सुनिधि चौहान ने बताया रियलिटी शोज छोड़ने का असली कारण: 'ऑटो-ट्यून ने असली प्रतिभा को खत्म कर दिया'
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड की मशहूर पार्श्वगायिका सुनिधि चौहान ने पहली बार खुलकर बताया कि आखिर क्यों उन्होंने सिंगिंग रियलिटी शोज में जज की भूमिका से किनारा कर लिया। अभिनेता शेखर सुमन के चैट शो 'शेखर टुनाइट' में दिए एक साक्षात्कार में सुनिधि ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पूरी तरह उनका अपना था और इसके पीछे संगीत उद्योग में आई एक चिंताजनक तकनीकी प्रवृत्ति जिम्मेदार है।
क्यों छोड़ी जज की कुर्सी
सुनिधि ने शो में बताया, 'मैं बहुत लंबे समय तक रियलिटी शोज का हिस्सा रही, लेकिन फिर मुझे लगा कि अब यह मेरी जगह नहीं है। इसलिए मैंने खुद ही ऐसे शोज करना बंद कर दिया।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इस निर्णय में किसी बाहरी दबाव की कोई भूमिका नहीं थी।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारतीय सिंगिंग रियलिटी शोज की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं। सुनिधि जैसी वरिष्ठ और स्थापित गायिका का यह बयान उद्योग में एक बड़ी बहस को जन्म देता है।
ऑटो-ट्यून पर तीखी आपत्ति
शेखर सुमन के यह पूछने पर कि आखिर क्या बदल गया, सुनिधि ने ऑटो-ट्यून और मेलोडाइन जैसी तकनीकों के दुरुपयोग को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा, 'यह बहुत दुख की बात है। पहले ऑटो-ट्यून या मेलोडाइन का इस्तेमाल सिर्फ गानों में एक खास इफेक्ट देने के लिए होता था, ताकि फिल्मों या एल्बम के गानों को बेहतर बनाया जा सके। लेकिन अब यही तकनीक रियलिटी शोज तक पहुंच गई है, जो बिल्कुल गलत है।'
उन्होंने आगे कहा, 'यहां सब कुछ वास्तविक होना चाहिए, ऐसे कार्यक्रमों का मकसद असली प्रतिभा को सामने लाना होता है। जब मैंने देखा कि यह सब वहां भी होने लगा है, तो मुझे लगा कि चीजें गलत दिशा में जा रही हैं और मैं उसका हिस्सा नहीं बन सकती।' गौरतलब है कि सुनिधि ने खुद अपनी करियर की शुरुआत एक रियलिटी शो से ही की थी, जो उनकी इस पीड़ा को और गहरा बनाता है।
लाइव परफॉर्मेंस की चुनौतियाँ
बातचीत के दौरान शेखर सुमन ने दिवंगत गायक केके और गायक सोनू निगम से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सुनिधि से पूछा कि क्या उन्हें भी कभी स्टेज पर कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इस पर सुनिधि ने कहा कि वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानती हैं।
उन्होंने कहा, 'मैं बहुत लकी हूं क्योंकि आज तक मेरे साथ इस तरह का व्यवहार कभी नहीं हुआ। लोगों ने मुझे हमेशा बहुत प्यार दिया है। सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि सम्मान भी दिया है।'
विवादों से परे रहीं सुनिधि
शेखर सुमन ने स्वयं इस बात का उल्लेख किया कि सुनिधि चौहान हमेशा विवादों से दूर रही हैं — एक ऐसे उद्योग में जहाँ सार्वजनिक विवाद आम बात है। सुनिधि की यह छवि उनके दशकों लंबे करियर में एक स्थिरांक रही है। उनका यह साक्षात्कार इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने बिना किसी नाम लिए, तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी।
आगे की राह
सुनिधि चौहान फिलहाल फिल्मी गायिकी और लाइव कंसर्ट्स पर ध्यान केंद्रित किए हुई हैं। रियलिटी शोज से उनकी यह दूरी स्वैच्छिक है और उन्होंने इसे बदलने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। उनका यह बयान भारतीय संगीत उद्योग में तकनीक और प्रामाणिकता के बीच बढ़ती खाई पर एक ज़रूरी सवाल खड़ा करता है।