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गोविंदा को पहलाज निहलानी ने दिया था पहला मौका, डांस वीडियो ने बदली थी पूरी राय

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गोविंदा को पहलाज निहलानी ने दिया था पहला मौका, डांस वीडियो ने बदली थी पूरी राय

सारांश

पहलाज निहलानी के निधन के साथ वह किस्सा फिर जीवंत हो उठा है जब उन्होंने गोविंदा के लुक को नकारने के बाद उनका डांस वीडियो देखकर तुरंत 'इल्जाम' में कास्ट किया — और हिंदी सिनेमा को एक सुपरस्टार मिला।

मुख्य बातें

फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन, बॉलीवुड में शोक।
1986 में फिल्म 'इल्जाम' से उन्होंने गोविंदा को बतौर हीरो पहला बड़ा मौका दिया।
पहली मुलाकात में गोविंदा का लुक पसंद नहीं आया, लेकिन डांस वीडियो देखकर राय पूरी तरह बदली।
'आंखें' और 'शोला और शबनम' सहित कई फिल्मों ने गोविंदा को सुपरस्टार बनाया।
निहलानी 2015 से 2017 तक CBFC के अध्यक्ष भी रहे।

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके जाने से हिंदी सिनेमा जगत में शोक की लहर है। इस दुखद अवसर पर उनके करियर के वे किस्से एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं, जो बताते हैं कि उन्होंने किस तरह अभिनेता गोविंदा के भीतर छिपे सुपरस्टार को पहचाना और हिंदी सिनेमा को एक नई प्रतिभा से रूबरू कराया।

मुंबई से शुरू हुआ फिल्मी सफर

पहलाज निहलानी का झुकाव बचपन से ही मनोरंजन की दुनिया की ओर रहा। उन्होंने फिल्म निर्माण में कदम रखते हुए अपने करियर की शुरुआत 1982 में फिल्म 'हथकड़ी' से की, जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा, रीना रॉय और संजीव कुमार जैसे दिग्गज कलाकार थे। इसके बाद 1985 में आई 'आंधी-तूफान' ने उन्हें एक कामयाब निर्माता के रूप में स्थापित कर दिया। धीरे-धीरे वे उन चुनिंदा निर्माताओं में शुमार हो गए, जिनकी फिल्मों का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते थे।

गोविंदा की खोज: 'इल्जाम' का वह निर्णायक दिन

उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ 1986 में आया, जब उन्होंने फिल्म 'इल्जाम' बनाई। यही वह फिल्म थी जिसने गोविंदा को बतौर हीरो बॉलीवुड में पहली पहचान दिलाई। इस मौके से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा खुद पहलाज निहलानी ने कई इंटरव्यूज़ में साझा किया था। उन्होंने बताया था, 'जब पहली बार गोविंदा मुझसे मिलने आए थे, तब उनका चेहरा और लुक मुझे कुछ खास नहीं लगा था। मुझे शक था कि शायद यह लड़का बड़े पर्दे पर उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाएगा।' लेकिन अगले ही दिन गोविंदा अपने डांस का वीडियो लेकर पहुंचे, और वह वीडियो देखते ही पहलाज की राय पूरी तरह पलट गई। उन्होंने कहा था, 'मैंने गोविंदा की एनर्जी, डांस और आत्मविश्वास को देखकर तुरंत फैसला कर लिया कि यही मेरी फिल्म का हीरो होगा।' यह फैसला बाद में हिंदी सिनेमा के सबसे सफल फैसलों में से एक साबित हुआ।

गोविंदा-निहलानी जोड़ी की बॉक्स ऑफिस सफलता

'इल्जाम' की सफलता ने गोविंदा को रातोंरात पहचान दिला दी। इसके बाद पहलाज निहलानी और गोविंदा की जोड़ी ने एक के बाद एक सफल फिल्में दीं। 'शोला और शबनम' और 'आंखें' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े। खासतौर पर 'आंखें' उस दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी गई। इन फिल्मों ने गोविंदा को उस सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया, जिसे देश भर के दर्शक पसंद करते थे।

निर्माण से CBFC तक का विस्तृत सफर

पहलाज निहलानी ने केवल गोविंदा ही नहीं, बल्कि कई अन्य कलाकारों को भी मौका दिया। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, कॉमेडी और पारिवारिक भावनाओं का अनूठा मिश्रण होता था। उन्होंने 'अंदाज', 'तलाश', 'जूली 2' और 'रंगीला राजा' जैसी फिल्मों का निर्माण भी किया। फिल्म निर्माण के अलावा वे 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष भी रहे, जहाँ उनके कार्यकाल में कई विवादास्पद निर्णयों को लेकर चर्चाएँ हुईं।

बॉलीवुड की अपूरणीय क्षति

पहलाज निहलानी का निधन हिंदी सिनेमा के उस युग के अंत का प्रतीक है, जब एक निर्माता की पारखी नज़र और साहसी फैसले किसी साधारण चेहरे को असाधारण सितारा बना देते थे। उनकी विरासत उन फिल्मों और उन कलाकारों के जरिए जीवित रहेगी, जिन्हें उन्होंने पहचाना और परदे पर उतारा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न सोशल मीडिया फॉलोअर्स। आज जब OTT और डेटा-ड्रिवन कास्टिंग का युग है, तब यह किस्सा एक जरूरी सवाल उठाता है: क्या उस तरह की सहज, जोखिम भरी पहचान अब भी संभव है? निहलानी का CBFC कार्यकाल विवादों से घिरा रहा, लेकिन एक निर्माता के रूप में उनकी विरासत उन कलाकारों के नामों में दर्ज है जिन्हें उन्होंने पहले देखा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहलाज निहलानी कौन थे और उनका निधन कब हुआ?
पहलाज निहलानी हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्माता और CBFC के पूर्व अध्यक्ष थे, जिनका 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 1982 में 'हथकड़ी' से अपने करियर की शुरुआत की थी।
पहलाज निहलानी ने गोविंदा को कैसे पहचाना?
पहली मुलाकात में गोविंदा का लुक उन्हें खास नहीं लगा था, लेकिन अगले दिन गोविंदा का डांस वीडियो देखकर उनकी राय पूरी तरह बदल गई और उन्होंने तुरंत उन्हें 1986 की फिल्म 'इल्जाम' में कास्ट किया।
पहलाज निहलानी और गोविंदा की कौन-सी फिल्में सबसे सफल रहीं?
'इल्जाम' (1986) के बाद इस जोड़ी ने 'शोला और शबनम' और 'आंखें' जैसी बड़ी हिट फिल्में दीं। 'आंखें' उस दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी गई और इसने गोविंदा को सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया।
पहलाज निहलानी CBFC के अध्यक्ष कब रहे?
पहलाज निहलानी 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष रहे। उनका यह कार्यकाल कई विवादास्पद निर्णयों के कारण चर्चा में रहा।
पहलाज निहलानी ने और कौन-सी उल्लेखनीय फिल्में बनाईं?
गोविंदा की फिल्मों के अलावा उन्होंने 'अंदाज', 'तलाश', 'जूली 2' और 'रंगीला राजा' जैसी फिल्मों का निर्माण किया। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, कॉमेडी और पारिवारिक भावनाओं का विशेष मिश्रण होता था।
राष्ट्र प्रेस
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