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पिंच मयूरासन: कंधे, कोर और आत्मविश्वास तीनों को मजबूत करने वाला योगासन

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पिंच मयूरासन: कंधे, कोर और आत्मविश्वास तीनों को मजबूत करने वाला योगासन

सारांश

पिंच मयूरासन सिर्फ एक योगासन नहीं — यह संतुलन, शक्ति और आत्मविश्वास की त्रिवेणी है। कोहनियों के सहारे पूरे शरीर को उल्टा साधने वाला यह आसन कंधों से लेकर कोर तक को सक्रिय करता है और आयुष मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है।

मुख्य बातें

पिंच मयूरासन को अंग्रेजी में 'फेदर पीकॉक पोज' कहते हैं; इसमें शरीर का भार कोहनियों और अग्रबाहुओं पर टिकता है, सिर पर नहीं।
आयुष मंत्रालय ने इसे आधिकारिक रूप से संतुलन और व्युत्क्रम आसन की श्रेणी में मान्यता दी है।
यह आसन कंधों, पीठ, कोर और कमर के निचले हिस्से को मजबूत करता है तथा रक्त संचार बेहतर करता है।
नियमित अभ्यास से शरीर की गतिशीलता बढ़ती है और उन्नत आर्म बैलेंस आसनों के लिए तैयारी होती है।
उच्च रक्तचाप या कंधे-गर्दन की चोट में यह आसन वर्जित है; शुरुआती अभ्यासी दीवार का सहारा लें।

पिंच मयूरासन — जिसे अंग्रेजी में 'फेदर पीकॉक पोज' कहते हैं — एक शक्तिशाली व्युत्क्रम योगासन है जो कोहनियों और अग्रबाहुओं के सहारे पूरे शरीर को उल्टा साधने की कला पर आधारित है। आयुष मंत्रालय ने इसे आधिकारिक रूप से संतुलन और व्युत्क्रम आसन की श्रेणी में मान्यता दी है। बढ़ती उम्र और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में काम करने से कमजोर होती मांसपेशियों को पुनः सक्रिय करने में यह आसन विशेष रूप से कारगर माना जाता है।

पिंच मयूरासन क्या है और यह अन्य आसनों से कैसे अलग है

अधिकांश उलटे आसनों में शरीर का भार सिर पर टिकता है, किंतु पिंच मयूरासन में यह भार कोहनियों और कलाई तक की अग्रबाहुओं पर वितरित होता है। यही इसे शीर्षासन से मौलिक रूप से अलग करता है। देखने में यह सरल लग सकता है, परंतु इसके सफल अभ्यास के लिए संतुलन, ऊपरी शरीर की ताकत और मानसिक धैर्य — तीनों का समन्वय आवश्यक है।

यह आसन केवल शारीरिक नहीं, मानसिक दृढ़ता का भी प्रतीक है। उल्टे होने का भय जीतकर इस मुद्रा को साधना आत्मविश्वास को नई ऊँचाई देता है।

शरीर पर क्या होते हैं प्रभाव

आयुष मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, इस आसन में कंधों, पीठ और पैरों की हड्डियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जब कूल्हों को ऊपर उठाया जाता है, तो मांसपेशियों में रक्त संचार तेज हो जाता है और पोषक तत्व हड्डियों तक तीव्र गति से पहुँचते हैं।

नियमित अभ्यास से बाहें, कंधे और कोर मजबूत होते हैं। इसके साथ ही शरीर की गतिशीलता और लचीलापन बेहतर होता है, जिससे अभ्यासी भविष्य में उन्नत आर्म बैलेंस आसनों के लिए तैयार हो जाता है। यह आसन कमर के निचले हिस्से को भी सुदृढ़ करता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है।

पिंच मयूरासन करने की सही विधि

इस आसन को सही तरीके से करने के लिए निम्न चरणों का पालन करें:

सबसे पहले जमीन पर घुटनों के बल बैठें और दोनों कोहनियों व हथेलियों को फर्श पर समानांतर रखें। इसके बाद पैरों को सीधा करते हुए कूल्हों को ऊपर उठाएं — यह स्थिति अधोमुख श्वानासन जैसी होगी। फिर कोर और कंधों की शक्ति का उपयोग करते हुए धीरे-धीरे पैरों को हवा में ऊपर की ओर ले जाएं। अंत में सिर को जमीन से ऊपर रखते हुए पैरों को आकाश की दिशा में पूरी तरह सीधा तान दें।

किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए

यह आसन सभी के लिए उपयुक्त नहीं है। उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों को इसे करने से बचना चाहिए। इसी प्रकार कंधे या गर्दन में चोट होने पर भी इस आसन का अभ्यास न करें। शुरुआती अभ्यासियों को संतुलन बनाने के लिए दीवार का सहारा लेने की सलाह दी जाती है।

योग विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी उन्नत आसन को बिना प्रशिक्षित मार्गदर्शन के अकेले न करें। धैर्य और निरंतरता के साथ किया गया अभ्यास ही दीर्घकालिक लाभ देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि उन्नत व्युत्क्रम आसनों के लिए प्रशिक्षित मार्गदर्शन की अनुशंसा अभी भी पर्याप्त रूप से रेखांकित नहीं होती। डिजिटल युग में 'घर पर खुद करें' योग की बढ़ती संस्कृति के बीच चोट के जोखिम को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिंच मयूरासन क्या है और इसे 'फेदर पीकॉक पोज' क्यों कहते हैं?
पिंच मयूरासन एक उन्नत व्युत्क्रम योगासन है जिसमें शरीर को कोहनियों और अग्रबाहुओं के सहारे उल्टा साधा जाता है। इसे अंग्रेजी में 'फेदर पीकॉक पोज' कहते हैं क्योंकि इस मुद्रा में शरीर की स्थिति मोर के पंख फैलाने जैसी दिखती है।
पिंच मयूरासन से शरीर को क्या फायदे होते हैं?
यह आसन कंधों, पीठ, कोर और कमर के निचले हिस्से को मजबूत करता है। कूल्हों को ऊपर उठाने पर रक्त संचार बढ़ता है और पोषक तत्व हड्डियों तक तेजी से पहुँचते हैं। साथ ही यह आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्नत आर्म बैलेंस आसनों की तैयारी में भी सहायक है।
पिंच मयूरासन करने का सही तरीका क्या है?
घुटनों के बल बैठकर कोहनियों और हथेलियों को फर्श पर समानांतर रखें। पैरों को सीधा कर कूल्हों को ऊपर उठाएं, फिर कोर और कंधों की शक्ति से पैरों को धीरे-धीरे हवा में ऊपर ले जाएं। सिर जमीन से ऊपर रखते हुए पैरों को आकाश की ओर पूरी तरह सीधा तान दें।
किन लोगों को पिंच मयूरासन नहीं करना चाहिए?
उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों और जिन्हें कंधे या गर्दन में चोट हो, उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए। शुरुआती अभ्यासियों को दीवार का सहारा लेने और प्रशिक्षित योग गुरु के मार्गदर्शन में ही इसका अभ्यास करने की सलाह दी जाती है।
क्या पिंच मयूरासन को आयुष मंत्रालय ने मान्यता दी है?
हाँ, आयुष मंत्रालय ने पिंच मयूरासन को संतुलन और व्युत्क्रम आसन के रूप में आधिकारिक मान्यता दी है। मंत्रालय के अनुसार इस आसन में शरीर का पूरा भार कोहनियों और बांहों पर टिकता है।
राष्ट्र प्रेस
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