पद्म श्री अभिनेत्री सौकार जानकी का बेसेंट नगर में अंतिम संस्कार, चिरंजीवी ने एक्स पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित सौकार जानकी का अंतिम संस्कार शनिवार, 22 अगस्त को चेन्नई के बेसेंट नगर श्मशान घाट में देर दोपहर किया जाएगा। उम्र से जुड़ी बीमारियों के चलते शुक्रवार, 21 अगस्त को दोपहर 2 बजे IST उनका निधन हो गया। वे 94 वर्ष की थीं।
अंतिम संस्कार की व्यवस्था
अभिनेत्री के पोते-दामाद अरविंद ने मीडिया को बताया कि परिवार के सभी सदस्य चेन्नई में उनकी माँ के घर पहुँच चुके हैं। उन्होंने कहा, 'आम लोग शनिवार सुबह से श्रद्धांजलि दे सकते हैं और हमारी योजना देर दोपहर तक अंतिम संस्कार करने की है।' परिवार में उनके तीन बच्चे, चार पोते-पोतियाँ और चार परपोते-परपोतियाँ हैं।
सात दशकों का अविस्मरणीय सफर
सौकार जानकी का असली नाम शंकरमंची जानकी था। उनका जन्म 12 दिसंबर 1931 को हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'शावुकारू' से की और सात दशकों में तमिल, तेलुगु, कन्नड़ तथा मलयालम सिनेमा में 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी स्वाभाविक अभिनय शैली ने उन्हें दक्षिण भारतीय दर्शकों के दिलों में एक अमिट स्थान दिलाया।
चिरंजीवी की श्रद्धांजलि
तेलुगु मेगा स्टार चिरंजीवी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावभीनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा कि पद्म श्री पुरस्कार विजेता के निधन की खबर से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि सौकार जानकी ने अपनी स्वाभाविक अभिनय प्रतिभा से हर किरदार में जान डाली और दर्शकों के दिलों में एक विशेष जगह बनाई। चिरंजीवी ने आगे कहा, 'वह एक महान अभिनेत्री थीं, जिनका भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।' उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए परिवार और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
विरासत और सम्मान
सौकार जानकी को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से नवाजा गया था — यह सम्मान उनके दशकों के अभिनय योगदान की राष्ट्रीय स्वीकृति था। चार भाषाओं में 400 से अधिक फिल्में करना दक्षिण भारतीय सिनेमा में विरले ही किसी अभिनेत्री को नसीब होता है। उनके जाने से एक पूरी पीढ़ी के सिनेमाई युग का अध्याय बंद हो गया है।