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तमिलनाडु पल्स पोलियो अभियान 29 जून से: सीएम विजय करेंगे शुभारंभ, 52.91 लाख बच्चों को खुराक का लक्ष्य

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तमिलनाडु पल्स पोलियो अभियान 29 जून से: सीएम विजय करेंगे शुभारंभ, 52.91 लाख बच्चों को खुराक का लक्ष्य

सारांश

तमिलनाडु में रविवार से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान में 52.91 लाख बच्चों को खुराक देने का लक्ष्य है। सीएम विजय चेन्नई के पलावक्कम से शुभारंभ करेंगे। 43,051 केंद्रों के अलावा दुर्गम क्षेत्रों के लिए मोबाइल दल भी तैनात — भारत के 2014 में मिले पोलियो-मुक्त दर्जे की सुरक्षा की कोशिश।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय रविवार, 29 जून 2025 को चेन्नई के पलावक्कम से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ करेंगे।
इस वर्ष 52.91 लाख बच्चों (पाँच वर्ष से कम आयु) को पोलियो खुराक देने का लक्ष्य निर्धारित।
राज्यभर में 43,051 टीकाकरण केंद्र स्थापित — बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और आंगनवाड़ी केंद्र शामिल।
दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए मोबाइल चिकित्सा दल तैनात, घर-घर जाकर खुराक पिलाएंगे।
WHO ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो-मुक्त घोषित किया था; वार्षिक अभियान इस दर्जे की रक्षा के लिए जारी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय रविवार, 29 जून 2025 को चेन्नई के पलावक्कम स्थित आदि द्रविड़ कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर से राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने पाँच वर्ष से कम आयु के 52.91 लाख बच्चों को पोलियो की निःशुल्क खुराक पिलाने का लक्ष्य तय किया है। यह अभियान भारत के पोलियो-मुक्त दर्जे को बनाए रखने की दिशा में हर वर्ष उठाया जाने वाला अनिवार्य कदम है।

अभियान की तैयारियाँ और ढाँचा

तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में 43,051 टीकाकरण केंद्र स्थापित किए हैं। ये केंद्र सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, टोल प्लाजा, चेक पोस्ट और हवाई अड्डों पर बनाए गए हैं — ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए।

अभियान के शुभारंभ से एक दिन पहले शनिवार को ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के आयुक्त जी.एस. समीरन ने पलावक्कम स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दूरदराज क्षेत्रों तक पहुँच

पहाड़ी और दुर्गम इलाकों तथा अलग-थलग बसे गाँवों में रहने वाले बच्चों तक पहुँचने के लिए विशेष मोबाइल चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं। ये टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जिससे भौगोलिक दूरी टीकाकरण में बाधा न बने।

विशेषज्ञों की सलाह और अभिभावकों से अपील

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे पाँच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को निकटतम केंद्र पर अवश्य लाएँ — भले ही उन्हें पहले नियमित टीकाकरण या पोलियो की खुराक मिल चुकी हो। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार दी जाने वाली पोलियो खुराक बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने और बीमारी की पुनः वापसी रोकने के लिए आवश्यक है।

भारत का पोलियो-मुक्त दर्जा और अभियान की अहमियत

गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो-मुक्त घोषित किया था। यह ऐसे समय में आया था जब दशकों के सघन टीकाकरण अभियानों ने इस अत्यधिक संक्रामक बीमारी को देश से लगभग समाप्त कर दिया था। हालाँकि, पोलियो वायरस की संभावित बाहरी वापसी के खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के तहत यह वार्षिक अभियान अनिवार्य रूप से जारी रखा जाता है।

यह अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य उपलब्धि की निरंतर रक्षा का प्रयास है — जो आने वाली पीढ़ियों को पोलियो-मुक्त भविष्य देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पड़ोसी देशों में पोलियो वायरस की सक्रियता यह याद दिलाती है कि यह उपलब्धि स्वतः स्थायी नहीं है। तमिलनाडु का 43,051 केंद्रों का नेटवर्क और मोबाइल दलों की तैनाती प्रशंसनीय है, परंतु असली परीक्षा उन अंतिम बच्चों तक पहुँचने में है जो प्रवासी परिवारों, अनौपचारिक बस्तियों या सीमावर्ती क्षेत्रों में रहते हैं। 52.91 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध वास्तविक कवरेज का आँकड़ा — जो अभियान के बाद सार्वजनिक होना चाहिए — ही बताएगा कि यह अभियान संख्या से आगे जाकर वास्तव में कितना प्रभावी रहा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु पल्स पोलियो अभियान 2025 कब और कहाँ से शुरू होगा?
यह अभियान रविवार, 29 जून 2025 को चेन्नई के पलावक्कम स्थित आदि द्रविड़ कल्याण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर से मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा शुरू किया जाएगा। इसके बाद पूरे राज्य में एक साथ टीकाकरण केंद्रों पर खुराक पिलाई जाएगी।
इस अभियान में कितने बच्चों को पोलियो खुराक देने का लक्ष्य है?
तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष पाँच वर्ष से कम आयु के 52.91 लाख बच्चों को पोलियो की निःशुल्क खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए राज्यभर में 43,051 टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
क्या जिस बच्चे को पहले पोलियो खुराक मिल चुकी है, उसे फिर से लाना जरूरी है?
हाँ, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार पहले खुराक मिल चुके बच्चों को भी अभियान में लाना आवश्यक है। बार-बार दी जाने वाली खुराक बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने और पोलियो की पुनः वापसी रोकने के लिए ज़रूरी मानी जाती है।
दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों तक खुराक कैसे पहुँचेगी?
पहाड़ी, दुर्गम और अलग-थलग क्षेत्रों के लिए विशेष मोबाइल चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं। ये टीमें घर-घर जाकर पात्र बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, ताकि भौगोलिक दूरी टीकाकरण में बाधा न बने।
भारत पोलियो-मुक्त होने के बाद भी यह अभियान क्यों चलाया जाता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो-मुक्त घोषित किया था। हालाँकि, पड़ोसी देशों में पोलियो वायरस की सक्रियता और बाहरी संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए इस दर्जे को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के तहत यह वार्षिक अभियान अनिवार्य रूप से जारी रखा जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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