नौतपा 2026: भीषण गर्मी में गलत डाइट से हीट स्ट्रोक का खतरा, जानें क्या खाएँ और क्या नहीं
सारांश
मुख्य बातें
नौतपा की भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गलत खानपान से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। इन नौ दिनों में सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं और वातावरण का तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला जाता है, जिससे शरीर को अपना तापमान संतुलित रखने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है।
वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो इस दौरान शरीर पर ऊष्मीय दबाव (हीट स्ट्रेस) बढ़ जाता है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में शरीर को ऐसे भोजन की जरूरत होती है जो हल्का हो, जल्दी पच जाए और अतिरिक्त गर्मी पैदा न करे।
भारी और तैलीय भोजन क्यों है खतरनाक
भारी और तैलीय भोजन को पचाने में शरीर को अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘मेटाबॉलिक हीट प्रोडक्शन’ कहा जाता है। बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और अन्य तले-भुने व्यंजन पाचन तंत्र को धीमा करते हैं और शरीर के अंदर गर्मी बढ़ाकर थकान और कमजोरी पैदा कर सकते हैं।
मसाले, प्रोटीन और कैफीन का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, मिर्च और तीखे मसालों में मौजूद कुछ यौगिक मेटाबॉलिज्म को तेज कर देते हैं, जिससे अंदरूनी गर्मी और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह भारी प्रोटीन वाले भोजन को पचाने में शरीर अधिक ऊष्मा उत्पन्न करता है, इसलिए इस मौसम में हल्के प्रोटीन स्रोतों को बेहतर माना जाता है।
कोल्ड ड्रिंक और सोडा तुरंत ठंडक का एहसास देते हैं, लेकिन इनमें मौजूद अत्यधिक शुगर शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बिगाड़ सकती है। चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन मूत्र के जरिए शरीर से पानी तेजी से निकालता है, जिससे कमजोरी और थकान बढ़ सकती है।
नमक, बासी भोजन और बर्फीला पानी
आलोचकों और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि चिप्स और नमकीन जैसे अधिक सोडियम वाले पैकेज्ड स्नैक्स कोशिकाओं से पानी खींचकर फ्लूइड बैलेंस बिगाड़ देते हैं। गर्म मौसम में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, इसलिए बासी और खुले में रखा भोजन फूड पॉइजनिंग का बड़ा कारण बन सकता है। बहुत ठंडा या बर्फ वाला पानी पाचन तंत्र पर अचानक झटका डाल सकता है।
क्या खाना चाहिए
कथित तौर पर सबसे सुरक्षित विकल्प हल्का, ताजा और हाइड्रेटिंग भोजन है। नारियल पानी, छाछ, लस्सी, सत्तू और मौसमी फलों का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना हीट स्ट्रोक से बचाव की पहली शर्त है।
क्यों मायने रखती है यह सलाह
गौरतलब है कि उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में पारा सामान्य से ऊपर बना हुआ है, और भारतीय मौसम विभाग समय-समय पर हीटवेव की चेतावनी जारी करता रहा है। ऐसे में डाइट में छोटे-छोटे बदलाव भीषण गर्मी से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकते हैं।