कुणाल खेमू का खुलासा: 'शर्मिला टैगोर का दामाद हूं, यह ख्याल कभी दिमाग में नहीं आया'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता और फिल्ममेकर कुणाल खेमू ने स्पष्ट किया है कि उनकी रचनात्मक यात्रा हमेशा उनके अपने जुनून और प्रतिभा से संचालित रही है — न कि उस प्रतिष्ठित परिवार से जिसका वे हिस्सा बने हैं। मुंबई में अपने नए रियलिटी शो 'अलायंस' के प्रचार के दौरान उन्होंने यह बात कही। यह वह सवाल था जो उनसे अक्सर पूछा जाता है — क्या दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के दामाद होने का दबाव उनके करियर पर असर डालता है?
कुणाल का बेबाक जवाब
कुणाल खेमू ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा, 'नहीं, मेरे लिए मेरी कला और मेरे भीतर का कलाकार सबसे ज़्यादा मायने रखता है। सच कहूं तो मैंने कभी इस नज़रिए से सोचा ही नहीं कि मैं शर्मिला टैगोर का दामाद हूं। अगर मैं यह कहूं कि मैं इस बारे में सोचता हूं या इससे बचने की कोशिश करता हूं, तो यह झूठ होगा। यह बात मेरे दिमाग में रहती ही नहीं है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'मेरी क्रिएटिव जर्नी हमेशा एक्टिंग और फिल्ममेकिंग के प्रति मेरे पैशन से प्रेरित रही है। किसी कलाकार की असली पहचान उसके काम से बनती है, न कि उसके पारिवारिक रिश्तों से।'
कुणाल और सोहा की प्रेम कहानी
कुणाल खेमू ने अभिनेत्री सोहा अली खान से 25 जनवरी 2015 को विवाह किया था। सोहा, दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और दिवंगत क्रिकेट लीजेंड मंसूर अली खान पटौदी की बेटी हैं। दोनों की पहली मुलाकात 2009 में फिल्म 'ढूंढते रह जाओगे' के सेट पर हुई थी, जहाँ दोस्ती ने धीरे-धीरे प्यार का रूप लिया।
परिवार और निजी जीवन
शादी के करीब दो साल बाद, सितंबर 2017 में कुणाल और सोहा ने अपनी बेटी इनाया नौमी खेमू का स्वागत किया। यह जोड़ा अक्सर इनाया के साथ बिताए पलों की तस्वीरें और वीडियो साझा करता है, जिन्हें उनके प्रशंसक बेहद पसंद करते हैं।
'अलायंस' शो और करियर की दिशा
इन दिनों कुणाल अपने नए रियलिटी शो 'अलायंस' को लेकर सुर्खियों में हैं। एक्टिंग के साथ-साथ फिल्ममेकिंग में भी कदम रख चुके कुणाल का मानना है कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए काम की गुणवत्ता ही एकमात्र पैमाना है। यह रवैया उन्हें बॉलीवुड के उस वर्ग से अलग करता है जो पारिवारिक संपर्कों को करियर की सीढ़ी मानता है।