21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पहलाज निहलानी को पहले नहीं भाया था गोविंदा का लुक, एक डांस वीडियो ने पलट दी थी पूरी कहानी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पहलाज निहलानी को पहले नहीं भाया था गोविंदा का लुक, एक डांस वीडियो ने पलट दी थी पूरी कहानी

सारांश

पहलाज निहलानी के निधन के बाद वह किस्सा फिर जीवंत हो उठा है — जब गोविंदा का 'लुक' उन्हें पसंद नहीं आया था, लेकिन एक डांस वीडियो ने सब बदल दिया। उसी फैसले ने 1986 में 'इल्जाम' से गोविंदा को बॉलीवुड का सुपरस्टार बनने की राह दी।

मुख्य बातें

फिल्म निर्माता और CBFC के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
उन्होंने 1982 में फिल्म 'हथकड़ी' से निर्माण करियर की शुरुआत की; 1985 में 'आंधी-तूफान' से बड़ी पहचान मिली।
1986 में 'इल्जाम' से गोविंदा को लॉन्च किया — पहले लुक से प्रभावित नहीं थे, लेकिन डांस वीडियो देखकर तुरंत चुना।
'शोला और शबनम' और 'आंखें' ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े और गोविंदा को सुपरस्टार बनाया।
वे 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष रहे।

मशहूर फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी के 76 वर्ष की आयु में निधन के बाद बॉलीवुड में शोक की लहर है। उनके जाने के साथ ही उनसे जुड़े वे किस्से भी चर्चा में हैं, जो हिंदी सिनेमा के इतिहास को एक नया मोड़ देने वाले साबित हुए — खासतौर पर अभिनेता गोविंदा की खोज की वह कहानी, जो आज भी बॉलीवुड के गलियारों में दोहराई जाती है।

करियर की शुरुआत और पहचान

पहलाज निहलानी का झुकाव बचपन से ही फिल्मों और मनोरंजन की दुनिया की तरफ रहा। उन्होंने फिल्म निर्माण में कदम रखते हुए 1982 में फिल्म 'हथकड़ी' से अपने करियर की शुरुआत की, जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा, रीना रॉय और संजीव कुमार जैसे दिग्गज कलाकार थे। इसके बाद 1985 में आई 'आंधी-तूफान' ने उन्हें एक सफल निर्माता के रूप में स्थापित किया। धीरे-धीरे उनका नाम उन चुनिंदा निर्माताओं में शामिल हो गया, जिनकी फिल्मों का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते थे।

गोविंदा की खोज — वह किस्सा जो इतिहास बन गया

उनके करियर का सबसे निर्णायक मोड़ 1986 में आया, जब उन्होंने फिल्म 'इल्जाम' बनाई। इसी फिल्म से गोविंदा ने बतौर मुख्य अभिनेता बॉलीवुड में प्रवेश किया। इस मौके से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा खुद पहलाज निहलानी ने कई इंटरव्यू में सुनाया था।

उन्होंने बताया था, 'जब पहली बार गोविंदा मुझसे मिलने आए थे, तब उनका चेहरा और लुक मुझे कुछ खास नहीं लगा था। मुझे शक था कि शायद यह लड़का बड़े पर्दे पर उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाएगा। लेकिन अगले ही दिन गोविंदा अपने डांस का वीडियो लेकर पहुंचे। वीडियो देखते ही मेरी राय पूरी तरह बदल गई। मैंने गोविंदा की एनर्जी, डांस और आत्मविश्वास को देखकर तुरंत फैसला कर लिया कि यही मेरी फिल्म का हीरो होगा। यह फैसला बाद में हिंदी सिनेमा के सबसे सफल फैसलों में से एक साबित हुआ।'

गोविंदा-निहलानी जोड़ी की सफलता

'इल्जाम' की सफलता ने गोविंदा को रातोंरात पहचान दिला दी। इसके बाद दोनों की जोड़ी ने एक के बाद एक सफल फिल्में दीं। 'शोला और शबनम' और 'आंखें' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े। विशेष रूप से 'आंखें' उस दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी गई। इन फिल्मों ने गोविंदा को हिंदी सिनेमा का सुपरस्टार बना दिया।

व्यापक योगदान और सीबीएफसी का कार्यकाल

पहलाज निहलानी ने सिर्फ गोविंदा ही नहीं, बल्कि कई अन्य कलाकारों को भी अवसर दिए। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, कॉमेडी और पारिवारिक भावनाओं का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता था। उन्होंने 'अंदाज', 'तलाश', 'जूली 2' और 'रंगीला राजा' जैसी फिल्मों का निर्माण भी किया। फिल्म निर्माण के अलावा वे 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष भी रहे। उनके निधन के साथ बॉलीवुड ने एक ऐसा निर्माता खो दिया, जिसने प्रतिभा को उसके पहले दिन ही पहचानने की अद्भुत क्षमता रखी।

संपादकीय दृष्टिकोण

निहलानी ने उस परिभाषा को एक डांस वीडियो से तोड़ा। उनका निधन बॉलीवुड के उस पुराने स्कूल के अंत का प्रतीक है, जहाँ निर्माता खुद प्रतिभा की पहचान करते थे — एल्गोरिदम नहीं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहलाज निहलानी कौन थे और उनका निधन कब हुआ?
पहलाज निहलानी बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष थे, जिनका 76 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्होंने 1982 से 2010 के दशक तक हिंदी सिनेमा में कई सफल फिल्में दीं।
पहलाज निहलानी ने गोविंदा को कैसे खोजा था?
1986 में फिल्म 'इल्जाम' के लिए कास्टिंग के दौरान पहलाज निहलानी को गोविंदा का लुक शुरुआत में प्रभावशाली नहीं लगा था। लेकिन अगले दिन गोविंदा अपना डांस वीडियो लेकर आए, जिसे देखकर निहलानी ने तुरंत उन्हें फिल्म का हीरो चुन लिया।
पहलाज निहलानी और गोविंदा की कौन-सी फिल्में सबसे सफल रहीं?
'इल्जाम' (1986) से शुरुआत के बाद इस जोड़ी ने 'शोला और शबनम' और 'आंखें' जैसी बड़ी हिट फिल्में दीं। 'आंखें' विशेष रूप से अपने दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी गई और इसने गोविंदा को सुपरस्टार का दर्जा दिलाया।
पहलाज निहलानी CBFC के अध्यक्ष कब रहे?
पहलाज निहलानी 2015 से 2017 तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष रहे। इस कार्यकाल के दौरान वे कई विवादास्पद फैसलों के कारण चर्चा में भी रहे।
पहलाज निहलानी की अन्य उल्लेखनीय फिल्में कौन-सी हैं?
गोविंदा की फिल्मों के अलावा पहलाज निहलानी ने 'हथकड़ी' (1982), 'आंधी-तूफान' (1985), 'अंदाज', 'तलाश', 'जूली 2' और 'रंगीला राजा' जैसी फिल्मों का निर्माण किया। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, कॉमेडी और पारिवारिक भावनाओं का विशेष मिश्रण रहता था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 7 महीने पहले