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जॉनी वॉकर पुण्यतिथि: गुरुदत्त ने शराब ब्रांड पर रखा था नाम, 300 फिल्मों में बिखेरी हँसी

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जॉनी वॉकर पुण्यतिथि: गुरुदत्त ने शराब ब्रांड पर रखा था नाम, 300 फिल्मों में बिखेरी हँसी

सारांश

बस कंडक्टर से बॉलीवुड के सबसे चहेते हास्य कलाकार तक — जॉनी वॉकर की कहानी उतनी ही दिलचस्प है जितने उनके किरदार। गुरुदत्त ने एक शराब ब्रांड पर रखा उनका नाम, पर इस 'जॉनी वॉकर' ने कभी शराब नहीं पी। 300 फिल्मों की विरासत, दो फिल्मफेयर और एक अमिट मुस्कान।

मुख्य बातें

जॉनी वॉकर का निधन 29 जुलाई 2003 को लंबी बीमारी के बाद हुआ था।
उनका असली नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन था; कलानाम गुरुदत्त ने एक शराब ब्रांड के नाम पर दिया।
जन्म 11 नवंबर 1926 , इंदौर ; मुंबई में ₹26 मासिक वेतन पर बस कंडक्टर के रूप में करियर शुरू किया।
लगभग 300 फिल्मों में अभिनय; 'मधुमती' (1959) और 'शिकार' के लिए दो फिल्मफेयर पुरस्कार ।
वर्ष 1955 में अभिनेत्री नूरजहाँ से निकाह; छह बच्चे , जिन्हें शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा।
पर्दे पर शराबी किरदार निभाने के बावजूद वास्तविक जीवन में कभी शराब नहीं पी।

हिंदी सिनेमा के अविस्मरणीय हास्य कलाकार जॉनी वॉकर की 29 जुलाई 2003 को लंबी बीमारी के बाद मृत्यु हो गई थी। अपने पाँच दशक के करियर में उन्होंने लगभग 300 फिल्मों में अभिनय कर बॉलीवुड में सहज, जीवन से जुड़ी कॉमेडी की एक स्थायी परंपरा स्थापित की। उनकी पुण्यतिथि पर उनकी कलाकारी और जीवन-यात्रा आज भी प्रासंगिक बनी हुई है।

असली नाम और कलानाम की कहानी

11 नवंबर 1926 को इंदौर में जन्मे जॉनी वॉकर का वास्तविक नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन था। जब वे अभिनय की दुनिया में कदम रखने लगे, तब दिग्गज फ़िल्मकार गुरुदत्त ने उन्हें एक प्रसिद्ध शराब ब्रांड के नाम पर 'जॉनी वॉकर' का कलानाम दिया। विडंबना यह है कि पर्दे पर शराबी किरदार निभाने के लिए मशहूर इस अभिनेता ने वास्तविक जीवन में कभी शराब को हाथ नहीं लगाया।

बस कंडक्टर से बॉलीवुड तक का सफर

मुंबई आने के शुरुआती दिनों में जॉनी वॉकर ने बस कंडक्टर की नौकरी की, जिसमें उन्हें महीने के ₹26 वेतन मिलते थे। लेकिन वे बस में यात्रियों के बीच भी अपनी कॉमेडी से माहौल जीवंत रखते थे। यह वही दौर था जब गुरुदत्त की नज़र उनकी प्रतिभा पर पड़ी और उन्हें रजत पर्दे का रास्ता मिला। यह सफर इस बात का प्रमाण है कि असली प्रतिभा किसी मंच की मोहताज नहीं होती।

यादगार फिल्में और पुरस्कार

जॉनी वॉकर ने गुरुदत्त की क्लासिक फिल्मों — 'प्यासा', 'कागज़ के फूल', 'चौदहवीं का चाँद' और 'मिस्टर एंड मिसेज 55' — में अपनी भूमिकाओं से दर्शकों के दिल में विशेष जगह बनाई। इसके अलावा 'मधुमती', 'नया दौर', 'टैक्सी ड्राइवर', 'सीआईडी', 'जाल', 'चोरी चोरी' और 'मेरे महबूब' जैसी फिल्मों में भी उनके किरदार आज भी याद किए जाते हैं। वर्ष 1959 में फिल्म 'मधुमती' में सहायक अभिनेता की भूमिका के लिए उन्हें पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। बाद में फिल्म 'शिकार' के लिए उन्हें बेस्ट कॉमिक एक्टर का फिल्मफेयर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।

व्यक्तिगत जीवन

वर्ष 1955 में जॉनी वॉकर ने अभिनेत्री नूरजहाँ से निकाह किया। दोनों के छह बच्चे हैं। उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका भेजा।

विरासत और योगदान

जॉनी वॉकर की कॉमेडी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह कभी अश्लील या सस्ती नहीं थी — वह आम आदमी के जीवन की सच्चाइयों से उपजती थी। यही कारण है कि उनके किरदार आज भी ताज़े लगते हैं। गौरतलब है कि जब हिंदी सिनेमा में सहायक कलाकारों को प्रायः गंभीरता से नहीं लिया जाता था, तब जॉनी वॉकर ने अपनी कला से यह धारणा बदल दी। उनकी पुण्यतिथि पर उनकी यह विरासत हिंदी सिनेमा को सदा प्रेरित करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब जॉनी वॉकर की जीवन से उपजी, गरिमापूर्ण हास्य-शैली और भी प्रासंगिक लगती है। यह भी विचारणीय है कि ₹26 महीने की बस कंडक्टरी से 300 फिल्मों तक का उनका सफर आज के युवा कलाकारों के लिए एक जीवित पाठ है कि प्रतिभा और परिश्रम किसी पृष्ठभूमि की सीमा नहीं मानते।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जॉनी वॉकर का असली नाम क्या था?
जॉनी वॉकर का असली नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन था। फ़िल्मकार गुरुदत्त ने उन्हें एक प्रसिद्ध शराब ब्रांड के नाम पर 'जॉनी वॉकर' का कलानाम दिया था।
जॉनी वॉकर का निधन कब हुआ था?
जॉनी वॉकर का निधन 29 जुलाई 2003 को लंबी बीमारी के कारण हुआ था। उनका जन्म 11 नवंबर 1926 को इंदौर में हुआ था।
जॉनी वॉकर को कौन से फिल्मफेयर पुरस्कार मिले थे?
जॉनी वॉकर को वर्ष 1959 में फिल्म 'मधुमती' में सहायक अभिनेता की भूमिका के लिए पहला फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। इसके बाद फिल्म 'शिकार' के लिए उन्हें बेस्ट कॉमिक एक्टर का फिल्मफेयर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।
क्या जॉनी वॉकर वास्तव में शराब पीते थे?
नहीं। पर्दे पर शराबी के किरदार निभाने के लिए मशहूर जॉनी वॉकर ने वास्तविक जीवन में कभी शराब को हाथ नहीं लगाया। यह उनके व्यक्तित्व की एक उल्लेखनीय विशेषता थी।
जॉनी वॉकर की प्रमुख फिल्में कौन सी हैं?
जॉनी वॉकर ने लगभग 300 फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'प्यासा', 'कागज़ के फूल', 'चौदहवीं का चाँद', 'मिस्टर एंड मिसेज 55', 'मधुमती', 'नया दौर', 'टैक्सी ड्राइवर' और 'सीआईडी' शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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