स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग: आयुष मंत्रालय ने बताए बुजुर्गों के लिए खास आसान योगासन
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय ने 31 मई 2026 को बुजुर्गों के लिए विशेष योगासनों की सिफारिश करते हुए स्पष्ट किया कि नियमित योग अभ्यास से बढ़ती उम्र में भी शरीर को चुस्त, लचीला और स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है। यह पहल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की आधिकारिक थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' के अंतर्गत की गई है, जो 21 जून 2026 को मनाया जाएगा।
मंत्रालय की सिफारिश: क्या है खास
मंत्रालय ने बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से 'कटि शक्ति विकासक' अभ्यास को प्रमुखता से अनुशंसित किया है। यह एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला योग क्रिया है, जिसमें कमर को धीरे-धीरे दाईं और बाईं तरफ घुमाया जाता है। मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास मुख्य रूप से शरीर के मध्य भाग यानी धड़ को मजबूत और लचीला बनाता है।
शरीर पर असर: क्या बदलता है
मंत्रालय के अनुसार, कटि शक्ति विकासक के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता बढ़ती है और कमर की अकड़न में कमी आती है। इससे झुकना, बैठना और चलना जैसे रोज़मर्रा के काम सहज हो जाते हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास बुजुर्गों में शारीरिक संतुलन, मजबूती और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में उपयोगी है।
सावधानी और शुरुआत का सही तरीका
मंत्रालय ने सलाह दी है कि इस अभ्यास की शुरुआत धीरे-धीरे करें और सांस पर पूरा ध्यान दें। विशेष रूप से उन बुजुर्गों को, जिन्हें पहले से कमर या जोड़ों की समस्या है, किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही यह अभ्यास शुरू करना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देश में बुज़ुर्ग आबादी तेज़ी से बढ़ रही है और उनसे जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियाँ एक नीतिगत प्राथमिकता बन रही हैं।
विश्व योग दिवस की तैयारी
21 जून 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय लगातार विभिन्न योगासनों और उनके फायदों के बारे में जन-जागरूकता अभियान चला रहा है। मंत्रालय विभिन्न हस्तियों के माध्यम से भी आम जनता को योग के प्रति प्रोत्साहित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ बुढ़ापा कोई संयोग नहीं, बल्कि छोटे-छोटे और निरंतर प्रयासों का परिणाम होता है — और योग इन प्रयासों का सबसे सुलभ माध्यम है।
गौरतलब है कि भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु की जनसंख्या तेज़ी से बढ़ रही है, ऐसे में बुजुर्गों के लिए सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य समाधानों की ज़रूरत पहले से कहीं अधिक है। आने वाले हफ्तों में मंत्रालय और अधिक योगासनों की जानकारी जारी करने की योजना बना रहा है।