18 जुलाई 2026
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बांग्लादेश में खसरे का कहर: मई में 309 बच्चों की मौत, कुल आँकड़ा 594 के पार

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बांग्लादेश में खसरे का कहर: मई में 309 बच्चों की मौत, कुल आँकड़ा 594 के पार

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप विकराल रूप ले चुका है। मई 2026 में 309 बच्चों की मौत के साथ कुल मृतकों की संख्या 594 के पार पहुँच गई है, और संदिग्ध मामले 73,362 तक। WHO और UNICEF ने वैक्सीनेशन कवरेज में कमी को मुख्य वजह बताया है — एक संकट जो दक्षिण एशिया में 'जीरो-डोज़' बच्चों की बढ़ती तादाद की ओर इशारा करता है।

मुख्य बातें

15 मार्च 2026 से अब तक बांग्लादेश में खसरे और इससे जुड़े लक्षणों से 594 बच्चों की मौत हो चुकी है।
अकेले मई में 309 बच्चों ने जान गँवाई; पिछले 24 घंटों में छह और मौतें ।
कुल संदिग्ध मामले 73,362 , लैब-पुष्ट मामले 9,136 तक पहुँचे।
59,106 मरीज़ अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें 54,812 ठीक हो चुके हैं।
मरने वाले अधिकतर बच्चे पाँच साल से कम उम्र के थे और कई का पूरा टीकाकरण नहीं हुआ था।
WHO और UNICEF ने टीकाकरण कवरेज में कमी को संकट का मुख्य कारण बताया।

बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप ने 500 से अधिक बच्चों की जान ले ली है, जिसमें अकेले मई 2026 में ही खसरे और इससे संबंधित लक्षणों से 309 बच्चों की मौत दर्ज की गई है। 15 मार्च से लेकर अब तक मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 594 तक पहुँच चुकी है, और मंगलवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में छह और बच्चों की जान चली गई।

मुख्य आँकड़े और ताज़ा हालात

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में मारे गए छह बच्चों की मौत को संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, खसरे से मिलते-जुलते लक्षणों से मरने वालों की संख्या अब 504 तक पहुँच गई है, जबकि 90 मौतों की पुष्ट वजह खसरा ही माना गया है।

इसी अवधि में 1,292 नए संदिग्ध मामले दर्ज किए गए, जिससे कुल संदिग्ध मामले बढ़कर 73,362 हो गए हैं। वहीं 42 नए लैब-पुष्ट मामलों के साथ कन्फर्म मामलों की संख्या 9,136 तक पहुँच गई है।

अस्पतालों पर बोझ

आँकड़ों के अनुसार, 15 मार्च से अब तक खसरे से मिलते-जुलते लक्षणों वाले कुल 59,106 मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 54,812 ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च से मई 2026 के बीच बांग्लादेश में खसरे के 62,000 से अधिक संदिग्ध मामले और 8,000 से अधिक लैब-पुष्ट संक्रमण दर्ज किए जा चुके हैं।

वैक्सीनेशन में कमी मुख्य कारण

बांग्लादेश के अंग्रेज़ी दैनिक डेली सन के अनुसार, मरने वाले अधिकतर बच्चे पाँच वर्ष से कम उम्र के थे और कई को खसरे का पूरा टीकाकरण कोर्स नहीं मिला था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और UNICEF ने भी मौजूदा संकट के पीछे टीकाकरण कवरेज में आई गिरावट को एक प्रमुख कारण बताया है।

क्यों है खसरा इतना ख़तरनाक

विशेषज्ञों के अनुसार, खसरा दुनिया की सबसे तेज़ी से फैलने वाली वायरल बीमारियों में से एक है। एक संक्रमित बच्चा अपने आसपास के लगभग 90 फ़ीसदी बिना टीका लगे बच्चों में यह वायरस फैला सकता है। यही कारण है कि कम टीकाकरण वाले इलाकों में संक्रमण की रफ़्तार विस्फोटक हो जाती है।

आगे क्या

स्वास्थ्य अधिकारी प्रभावित ज़िलों में आपात टीकाकरण अभियानों और सर्विलांस को बढ़ाने पर ज़ोर दे रहे हैं। आने वाले हफ़्तों में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से तकनीकी सहयोग और वैक्सीन आपूर्ति बढ़ाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

टीकाकरण व्यवस्था की संरचनात्मक चूक का संकेत है। कोविड के बाद दक्षिण एशिया में नियमित टीकाकरण कवरेज लगातार गिरी है, और 'जीरो-डोज़' बच्चों की तादाद बढ़ी है — खसरा अब उसी अंतर का सबसे क्रूर सूचक बन रहा है। 594 मौतों में से अधिकांश पाँच साल से कम उम्र की हैं, यह बताता है कि संकट गाँव-स्तरीय आउटरीच की है, अस्पतालों की नहीं। जब तक रूटीन इम्युनाइज़ेशन को राजनीतिक प्राथमिकता नहीं बनाया जाता, ऐसे प्रकोप सीमाओं की परवाह किए बिना दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितने बच्चों की मौत हुई है?
15 मार्च 2026 से अब तक बांग्लादेश में खसरे और इससे जुड़े लक्षणों से कुल 594 बच्चों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से 504 मौतें संदिग्ध श्रेणी में और 90 मौतें खसरे की पुष्ट वजह से मानी गई हैं।
मई 2026 में बांग्लादेश में खसरे का कितना असर रहा?
अकेले मई महीने में 309 बच्चों की मौत खसरे और इससे संबंधित लक्षणों से हुई। यह किसी एक महीने में दर्ज की गई सबसे बड़ी संख्या है, और मंगलवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में छह और बच्चों की जान गई।
खसरे के संदिग्ध और पुष्ट मामलों की मौजूदा स्थिति क्या है?
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार कुल संदिग्ध मामले 73,362 और लैब-पुष्ट मामले 9,136 तक पहुँच गए हैं। अब तक 59,106 मरीज़ अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें 54,812 ठीक हो चुके हैं।
इस प्रकोप के पीछे मुख्य वजह क्या मानी जा रही है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और UNICEF ने टीकाकरण कवरेज में आई कमी को मौजूदा संकट का मुख्य कारण बताया है। रिपोर्टों के अनुसार मरने वाले अधिकतर बच्चे पाँच साल से कम उम्र के थे और कई को खसरे का पूरा वैक्सीनेशन कोर्स नहीं मिला था।
खसरा कितनी तेज़ी से फैलने वाली बीमारी है?
खसरा दुनिया की सबसे तेज़ी से फैलने वाली वायरल बीमारियों में से एक है। एक संक्रमित बच्चा आसपास के लगभग 90 फ़ीसदी बिना टीका लगे बच्चों में यह वायरस फैला सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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