28 जून 2026
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तमिलनाडु पल्स पोलियो अभियान 2026: सीएम विजय ने चेन्नई से किया शुभारंभ, 52.91 लाख बच्चों को खुराक का लक्ष्य

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तमिलनाडु पल्स पोलियो अभियान 2026: सीएम विजय ने चेन्नई से किया शुभारंभ, 52.91 लाख बच्चों को खुराक का लक्ष्य

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 28 जून को चेन्नई के पलवक्कम से पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की। राज्यभर में 43,051 बूथों के ज़रिए एक ही दिन में 52.91 लाख बच्चों को पोलियोरोधी खुराक देने का लक्ष्य — भारत की पोलियो-मुक्त स्थिति की रक्षा का वार्षिक संकल्प।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय ने 28 जून 2026 को चेन्नई के पलवक्कम से तमिलनाडु के पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया।
राज्यभर में 5 वर्ष से कम आयु के 52.91 लाख बच्चों को एक दिन में पोलियोरोधी मौखिक खुराक देने का लक्ष्य।
अभियान के लिए 43,051 टीकाकरण बूथ अस्पतालों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित।
अभियान रविवार शाम 5 बजे तक चला; खुराक पूरी तरह निःशुल्क ।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया — पूर्व में टीकाकृत बच्चों को भी यह खुराक अनिवार्य रूप से दिलाई जाए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 28 जून 2026 को चेन्नई के पलवक्कम स्थित आदि द्रविड़ कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को पोलियोरोधी मौखिक खुराक पिलाकर राज्य के वार्षिक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने एक ही दिन में राज्यभर के 5 वर्ष से कम आयु के 52.91 लाख बच्चों को पोलियोरोधी खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अभियान का ढाँचा और व्यापकता

इस वृहद जनस्वास्थ्य अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए राज्यभर में 43,051 टीकाकरण बूथ स्थापित किए गए हैं। ये बूथ सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों, टोल प्लाजा और चेकपोस्टों पर बनाए गए हैं। अभियान रविवार शाम 5 बजे तक चला, जिसमें हज़ारों स्वास्थ्यकर्मी, नर्सें, स्वयंसेवक और सरकारी अधिकारी शामिल रहे।

मुख्यमंत्री विजय ने पलवक्कम में स्वयं बच्चों को पहली खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की, जिसके तुरंत बाद तमिलनाडु के सभी जिलों में टीकाकरण शिविर एक साथ सक्रिय हो गए।

पोलियो और भारत की उपलब्धि

पोलियो (पोलियोमायलाइटिस) एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्यतः छोटे बच्चों को प्रभावित करता है और स्थायी लकवे का कारण बन सकता है। भारत ने इस बीमारी का सफलतापूर्वक उन्मूलन कर लिया है। गौरतलब है कि यह अभियान देश की पोलियो-मुक्त स्थिति को बनाए रखने और वायरस के पुनः प्रसार की किसी भी संभावना को समाप्त करने के उद्देश्य से हर वर्ष आयोजित किया जाता है।

स्वास्थ्य अधिकारियों की अपील

स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 5 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को — चाहे उसे पहले टीका लग चुका हो या नहीं — पोलियोरोधी मौखिक खुराक अवश्य दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण ही वायरस को दोबारा पनपने से रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

राज्य सरकार ने अभिभावकों और संरक्षकों से आग्रह किया कि वे निकटतम पल्स पोलियो बूथ पर जाकर अपने बच्चों को निःशुल्क खुराक दिलाएं और भारत की पोलियो-मुक्त उपलब्धि को संरक्षित रखने में सहभागी बनें।

आगे की राह

यह अभियान केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम का हिस्सा है, जो पूरे भारत में समन्वित रूप से चलाया जाता है। तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग इस वर्ष के लक्ष्य — 52.91 लाख बच्चे और 43,051 बूथ — को पूरा करने के प्रति प्रतिबद्ध है, जो राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना की व्यापकता को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

43,051 बूथ, एक दिन — लेकिन असली कसौटी कवरेज की गुणवत्ता है, न केवल मात्रा। भारत 2011 से पोलियो-मुक्त है, फिर भी पड़ोसी देशों में वायरस की सक्रियता को देखते हुए यह वार्षिक अभियान रणनीतिक अनिवार्यता है, न महज रस्म। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि दूरदराज़ और प्रवासी आबादी के बच्चे भी इस दायरे में आएं — यही वह अंतिम मील है जहाँ अभियान अक्सर चूकते हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु पल्स पोलियो अभियान 2026 क्या है?
यह तमिलनाडु सरकार का वार्षिक टीकाकरण अभियान है, जिसमें 28 जून 2026 को एक ही दिन में 5 वर्ष से कम आयु के 52.91 लाख बच्चों को पोलियोरोधी मौखिक खुराक दी गई। यह भारत की पोलियो-मुक्त स्थिति को बनाए रखने के राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा है।
अभियान की शुरुआत किसने और कहाँ की?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 28 जून 2026 को चेन्नई के पलवक्कम स्थित आदि द्रविड़ कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
टीकाकरण के लिए कितने बूथ बनाए गए और कहाँ?
राज्यभर में 43,051 टीकाकरण बूथ स्थापित किए गए। ये सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों और टोल प्लाजा पर बनाए गए थे।
क्या पहले से टीकाकृत बच्चों को भी यह खुराक देना ज़रूरी है?
हाँ, स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 5 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को — चाहे उसे पहले खुराक मिल चुकी हो या नहीं — पोलियोरोधी मौखिक खुराक अवश्य दिलाई जानी चाहिए। यह सामूहिक प्रतिरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
भारत पोलियो-मुक्त होने के बावजूद यह अभियान क्यों ज़रूरी है?
भारत ने 2011 में पोलियो उन्मूलन हासिल किया, लेकिन पड़ोसी देशों में वायरस की सक्रियता के कारण पुनः संक्रमण का खतरा बना रहता है। वार्षिक पल्स पोलियो अभियान बच्चों में प्रतिरक्षा स्तर ऊँचा रखकर इस जोखिम को समाप्त करता है।
राष्ट्र प्रेस
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