भोपाल मंडल के 22 स्टेशनों व ट्रेनों में 28 जून से पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में 28 जून 2025 से तीन दिवसीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है, जिसके तहत शून्य से पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो-रोधी दवा पिलाई जाएगी। मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर 22 टीकाकरण बूथ स्थापित किए गए हैं और चलती ट्रेनों में भी मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
भोपाल रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अजय डोगरा ने 28, 29 और 30 जून को संचालित होने वाले इस विशेष टीकाकरण कार्यक्रम के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। रेल प्रशासन के अनुसार, भोपाल, इटारसी, बीना, गुना और गंजबासौदा सहित मंडल के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर टीकाकरण बूथ संचालित किए जाएंगे।
ट्रेनों में विशेष मोबाइल टीमें
यात्रा के दौरान भी बच्चों तक टीकाकरण की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें बीना दिशा में चलने वाली झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और राजकोट एक्सप्रेस तथा इटारसी दिशा में कर्नाटक एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस और उज्जैन दिशा में मालवा एक्सप्रेस सहित विभिन्न ट्रेनों में सवार होकर चलती गाड़ियों में बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी।
रेलवे कॉलोनियों तक पहुँच
मंडल के विभिन्न स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में निवासरत रेल कर्मचारियों के परिवारों के बच्चों की सुविधा के लिए पैसेंजर ट्रेनों के माध्यम से प्रत्येक स्टेशन पर रुक-रुककर पोलियो की खुराक दी जाएगी। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि दूरदराज के स्टेशनों के निकट रहने वाले परिवार भी इस अभियान का लाभ उठा सकें।
आम जनता पर असर
रेल प्रशासन ने यात्रियों और रेल कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपने शून्य से पाँच वर्ष तक के बच्चों को इस अभियान के दौरान अनिवार्य रूप से पोलियो की दवा पिलवाएँ। यह अभियान राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो कार्यक्रम का हिस्सा है, जो भारत को पोलियो-मुक्त बनाए रखने की दिशा में निरंतर प्रयासों का अंग है। गौरतलब है कि भारत को 2014 में पोलियो-मुक्त देश घोषित किया गया था, और इस दर्जे को बनाए रखने के लिए नियमित टीकाकरण अभियान अनिवार्य हैं।
क्या होगा आगे
यह तीन दिवसीय अभियान 30 जून 2025 तक जारी रहेगा। रेल प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि 22 बूथों पर पर्याप्त दवा और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध रहेंगे, ताकि कोई भी पात्र बच्चा इस सुरक्षा-कवच से वंचित न रहे।