गर्मी में नाक से खून आने का खतरा: जानें उपाय और बचाव
सारांश
Key Takeaways
- गर्मी में नाक से खून आना एक सामान्य समस्या है।
- प्राथमिक उपचार में सिर को आगे झुकाना और नाक को दबाना शामिल है।
- घरेलू उपायों से नाक की नमी बनाई रखी जा सकती है।
- हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
- ह्यूमिडिफायर और भाप लेना मददगार हो सकता है।
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गर्मियों का मौसम कई स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आता है। तेज धूप, गर्म हवा और शरीर में पानी की कमी का सीधा प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। इन समस्याओं में से एक है अचानक नाक से खून आना, जिसे चिकित्सा भाषा में एपिस्टेक्सिस कहा जाता है।
विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अक्सर देखी जाती है। चिकित्सकों के अनुसार, गर्मियों में नाक के अंदर की नमी में कमी आ जाती है, जिससे अंदर की परत सूखकर कमजोर हो जाती है और खून बहने लगता है।
नाक के अंदर की त्वचा बहुत ही पतली और संवेदनशील होती है। इसमें छोटी-छोटी रक्त नलिकाएं होती हैं, जो सूखने पर जल्दी फट सकती हैं। गर्म हवा और कम ह्यूमिडिटी के कारण यह परत और अधिक सूख जाती है। जब कोई व्यक्ति जोर से नाक साफ करता है या छींकता है, तो ये नलिकाएं टूट सकती हैं और खून बहने लगता है। इसके अलावा, एलर्जी, साइनस की समस्याएं, संक्रमण, या किसी चोट के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।
कुछ व्यक्तियों में हाई ब्लड प्रेशर या खून को पतला करने वाली दवाइयों का प्रभाव भी नाक से खून आने का कारण बन सकता है।
जब अचानक नाक से खून आने लगे, तो सही प्राथमिक उपचार करें। सबसे पहले सीधे बैठ जाएं और सिर को हल्का सा आगे की ओर झुकाएं। इससे खून बाहर निकलता है और गले में नहीं जाता। इसके बाद नाक के नरम हिस्से को अंगूठे से कुछ मिनटों तक दबाकर रखें। इस दौरान मुंह से सांस लेना बेहतर होता है। माथे या नाक पर ठंडी पट्टी या बर्फ रखने से भी खून की गति धीमी होती है और जल्दी रुकने में मदद मिलती है। आमतौर पर ये तरीके कुछ ही मिनटों में असर दिखा देते हैं।
यदि किसी को बार-बार नाक से खून आने की समस्या होती है, तो कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। नाक के अंदर हल्का सा नारियल तेल या पेट्रोलियम जेली लगाने से नमी बनी रहती है। गर्मियों में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। कमरे में ह्यूमिडिटी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग करना भी फायदेमंद होता है। इसके अलावा भाप लेना भी नाक के अंदर की सूखापन को कम करने में मदद करता है।