'पेड पालकी' विवाद: निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह और एक्ट्रेस प्रगति चौहान ने सतेंद्र सोनी के आरोप नकारे, बोले- 'सबूत मौजूद हैं'
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म 'पेड पालकी' को लेकर अभिनेता सतेंद्र सोनी और फिल्म की टीम के बीच छिड़ा विवाद 30 जून 2026 को नए मोड़ पर पहुँच गया। निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह और लीड एक्ट्रेस प्रगति चौहान ने सोनी के उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिनमें उन्होंने मेहनताना न मिलने, मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी का दावा किया था। दोनों का कहना है कि उनके पास दस्तावेज़ और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं और वे कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं।
निर्देशक का पक्ष: भुगतान समझौते का हवाला
निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, 'सतेंद्र सोनी के सभी आरोप पूरी तरह गलत हैं। तय समझौते के अनुसार उन्हें कुल भुगतान का 15 प्रतिशत एडवांस दिया जाना था, जो ₹45,000 बनता था, लेकिन टीम ने उन्हें ₹50,000 एडवांस दिए। बाकी रकम तय शर्तों और समय के अनुसार दी जानी थी।'
उन्होंने आगे बताया कि शूटिंग के चौथे और पाँचवें दिन से ही सोनी ने पूरी पेमेंट की माँग शुरू कर दी और शूटिंग से इनकार की धमकी दी। एक दिन समझाने के बाद उन्होंने काम किया, लेकिन अगले दिन फिर वही स्थिति उत्पन्न हो गई। सिंह के अनुसार, जब सोनी ने दोबारा शूटिंग पर आने से मना किया तो उन्होंने उन्हें जाने के लिए कह दिया।
होटल से अचानक चेकआउट और आर्थिक नुकसान
पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि मामला शांत करने के लिए उन्होंने अलग से धन की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच सतेंद्र सोनी ने फोन बंद कर दिया और बिना किसी सूचना के होटल से चेकआउट कर लिया। होटल की ओर से फोन आने पर पता चला कि कलाकार निकल चुके हैं। उन्होंने कहा, 'शूटिंग चल रही थी और मैंने इस प्रोजेक्ट के लिए ब्याज पर पैसा लिया हुआ था। कलाकार के अचानक चले जाने से पूरी यूनिट को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।'
निर्देशक ने यह भी बताया कि विवाद बढ़ने पर मामला पुलिस तक पहुँचा और पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसकी प्रति उनके पास मौजूद है। उनके अनुसार, यदि वास्तव में मारपीट या बदसलूकी हुई होती, तो पुलिस उसी समय कार्रवाई करती। समझौते के बाद भी कलाकार शूटिंग पूरी किए बिना चले गए और बाद में मुंबई पहुँचकर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिया।
लीड एक्ट्रेस प्रगति चौहान की गवाही
फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रगति चौहान ने भी सोनी के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा, 'मैंने भी इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाया है और मैं इस मामले की गवाह हूँ। सतेंद्र सोनी, श्रीधर दुबे और पंकज शर्मा के साथ किसी तरह की मारपीट या गलत व्यवहार नहीं हुआ।'
प्रगति के अनुसार, शूटिंग के दौरान कुछ कलाकारों का रवैया अचानक बदल गया — वे सेट पर देर से आने लगे, कई बार पहुँचे ही नहीं और तय समय से चार-पाँच दिन पहले ही पूरी पेमेंट की माँग करने लगे। जब निर्देशक बात करने पहुँचे तो सोनी का फोन बंद था। बाद में पूरी टीम उन्हें ढूँढ़ते हुए निकली और वे माँ शारदा मंदिर के पास मिले।
प्रगति ने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान अभिनेता श्रीधर दुबे ने उनके साथ बदसलूकी की। उस समय मौजूद ड्राइवर ने पुलिस के सामने बयान दिया था कि कलाकारों के साथ कोई मारपीट नहीं हुई। इस विवाद का सीधा असर फिल्म पर पड़ा — कुछ निवेशकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया, जिससे पूरी टीम को आर्थिक और मानसिक नुकसान झेलना पड़ा।
सतेंद्र सोनी के मूल आरोप और AICWA की माँग
गौरतलब है कि इससे पहले अभिनेता सतेंद्र सोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उन्हें फिल्म का पूरा मेहनताना नहीं दिया गया, उनके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और जबरन कार में बैठाने की कोशिश की गई। इस वीडियो के वायरल होने के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मध्य प्रदेश सरकार से मामले में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की।
आगे क्या होगा
निर्देशक पुष्पेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि उनके पास बातचीत के रिकॉर्ड, समझौते की प्रति और अन्य दस्तावेज़ी साक्ष्य हैं, और वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। यह विवाद अब अदालत तक पहुँचने की दिशा में बढ़ता दिख रहा है, जबकि AICWA की माँग पर मध्य प्रदेश पुलिस की भूमिका भी निर्णायक साबित हो सकती है।