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नीरज श्रीधर बर्थडे: बचपन में गाते वक्त फूल जाती थीं गले की नसें, फिर 'भूलभुलैया' से मिली बॉलीवुड में असली पहचान

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नीरज श्रीधर बर्थडे: बचपन में गाते वक्त फूल जाती थीं गले की नसें, फिर 'भूलभुलैया' से मिली बॉलीवुड में असली पहचान

सारांश

बचपन में जिस आवाज़ ने धोखा दिया, उसी आवाज़ ने करोड़ों दिल जीते। नीरज श्रीधर की कहानी सिर्फ एक गायक की नहीं, बल्कि उस जिद की है जो 'भूलभुलैया' के टाइटल ट्रैक से बॉलीवुड की पार्टी का पर्याय बन गई।

मुख्य बातें

नीरज श्रीधर का जन्म 10 जून 1976 को मुंबई में हुआ।
बचपन में गाते वक्त गले की नसें फूल जाती थीं , लेकिन उन्होंने मेहनत से इस समस्या पर काबू पाया।
साल 1994 में बॉम्बे वाइकिंग्स की स्थापना की; 'वो चली वो चली' और 'क्या सूरत है' जैसे गाने हिट रहे।
साल 2007 में फिल्म 'भूलभुलैया' के टाइटल ट्रैक ने बॉलीवुड में उन्हें बड़ी पहचान दिलाई।
फिल्मफेयर , आईफा और स्टारडस्ट पुरस्कारों में नामांकन मिला; आज भी संगीत में सक्रिय।

मशहूर गायक नीरज श्रीधर का जन्म 10 जून 1976 को मुंबई में हुआ था। 90 के दशक में इंडियन पॉप म्यूजिक से अपनी यात्रा शुरू करने वाले नीरज ने 'वो चली वो चली' और 'भूलभुलैया' जैसे कालजयी गानों से करोड़ों श्रोताओं के दिलों में जगह बनाई। लेकिन यह सफर उतना आसान नहीं था जितना आज सुनने में लगता है — बचपन में उनकी आवाज़ ही उनकी सबसे बड़ी चुनौती थी।

बचपन की वह मुश्किल जो बन गई प्रेरणा

नीरज श्रीधर ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जब वह बचपन में गाने की कोशिश करते थे, तो उनके गले की नसें फूल जाती थीं और वह ठीक से गा नहीं पाते थे। उनकी माँ भी इस स्थिति को देखकर चिंतित रहती थीं और कहती थीं कि बच्चे को गाने का बहुत शौक है, लेकिन शायद वह गा नहीं पाएगा। यह ऐसे समय में था जब संगीत ही उनका एकमात्र सपना था।

हालाँकि नीरज ने इस शारीरिक बाधा को अपनी कमज़ोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने धीरे-धीरे अपनी आवाज़ पर मेहनत की और वर्षों की लगन के बाद वह भारत के सबसे पहचाने जाने वाले पॉप और बॉलीवुड गायकों में शुमार हो गए।

बॉम्बे वाइकिंग्स और इंडियन पॉप का स्वर्णिम दौर

साल 1994 में नीरज श्रीधर ने म्यूजिक ग्रुप बॉम्बे वाइकिंग्स की नींव रखी। यह ग्रुप इंडियन पॉप और रॉक म्यूजिक के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट शैली के लिए जाना गया। उस दौर में पुराने हिंदी गानों को नए अंदाज़ में पेश करने का चलन तेज़ हो रहा था, और बॉम्बे वाइकिंग्स ने इस ट्रेंड को एक नई ऊँचाई दी।

नीरज की आवाज़ में 'क्या सूरत है', 'वो चली वो चली' और 'छोड़ दो आंचल' जैसे गाने जबरदस्त लोकप्रिय हुए। इन गानों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और वह इंडियन पॉप म्यूजिक के बड़े नामों में शामिल हो गए। गौरतलब है कि यह वही दौर था जब MTV और Channel V ने भारतीय युवाओं के संगीत अनुभव को पूरी तरह बदल दिया था।

बॉलीवुड में कदम और 'भूलभुलैया' से मिली असली पहचान

पॉप म्यूजिक में सफलता के बाद नीरज ने बॉलीवुड का रुख किया। साल 2006 में उन्होंने अमिताभ बच्चन और सलमान खान अभिनीत फिल्म 'गॉड तुस्सी ग्रेट हो' के लिए 'तुमको देखा' गाया। इसके बाद 'हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड' और 'भागमभाग' जैसी फिल्मों में भी उनकी आवाज़ सुनाई दी।

