रवीना टंडन की कैलाश मानसरोवर यात्रा वीजा रद्द होने से टली, ग्लेशियर टूटने से बोलीं — 'महादेव ने बचा लिया'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री रवीना टंडन ने हाल ही में खुलासा किया कि वह और उनकी बेटी राशा थड़ानी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाली थीं, लेकिन ऐन वक्त पर वीजा रद्द हो जाने के कारण यह यात्रा नहीं हो पाई। यह किस्सा उन्होंने 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' के सेमी-फिनाले एपिसोड के दौरान साझा किया, जहाँ उन्होंने बताया कि यात्रा रद्द होने के दो दिन बाद नेपाल के लांगटांग इलाके में भयानक बाढ़ आई थी।
वीजा रद्द — और फिर बाढ़ का सिलसिला
रवीना टंडन ने बताया कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा से ठीक पहले उनका वीजा अचानक रद्द हो गया, जिससे वह और राशा बेहद निराश हुईं। लेकिन यात्रा रद्द होने के लगभग दो दिन बाद ही उन्हें पता चला कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास लांगटांग क्षेत्र में विनाशकारी बाढ़ आ गई और भारी तबाही हुई।
अभिनेत्री ने कहा, 'हम बहुत निराश थे कि यात्रा कैंसिल हो गई और दो दिन बाद हमें पता चला कि ग्लेशियर टूट गया। यह मानव निर्मित आपदा थी।' बता दें कि 26 अगस्त को नेपाल के लांगटांग इलाके में भयानक बाढ़ आई थी और नेपाल-तिब्बत बॉर्डर क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ था।
रवीना की आस्था और भगवान पर भरोसा
अभिनेत्री ने कहा कि इस अनुभव ने उनके ईश्वर पर विश्वास को और पुख्ता कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने इतना बोला कि महादेव का कुछ तो कारण होगा, हमें नहीं जाना है — इसके पीछे कोई वजह तो होगी। जब वो बुलाएंगे तब अपने आप हम चले जाएंगे।'
रवीना ने यह भी जोड़ा, 'हर स्थिति से आपको बचाने का यह भगवान का तरीका है।' उन्होंने कहा कि वह अब यह मानती हैं कि कभी-कभी एक अनचाहा झटका भी किसी बड़े खतरे से बचाव बन जाता है।
पिता के निधन के बाद 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा
रवीना टंडन ने यह भी बताया कि 2022 में अपने पिता के निधन के बाद उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पूरी की थी। इसके बाद ही माँ-बेटी ने मिलकर कैलाश मानसरोवर जाने का संकल्प लिया था। रवीना और राशा दोनों ही महादेव की अनन्य उपासक हैं और समय-समय पर ज्योतिर्लिंग व महाकाल दर्शन के लिए जाती रही हैं।
शो में भावुक पल
'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' के सेमी-फिनाले में जब रवीना ने यह किस्सा सुनाया, तो दर्शकों पर इसका गहरा असर देखने को मिला। उन्होंने कहा कि अब वह ईश्वर द्वारा निर्धारित समय पर पूर्ण विश्वास रखती हैं — चाहे चीजें अपने प्लान के मुताबिक हों या नहीं। यह अनुभव दर्शाता है कि अनिश्चितता के क्षण भी आशीर्वाद बन सकते हैं। जब भी परिस्थितियाँ अनुकूल होंगी, रवीना और राशा की कैलाश यात्रा का संकल्प पूरा होगा।