आंध्र प्रदेश में इबोला अलर्ट: विशाखापत्तनम, तिरुपति, विजयवाड़ा हवाई अड्डों पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश सरकार ने 24 मई 2026 को अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के तेज़ी से बढ़ते मामलों और मृत्यु दर में वृद्धि को देखते हुए राज्यव्यापी अलर्ट जारी किया। राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सत्यकुमार यादव ने घोषणा की कि विशाखापत्तनम, तिरुपति और विजयवाड़ा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की तत्काल स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की चेतावनियों और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर उठाया गया है।
किन देशों से आने वाले यात्रियों पर नज़र
मंत्री सत्यकुमार यादव ने विशेष रूप से कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में इबोला के प्रसार पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांगो और युगांडा में स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। इन देशों से हवाई और सड़क मार्ग दोनों से आने वाले यात्रियों पर निगरानी रखी जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब WHO ने वैश्विक स्तर पर इबोला के प्रसार को लेकर सदस्य देशों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गौरतलब है कि इबोला एक अत्यंत संक्रामक और घातक वायरस है, जिसकी मृत्यु दर ऐतिहासिक रूप से 25% से 90% के बीच रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
मंत्री ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इबोला के संभावित मामलों के प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार है। वायरस के लक्षण प्रदर्शित करने वाले किसी भी व्यक्ति को तत्काल क्वारंटाइन में रखा जाएगा और उनके संपर्क में आए लोगों की फ़ौरन चिकित्सा जांच की जाएगी।
इसके अलावा, विशाखापत्तनम बंदरगाह के अधिकारियों के साथ भी समन्वय बैठक की गई है और जिला प्रशासन को एहतियाती उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। हवाई अड्डा अधिकारियों और संबंधित जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच घनिष्ठ तालमेल सुनिश्चित किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की भूमिका
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार इबोला प्रभावित देशों से भारत में प्रवेश करने वाले यात्रियों के विवरण पर कड़ी नज़र रख रही है और संबंधित राज्यों को आवश्यक जानकारी समय पर भेज रही है। WHO की चेतावनियों और केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर राज्य अपनी कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं।
कोविड अनुभव से सबक
कोविड-19 महामारी के दौरान प्राप्त अनुभवों का हवाला देते हुए मंत्री ने बताया कि इबोला से संबंधित आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाई जा रही है। यह योजना एहतियाती उपायों, क्वारंटाइन प्रोटोकॉल और संपर्क अनुरेखण को समाहित करेगी।
आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से और दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है, ताकि राज्य में किसी भी संभावित प्रसार को समय रहते रोका जा सके।