जबलपुर में NCC ट्रेनिंग कैंप के दौरान 31 कैडेट लू की चपेट में, 7 ICU में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
जबलपुर के डुमना रोड स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (IIITDM) कैंपस में चल रहे नेशनल कैडेट कोर (NCC) प्रशिक्षण शिविर के दौरान 31 से अधिक कैडेट गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। 22 मई की शाम को हुई इस घटना में कैडेट्स में लू लगने और डिहाइड्रेशन के गंभीर लक्षण सामने आए, जिसके बाद सभी को तत्काल विक्टोरिया जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से कम से कम 7 कैडेट्स को इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में रखा गया है।
घटनाक्रम: कैसे बिगड़ी स्थिति
गुरुवार रात लगभग 8 बजे कैंप परिसर में कैडेट्स को अचानक चक्कर आने, उल्टी, दस्त और अत्यधिक कमज़ोरी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते कैंप में अफरा-तफरी मच गई और एनसीसी अधिकारियों ने तुरंत जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। प्रभावित सभी कैडेट्स को आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया गया।
भर्ती कराए गए 31 कैडेट्स में 15 लड़के और 16 लड़कियाँ शामिल हैं। अस्पताल पहुँचने पर कुछ कैडेट्स में पेट दर्द, सीने में दर्द, घबराहट और उनींदापन जैसे लक्षण भी देखे गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी का बयान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी ने बताया, 'घटना के बाद IIITDM में चल रहे NCC कैंप से बच्चे यहाँ आने लगे। अब तक 31 बच्चों को लाया गया है, जिनमें 15 लड़के और 16 लड़कियाँ शामिल हैं। जब उन्हें विक्टोरिया अस्पताल लाया गया, तो कुछ को पेट दर्द था, कुछ घबराए हुए थे। कुछ ने सीने में दर्द की शिकायत की, जबकि कुछ में उनींदापन और बेहोशी जैसी हालत के लक्षण दिखे।'
डॉ. कोठारी ने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआती उपचार हीटस्ट्रोक के लिए किया गया है, लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिकारी यह जाँचेंगे कि यह मामला फ़ूड पॉइज़निंग का था या केवल लू का। कैंप में परोसे गए भोजन के नमूने भी जाँच के लिए भेजे जाएँगे।
कैडेट्स की मौजूदा स्थिति
अस्पताल की मेडिकल टीम ने बताया कि अधिकांश कैडेट्स की हालत स्थिर है और वे उपचार पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालाँकि, 3 से 4 कैडेट्स की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और कम से कम 7 कैडेट्स को ICU में निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम सभी प्रशिक्षुओं पर कड़ी नज़र बनाए हुए है। प्रभावित कैडेट्स के परिजनों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दे दी गई है।
प्रशिक्षण शिविर की पृष्ठभूमि
यह NCC प्रशिक्षण शिविर 14 मई को शुरू हुआ था और 24 मई तक चलना है। इसमें जबलपुर और आस-पास के जिलों से 450 से अधिक NCC कैडेट्स भाग ले रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रारंभिक जाँच में भीषण गर्मी और खुले आसमान के नीचे की गई शारीरिक मेहनत को इस सामूहिक बीमारी का मुख्य कारण बताया गया है।
भीषण गर्मी का संदर्भ
मध्य प्रदेश इन दिनों भयंकर गर्मी की चपेट में है। राज्य के कई इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। विशेष रूप से जबलपुर में पिछले 4 दिनों से पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे बाहरी गतिविधियाँ स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत मौसम विभाग पहले ही मध्य भारत के लिए हीटवेव अलर्ट जारी कर चुका है। NCC और जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल में मौजूद हैं और राहत कार्यों में समन्वय बना रहे हैं।