असली मोड़ आया साल 2007 में, जब फिल्म 'भूलभुलैया' का टाइटल ट्रैक रिलीज़ हुआ। अक्षय कुमार पर फिल्माए गए इस गाने ने नीरज श्रीधर को बॉलीवुड में एक अलग मुकाम दिलाया। नीरज ने खुद कई इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि इस गाने ने उनके करियर को नई दिशा दी और उन्हें इंडस्ट्री में बड़ी पहचान मिली।

सुपरहिट गानों की लंबी फेहरिस्त

भूलभुलैया की सफलता के बाद नीरज श्रीधर ने एक के बाद एक हिट गाने दिए। उन्होंने 'रेस', 'लव आज कल', 'बिल्लू', 'कॉकटेल', 'रेडी' और 'हाउसफुल 2' समेत कई बड़ी फिल्मों के लिए अपनी आवाज़ दी।

'लव मेरा हिट हिट', 'ट्विस्ट', 'तुम ही हो बंधु', 'जख मार के' और 'कैरेक्टर ढीला' जैसे गाने आज भी पार्टी प्लेलिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए हैं। यह उनकी आवाज़ की वह ताकत है जो दशकों बाद भी श्रोताओं को थिरकने पर मजबूर करती है।

पुरस्कार और सक्रिय करियर

नीरज श्रीधर को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए फिल्मफेयर, आईफा और स्टारडस्ट जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में नामांकन मिला। बचपन में गले की नसें फूलने की समस्या से जूझने वाले नीरज आज भी संगीत की दुनिया में सक्रिय हैं और नई पीढ़ी के संगीत प्रेमियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी बॉम्बे वाइकिंग्स जैसे ग्रुप्स ने मुख्यधारा की रुचि को नया आकार दिया। 'भूलभुलैया' टाइटल ट्रैक की सफलता यह भी बताती है कि फिल्म संगीत में 'पॉप क्रॉसओवर' आवाज़ों का अपना अलग बाज़ार था, जिसे उद्योग ने बाद में पहचाना। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर उनकी पार्टी इमेज तक सीमित रह जाती है, जबकि उनका संघर्ष — शारीरिक बाधा से शुरू होकर दो दशक की सक्रियता तक — कहीं अधिक महत्वपूर्ण आख्यान है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीरज श्रीधर का जन्म कब और कहाँ हुआ?
नीरज श्रीधर का जन्म 10 जून 1976 को मुंबई में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव संगीत की ओर था।
बचपन में नीरज श्रीधर को गाने में क्या समस्या थी?
नीरज श्रीधर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में गाने की कोशिश करते वक्त उनके गले की नसें फूल जाती थीं और वह ठीक से गा नहीं पाते थे। उनकी माँ को भी चिंता थी कि शायद वह कभी गायक नहीं बन पाएँगे।
बॉम्बे वाइकिंग्स क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
बॉम्बे वाइकिंग्स नीरज श्रीधर द्वारा 1994 में स्थापित इंडियन पॉप और रॉक म्यूजिक ग्रुप है। इस ग्रुप ने 'वो चली वो चली', 'क्या सूरत है' और 'छोड़ दो आंचल' जैसे हिट गाने दिए।
नीरज श्रीधर को बॉलीवुड में असली पहचान किस गाने से मिली?
साल 2007 में रिलीज़ फिल्म 'भूलभुलैया' के टाइटल ट्रैक ने नीरज श्रीधर को बॉलीवुड में बड़ी पहचान दिलाई। अक्षय कुमार पर फिल्माए गए इस गाने को नीरज ने खुद अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बताया है।
नीरज श्रीधर के प्रमुख बॉलीवुड गाने कौन-से हैं?
'भूलभुलैया' टाइटल ट्रैक के अलावा नीरज श्रीधर ने 'लव मेरा हिट हिट', 'ट्विस्ट', 'तुम ही हो बंधु', 'जख मार के' और 'कैरेक्टर ढीला' जैसे गाने दिए हैं। उन्होंने 'रेस', 'लव आज कल', 'कॉकटेल', 'रेडी' और 'हाउसफुल 2' समेत कई बड़ी फिल्मों में अपनी आवाज़ दी है।
राष्ट्र प्रेस
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