सीकर में पल्स पोलियो अभियान: 3.16 लाख बच्चों को 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाने का लक्ष्य, 3,200 बूथ तैयार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के सीकर जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के शुभारंभ से एक दिन पहले, 27 जून को जन-जागरूकता रैली आयोजित की गई। इस अभियान के तहत जिले के 3.16 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 28 जून से 1 जुलाई तक चलने वाले इस तीन दिवसीय अभियान में जन्म से पाँच वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो-रोधी बूँदें पिलाई जाएंगी।
मुख्य घटनाक्रम
अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार स्वामी ने बताया कि जिले में कुल 3,200 बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी विशेष इंतज़ाम किए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान भी कोई बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं और आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।
स्वास्थ्य अधिकारी की अपील
सीकर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक महरिया ने कहा कि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर जागरूकता रैलियाँ इसीलिए आयोजित की जा रही हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने पोलियो को परास्त कर लिया है, लेकिन पड़ोसी देशों में यह वायरस अभी भी सक्रिय है। डॉ. महरिया ने कहा, "हमने पूरे देश से इस बीमारी को मिटाकर जीत हासिल की है — इस जीत को बरकरार रखना है।" उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को 'दो बूंद जिंदगी की' अवश्य पिलाएं।
नर्सिंग छात्राओं की भागीदारी
नर्सिंग छात्रा वर्षा ने बताया कि राष्ट्रीय पोलियो कार्यक्रम के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए वे सभी एकजुट हुई हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि पाँच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूँदें ज़रूर पिलाई जाएं। प्रथम वर्ष की एएनएम छात्रा करुण कंवर ने कहा कि यद्यपि देश में पोलियो की बीमारी अब समाप्त हो चुकी है, फिर भी यह अभियान भविष्य में इसके पुनः उभरने की संभावना को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील की।
आम जनता पर असर
यह अभियान राजस्थान के सीकर जिले के उन लाखों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके घरों में पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चे हैं। गौरतलब है कि पोलियो एक बार उन्मूलित होने के बाद भी सतर्कता की माँग करता है, क्योंकि सीमापार से वायरस के आने का खतरा बना रहता है। बूथों की व्यापक संख्या और यात्री स्थलों पर विशेष व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी पात्र बच्चा छूट न जाए।
क्या होगा आगे
अभियान 28 जून से 1 जुलाई 2026 तक जिले के सभी 3,200 बूथों पर संचालित रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे अपने नज़दीकी बूथ पर जाकर अपने बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं, ताकि सीकर जिला पोलियो-मुक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सके।