तमिलनाडु पल्स पोलियो अभियान 2026: सीएम विजय ने चेन्नई से किया शुभारंभ, 52.91 लाख बच्चों को खुराक का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 28 जून 2026 को चेन्नई के पलवक्कम स्थित आदि द्रविड़ कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को पोलियोरोधी मौखिक खुराक पिलाकर राज्य के वार्षिक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने एक ही दिन में राज्यभर के 5 वर्ष से कम आयु के 52.91 लाख बच्चों को पोलियोरोधी खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अभियान का ढाँचा और व्यापकता
इस वृहद जनस्वास्थ्य अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए राज्यभर में 43,051 टीकाकरण बूथ स्थापित किए गए हैं। ये बूथ सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों, टोल प्लाजा और चेकपोस्टों पर बनाए गए हैं। अभियान रविवार शाम 5 बजे तक चला, जिसमें हज़ारों स्वास्थ्यकर्मी, नर्सें, स्वयंसेवक और सरकारी अधिकारी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री विजय ने पलवक्कम में स्वयं बच्चों को पहली खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की, जिसके तुरंत बाद तमिलनाडु के सभी जिलों में टीकाकरण शिविर एक साथ सक्रिय हो गए।
पोलियो और भारत की उपलब्धि
पोलियो (पोलियोमायलाइटिस) एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्यतः छोटे बच्चों को प्रभावित करता है और स्थायी लकवे का कारण बन सकता है। भारत ने इस बीमारी का सफलतापूर्वक उन्मूलन कर लिया है। गौरतलब है कि यह अभियान देश की पोलियो-मुक्त स्थिति को बनाए रखने और वायरस के पुनः प्रसार की किसी भी संभावना को समाप्त करने के उद्देश्य से हर वर्ष आयोजित किया जाता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों की अपील
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 5 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को — चाहे उसे पहले टीका लग चुका हो या नहीं — पोलियोरोधी मौखिक खुराक अवश्य दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण ही वायरस को दोबारा पनपने से रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
राज्य सरकार ने अभिभावकों और संरक्षकों से आग्रह किया कि वे निकटतम पल्स पोलियो बूथ पर जाकर अपने बच्चों को निःशुल्क खुराक दिलाएं और भारत की पोलियो-मुक्त उपलब्धि को संरक्षित रखने में सहभागी बनें।
आगे की राह
यह अभियान केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम का हिस्सा है, जो पूरे भारत में समन्वित रूप से चलाया जाता है। तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग इस वर्ष के लक्ष्य — 52.91 लाख बच्चे और 43,051 बूथ — को पूरा करने के प्रति प्रतिबद्ध है, जो राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना की व्यापकता को दर्शाता है।