28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कंगना रनौत का प्रदर्शनकारी छात्रों पर तीखा हमला: 'सुप्रीम कोर्ट के वकील की फीस कौन देगा?'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कंगना रनौत का प्रदर्शनकारी छात्रों पर तीखा हमला: 'सुप्रीम कोर्ट के वकील की फीस कौन देगा?'

सारांश

BJP सांसद कंगना रनौत ने संसद परिसर में प्रदर्शनकारी छात्रों की अभद्र भाषा को आड़े हाथों लिया और पूछा कि अगर कानूनी लड़ाई आई तो सुप्रीम कोर्ट के वकील की फीस कौन देगा। यह बयान उनके इंस्टाग्राम पोस्ट से उठे विवाद के बीच आया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को जनता की प्रतिक्रिया के लिए खुद ज़िम्मेदार ठहराया था।

मुख्य बातें

कंगना रनौत ने 28 जुलाई को संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों की भाषा पर कड़े सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा कि भविष्य में कानूनी ज़रूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट के वकील की भारी फीस कौन चुकाएगा — छात्र या उनके माता-पिता।
कंगना ने कहा कि उन्होंने 16 साल की उम्र से खुद अपना करियर बनाया और कभी माता-पिता पर बोझ नहीं बनीं।
विवाद की शुरुआत उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी से हुई, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को उनकी 'अभद्र रील्स' के परिणामों के लिए जिम्मेदार ठहराया।
यह विवाद परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के व्यापक संदर्भ में उभरा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने मंगलवार, 28 जुलाई को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान परीक्षा अनियमितताओं के विरुद्ध हुए हालिया प्रदर्शनों में शामिल युवाओं की भाषा पर कड़ा एतराज़ जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन युवाओं को भविष्य में कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, तो सुप्रीम कोर्ट के वकील की भारी फीस कौन चुकाएगा — वे स्वयं या उनके माता-पिता? यह बयान सोशल मीडिया पर 'जेनज़ी' (Gen-Z) को लेकर उनके विवादित पोस्ट के बाद उठे बवाल के बीच आया है।

संसद परिसर में कंगना का बयान

पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कंगना रनौत ने कहा, 'हम सभी अपने छात्र जीवन में विरोध-प्रदर्शनों का हिस्सा रहे हैं, लेकिन ये किस तरह के छात्र हैं और कैसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? ये कहाँ से छात्र नज़र आते हैं? अगर भविष्य में इन लोगों को अदालत के चक्कर लगाने पड़ें और सुप्रीम कोर्ट के वकीलों या कानूनी मदद की ज़रूरत पड़ी, तो क्या इनके माता-पिता उनका खर्च उठा पाएंगे? इन युवाओं के पास खुद तो इतने साधन हैं नहीं कि वे इतनी भारी फीस दे सकें।'

उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, 'भले ही हमें ट्रोल किया जाता हो, लेकिन हमने 16 साल की उम्र से ही अपना करियर खुद बनाया है। हम कभी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बने। हमारे समाज में कई माता-पिता रूढ़िवादी विचारधारा के होते हैं — इसके बावजूद उनकी बेटियाँ इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं।'

माता-पिता की इज़्ज़त का सवाल

कंगना ने यह भी पूछा कि ऐसी भाषा से इन युवाओं के माता-पिता की समाज में क्या प्रतिष्ठा बचेगी और उन्हें किन विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'क्या ये युवा इस बारे में थोड़ा भी सोचते हैं? समाज के तौर पर ऐसी हरकतें हमें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं।'

इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

इससे पहले कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट में लिखा था, 'सड़कों पर जिन प्रदर्शनकारियों को आम जनता पीट रही है और जिन्हें गालियाँ पड़ रही हैं, यह उनकी अपनी गंदी और अभद्र रील्स की वजह से है। उन्हें यह समझना होगा कि जब आप बोलते हो, तो सुनना भी पड़ेगा।'

उन्होंने उसी पोस्ट में आगे लिखा, 'अगर आप सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हैं, तो वही जनता आपको भी नुकसान पहुँचाएगी। अगर आपने सार्वजनिक रूप से गंदी गालियाँ दी हैं, तो उन लोगों की भी सुनिए जो इस देश से प्यार करते हैं और वोट की ताकत से इस सरकार को चुनकर लाए हैं।'

कारण और प्रभाव की दलील

कंगना ने अपने पोस्ट में न्यूटन के नियम का हवाला देते हुए कहा, 'हर क्रिया की एक बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। अगर अब तक पढ़ाई करके 'कारण और प्रभाव' समझ नहीं आया है, तो अब आ जाएगा — और बहुत अच्छे से समझ आ जाएगा।' यह टिप्पणी परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में उठे छात्र आंदोलन के व्यापक संदर्भ में आई है, जो हाल के हफ्तों में देश के कई हिस्सों में सक्रिय रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आलोचकों के अनुसार लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर अप्रत्यक्ष दबाव है। मुख्यधारा की कवरेज बयान की तीखी भाषा पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि परीक्षा अनियमितताओं पर जवाबदेही कब और कैसे सुनिश्चित होगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर क्या कहा?
कंगना रनौत ने 28 जुलाई को संसद परिसर में कहा कि प्रदर्शनकारी युवा अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और सवाल उठाया कि भविष्य में कानूनी ज़रूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट के वकील की भारी फीस कौन चुकाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की भाषा से उनके माता-पिता की समाज में प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचता है।
कंगना रनौत का इंस्टाग्राम पोस्ट विवाद क्या था?
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि प्रदर्शनकारियों को जो प्रतिक्रिया मिल रही है वह उनकी अपनी 'अभद्र रील्स' का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों को जनता की प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना चाहिए, जिस पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई।
यह विवाद किस प्रदर्शन के संदर्भ में उठा है?
यह विवाद परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों के संदर्भ में उभरा है। इन प्रदर्शनों में युवाओं ने परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई थी।
कंगना रनौत ने खुद के बारे में क्या कहा?
कंगना ने कहा कि उन्होंने 16 साल की उम्र से ही अपना करियर खुद बनाया और कभी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बनीं। उन्होंने इसे प्रदर्शनकारी युवाओं की तुलना में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
क्या कंगना रनौत के बयान पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया आई?
स्रोत सामग्री में किसी विपक्षी दल या अन्य राजनेता की औपचारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। हालाँकि, सोशल मीडिया पर उनके इंस्टाग्राम पोस्ट और संसद परिसर के बयान को लेकर व्यापक बहस जारी बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. 8 घंटे पहले
  4. कल
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले