िंदगी, शूटिंग के अनुभव, ट्रैवल, खान-पान, फैशन और रोज़मर्रा की गतिविधियाँ साझा करते हैं। इससे दर्शकों को कलाकार के वास्तविक व्यक्तित्व को क़रीब से जानने का मौका मिलता है।' उनके अनुसार पर्दे पर निभाया गया किरदार और असल ज़िंदगी का इंसान दोनों अलग होते हैं, और सोशल मीडिया इन दोनों के बीच की खाई को पाटकर दर्शकों के साथ एक गहरा, भरोसेमंद रिश्ता बनाने में मदद करता है।
'चटपुरी चैती' — अभिनय से परे एक नई कोशिश
जयंती ने बताया कि उनका अपना यूट्यूब चैनल 'चटपुरी चैती' है, जहाँ वे अभिनय से इतर कुछ नया और अलग करने की कोशिश करती हैं। उन्होंने कहा, 'यह मंच मेरे लिए एक सुखद और अलग अनुभव रहा है। मैं अभी भी सोशल मीडिया की बारीकियाँ सीख रही हूँ, लेकिन आने वाले समय में इंस्टाग्राम पर छोटे-छोटे व्लॉग बनाने की योजना है — जिनमें दिनभर की गतिविधियाँ, शूटिंग के अनुभव और इंडस्ट्री की वे बातें होंगी जो खासकर नए कलाकारों के काम आ सकें।'
नए कलाकारों के लिए संदेश
अभिनेत्री ने ज़ोर देकर कहा कि मनोरंजन जगत में क़दम रखने वाले युवाओं को केवल अभिनय नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के काम करने के तरीके भी समझने होंगे। उन्होंने कहा, 'अभिनय की दुनिया बाहर से जितनी आकर्षक दिखती है, अंदर से उतनी ही चुनौतीपूर्ण है। अपने लंबे करियर में मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। अगर मेरा अनुभव किसी नए कलाकार के काम आ सके, तो इससे बेहतर बात क्या होगी।' उनके अनुसार इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए समय की पाबंदी, प्रोफेशनल व्यवहार और दूसरों के प्रति सम्मान उतने ही ज़रूरी हैं जितना अभिनय कौशल।
कंटेंट क्रिएशन — आय का नया स्रोत
जयंती भाटिया ने उन कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स की सराहना की जिन्होंने समय रहते डिजिटल मीडिया की ताक़त को पहचाना। उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया अब केवल लोकप्रियता का माध्यम नहीं रहा — यह कलाकारों के लिए अतिरिक्त आय का भी मज़बूत स्रोत बन चुका है। जब किसी कलाकार के पास नया प्रोजेक्ट नहीं होता, तब भी कंटेंट क्रिएशन उसे सक्रिय, रचनात्मक और अपने दर्शकों से जुड़ा रखता है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत में डिजिटल कंटेंट इकोनॉमी तेज़ी से विस्तार पा रही है और लाखों क्रिएटर्स इसे पूर्णकालिक पेशे के रूप में अपना रहे हैं।