विवेक अग्निहोत्री बोले- 'लोकतंत्र में छात्र विरोध होना चाहिए', नीट पेपर लीक के बाद उठे आंदोलन पर दी प्रतिक्रिया
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने 7 अगस्त को नई दिल्ली में नीम करौली बाबा पर बनी एक फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान छात्र आंदोलन पर अपनी राय सार्वजनिक की। रेड कार्पेट पर शुरुआत में इस विषय पर बोलने से संकोच करने के बाद उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन न केवल स्वाभाविक हैं, बल्कि ज़रूरी भी हैं।
अग्निहोत्री ने क्या कहा
अग्निहोत्री ने कहा, "यह लोकतंत्र है, यहाँ ऐसा होता रहता है। पिछले 70 सालों में हज़ारों प्रदर्शन हुए हैं और आगे भी होते रहेंगे। असल में होने ही चाहिए। क्यों नहीं होने चाहिए?" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जाना चाहिए।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह छात्र आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग को लेकर उठा था। नीट पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों का आक्रोश चरम पर पहुँच गया था। प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की माँग भी की थी। यह ऐसे समय में आया जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर राष्ट्रव्यापी बहस छिड़ी हुई थी।
अग्निहोत्री का फिल्मी सफर
विवेक अग्निहोत्री हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 20 से अधिक वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने 2005 में फिल्म 'चॉकलेट' से निर्देशन की शुरुआत की। इसके बाद 'धन धना धन गोल', 'हेट स्टोरी', 'बुद्धा इन अ ट्रैफिक जैम' और 'द ताशकंद फाइल्स' जैसी फिल्में बनाईं।
उन्हें व्यापक पहचान 2022 में आई फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' से मिली, जिसमें कश्मीरी पंडितों के पलायन को केंद्र में रखा गया था। यह फिल्म समीक्षकों की सराहना के साथ-साथ बॉक्स ऑफिस पर भी उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शुमार हुई। इसके बाद उन्होंने 'द वैक्सीन वॉर' बनाई, जो कोरोना महामारी के दौरान भारत के वैज्ञानिक प्रयासों पर आधारित थी।
आगे क्या
अग्निहोत्री अब अपनी चर्चित 'फाइल्स' सीरीज़ की अगली कड़ी 'द दिल्ली फाइल्स' की रिलीज़ की तैयारियों में जुटे हैं। उल्लेखनीय है कि वे अभिनेत्री पल्लवी जोशी के पति हैं, जो उनकी कई फिल्मों में अहम भूमिका निभा चुकी हैं।