क्या फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक आजादी जरूरी है? हुमा कुरैशी ने साझा किए विचार

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क्या फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक आजादी जरूरी है? हुमा कुरैशी ने साझा किए विचार

सारांश

क्या फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक आजादी आवश्यक है? बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार की फिल्मों को बनाने की आजादी से इंडस्ट्री और दर्शकों को लाभ होता है। जानिए उनके बहुमूल्य विचार इस संबंध में।

मुख्य बातें

रचनात्मक आजादी फिल्म इंडस्ट्री का आधार है।
हर प्रकार की फिल्में बनाने का अवसर महत्वपूर्ण है।
दर्शकों को विभिन्न प्रकार की कहानियाँ देखने की जरूरत है।
इंडिपेंडेंट फिल्मों का योगदान भी आवश्यक है।
अभिनेताओं को अपने किरदारों में विविधता लाने का मौका मिलना चाहिए।

मुंबई, 16 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने फिल्मों और ओटीटी सीरीज के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है। वह हमेशा उन कलाकारों में से रही हैं, जो न केवल चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को स्वीकार करती हैं, बल्कि अपनी सोच और पसंद के अनुसार काम करने की आजादी को प्राथमिकता देती हैं।

जागरूकता के साथ, जागरण फिल्म फेस्टिवल के दौरान राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में हुमा ने फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक आजादी के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

हुमा ने कहा कि एक मजबूत फिल्म इंडस्ट्री तभी संभव है, जब हर प्रकार की फिल्में बनाने का अवसर मिले। इंडस्ट्री में केवल बड़ी फिल्में या ब्लॉकबस्टर ही नहीं, बल्कि छोटी, मध्यम स्तर की और इंडिपेंडेंट फिल्में भी महत्वपूर्ण होती हैं। फिल्म निर्माता दर्शकों को ध्यान में रखकर नई कहानी और शैली में प्रयोग कर सकते हैं। ऐसा करने से न केवल इंडस्ट्री मजबूत बनती है, बल्कि दर्शकों को भी विविधता का अनुभव मिलता है।

उन्होंने कहा, 'हमें दर्शकों को देखकर फिल्म बनानी चाहिए। बड़ी फिल्में, छोटी फिल्में, सामान्य फिल्में, और इंडिपेंडेंट फिल्मों पर भी ध्यान देना आवश्यक है। जब हर प्रकार की फिल्मों को बनाने की आजादी होती है और लोग उन्हें देखने का अवसर पाते हैं, तभी फिल्म इंडस्ट्री मजबूत और जीवंत बनी रहती है।'

हुमा ने 'दिल्ली क्राइम सीजन 3' में अपने खलनायिका के किरदार के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि यह उनके करियर में पहली बार था जब उन्होंने इस प्रकार का नकारात्मक किरदार निभाया है। जब उन्हें इस शो के लिए कॉल आया, तो वह उस समय 'महारानी' की शूटिंग कर रही थीं।

उन्होंने कहा, 'मैंने पहले सोचा था कि शायद मुझे पुलिस वाले का मुख्य रोल मिलेगा, लेकिन मुझे बताया गया कि यह एक नेगेटिव रोल है।'

हुमा ने कहा, 'खलनायिका का रोल निभाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इसे करने में बहुत मजा आया। दर्शक मुझे इस किरदार में एक बिल्कुल अलग अंदाज में देखेंगे। 'महारानी' और 'दिल्ली क्राइम' जैसे दोनों शोज के चलते मुझे रोजाना कई कॉल और मैसेज मिल रहे हैं, जिसमें लोग दोनों किरदारों की तारीफ कर रहे हैं।'

'दिल्ली क्राइम सीजन 3' 13 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक आजादी का महत्व अत्यधिक है। जब कलाकारों को अपनी सोच और दृष्टिकोण के अनुसार काम करने की स्वतंत्रता मिलती है, तो वे नई और आकर्षक कहानियाँ प्रस्तुत कर सकते हैं। यह न केवल इंडस्ट्री के विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि दर्शकों के लिए भी एक समृद्ध अनुभव प्रदान करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमा कुरैशी ने फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक आजादी पर क्या कहा?
हुमा ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सभी प्रकार की फिल्मों को बनाने की आजादी होनी चाहिए, चाहे वह बड़ी फिल्में हों या छोटी और इंडिपेंडेंट फिल्में।
दिल्ली क्राइम सीजन 3 में हुमा का किरदार कैसा है?
हुमा ने इस सीजन में एक नकारात्मक किरदार निभाया है, जो उनके लिए पहली बार है।
राष्ट्र प्रेस
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