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नीट पेपर लीक पर काकोली घोष दस्तीदार की माँग: परीक्षा व्यवस्था में सुधार से ही बहाल होगा छात्रों का भरोसा

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नीट पेपर लीक पर काकोली घोष दस्तीदार की माँग: परीक्षा व्यवस्था में सुधार से ही बहाल होगा छात्रों का भरोसा

सारांश

TMC छोड़कर NCPI में शामिल हुईं पूर्व सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने नीट पेपर लीक पर छात्रों की माँगों का समर्थन किया और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शी सुधार की अपील की। साथ ही सुवेंदु अधिकारी ने देशविरोधी नारों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

काकोली घोष दस्तीदार ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की सदस्यता ली है।
वे बारासात लोकसभा सीट से चार बार सांसद रह चुकी हैं।
उन्होंने नीट पेपर लीक पर छात्रों की माँगों का समर्थन करते हुए UGC , केंद्र और राज्य सरकारों से ठोस सुधार की अपील की।
प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और बाहरी तत्वों की भूमिका पर भी उन्होंने चिंता जताई।
सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि देशविरोधी नारों पर तुरंत कार्रवाई होगी, लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर रोक नहीं।

डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, जो हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुई हैं, ने शुक्रवार, 24 जुलाई को नीट परीक्षा के पेपर लीक को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध प्रदर्शनों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पूर्व सांसद ने छात्रों की जायज माँगों का समर्थन करते हुए परीक्षा प्रणाली में ठोस और पारदर्शी सुधारों की अपील की।

काकोली घोष दस्तीदार का रुख

बारासात लोकसभा सीट से चार बार सांसद रह चुकीं डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, 'हमारे छात्र निष्पक्ष, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली के हकदार हैं, इसलिए मैं शिक्षा व्यवस्था में ऐसे ठोस सुधारों की माँग करती हूँ, जो कमियों को दूर करें, सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करें और परीक्षा प्रक्रिया में छात्रों का भरोसा फिर से कायम करें।' उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और संसद से इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की।

हिंसा और बाहरी तत्वों पर चिंता

छात्र आंदोलन को समर्थन देने के साथ-साथ डॉ. घोष दस्तीदार ने प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और बाहरी तत्वों द्वारा स्थिति का फायदा उठाने की आशंका पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'मैं आंदोलन के दौरान हिंसा की किसी भी घटना और हालात का फायदा उठाकर शांति भंग करने की कोशिश करने वाले बाहरी तत्वों को लेकर गहरी चिंता जताती हूँ। हालाँकि छात्रों की जायज माँगों का सम्मान होना चाहिए और उन पर ईमानदारी तथा जल्द ध्यान दिया जाना चाहिए।' उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत और न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।

सुवेंदु अधिकारी की चेतावनी

इस बीच, पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले विरोध-प्रदर्शनों में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। हालाँकि उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर किसी जुलूस में देश विरोधी नारे लगाए गए, तो मैं तुरंत कार्रवाई करूँगा। देश को 1947 में आज़ादी मिली थी, इसलिए "आज़ादी" के नारे बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे।' उन्होंने आगे कहा कि वे पश्चिम बंगाल से देशविरोधी ताकतों का पूरी तरह सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद ने देशभर में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। गौरतलब है कि डॉ. काकोली घोष दस्तीदार का TMC छोड़कर NCPI में जाना और इस मुद्दे पर उनका सार्वजनिक बयान, दोनों ही राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। उत्तर 24 परगना जिले की बारासात सीट से लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाली एक वरिष्ठ नेता का यह कदम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव के संकेत देता है।

आगे क्या

नीट सुधार की माँग को लेकर देशभर में छात्र संगठन सक्रिय हैं और मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। डॉ. घोष दस्तीदार जैसे नेताओं की आवाज़ इस मुद्दे को संसदीय दबाव में तब्दील कर सकती है। आने वाले दिनों में UGC और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया इस आंदोलन की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक साथ। लेकिन असली सवाल यह है कि NCPI जैसी छोटी क्षेत्रीय पार्टी में जाने के बाद उनकी माँगों का संसदीय असर कितना होगा। नीट सुधार की माँग नई नहीं है — वर्षों से UGC और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन ठोस बदलाव अब तक सीमित रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी की 'आज़ादी' नारे पर चेतावनी राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और इसे छात्र आंदोलन के साथ जोड़कर देखना सतर्कता माँगता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने नीट पेपर लीक पर क्या कहा?
उन्होंने छात्रों की माँगों का समर्थन करते हुए परीक्षा व्यवस्था में निष्पक्ष और पारदर्शी सुधार की अपील की। साथ ही केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, UGC और संसद से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।
काकोली घोष दस्तीदार ने TMC क्यों छोड़ी?
स्रोत के अनुसार उन्होंने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने का फैसला किया। TMC छोड़ने के विस्तृत कारणों का उल्लेख स्रोत में नहीं है।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट (NEET) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं। छात्र पारदर्शी जाँच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और समान अवसर की माँग कर रहे हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने नीट प्रदर्शनों पर क्या रुख अपनाया?
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी, लेकिन देशविरोधी नारों पर तुरंत कार्रवाई होगी। उन्होंने 'आज़ादी' के नारों को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।
नीट सुधार के लिए किन संस्थाओं से अपील की गई है?
डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और संसद से इस मामले को गंभीरता से लेने और जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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