जयपुर में जेप्टो डार्क स्टोर पर छापा: 1,550 डेयरी पैकेट और एक्सपायर्ड सामान नष्ट, नोटिस जारी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की एक केंद्रीय टीम ने 10 सितंबर 2026 को जयपुर के जगतपुरा स्थित जेप्टो के 'डार्क स्टोर' (डिलीवरी-ओनली वेयरहाउस) पर औचक निरीक्षण किया, जहाँ भंडारण तापमान, स्वच्छता और खाद्य सामग्री की स्थिति से जुड़ी गंभीर खामियाँ सामने आईं। मौके पर ही दूध, दही और छाछ के लगभग 1,550 पैकेट, 100 किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री और 7 किलोग्राम एक्सपायर्ड उत्पाद नष्ट कर दिए गए।
निरीक्षण की पृष्ठभूमि और मुख्य घटनाक्रम
यह कार्रवाई विभाग के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के अंतर्गत की गई। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ के निर्देश और आयुक्त (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण) अविचल चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संयुक्त आयुक्त विजय प्रकाश शर्मा की अगुवाई में टीम ने रामनगरिया विस्तार के ए-ब्लॉक स्थित जेडीएस मार्केटिंग के गोदाम का निरीक्षण किया।
गौरतलब है कि यह स्टोर प्रतिदिन लगभग 500 ऑर्डर डिलीवर करता है, जो इसे जयपुर के त्वरित-वाणिज्य (क्विक-कॉमर्स) नेटवर्क की एक अहम कड़ी बनाता है। ऐसे में यहाँ पाई गई खामियाँ सीधे उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा से जुड़ी हैं।
तापमान नियंत्रण में गंभीर चूक
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कोल्ड रूम और डीप फ्रीजर में तापमान 6 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि डेयरी उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए निर्धारित मानकों से यह काफी अधिक है। इस आधार पर सरस और अमूल ब्रांड समेत दूध, दही और छाछ के लगभग 1,550 पैकेट मौके पर ही नष्ट किए गए।
इसके अतिरिक्त, लगभग 100 किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री मिली जिन पर अनिवार्य 'बिक्री के लिए नहीं' का निशान भी नहीं लगाया गया था — जो खाद्य सुरक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
एक्सपायर्ड उत्पाद और स्वच्छता संबंधी उल्लंघन
बिक्री के लिए रखे सामान के बीच 7 किलोग्राम एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद मिले, जिनमें म्यूसली, कैंडी और भुजिया शामिल थे। इन्हें जब्त कर मौके पर नष्ट कर दिया गया। डार्क स्टोर और कोल्ड रूम के आसपास पान मसाला व जर्दा मिश्रित थूक के निशान, दीवारों पर गंदगी, और खाद्य सामग्री रखने के लिए उपयोग में लिए जाने वाले लोहे के रैक टूटे, गंदे और जंग लगे हुए मिले।
नमूने लिए गए, कानूनी कार्रवाई संभव
स्टोर मैनेजर कैलाश चंद मीणा की उपस्थिति में केंद्रीय टीम ने पिंटोला पीनट बटर और शहद के नमूने लिए, जिन्हें जाँच के लिए स्टेट सेंट्रल फूड लेबोरेटरी भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि लैब रिपोर्ट में मिलावट पाई जाती है या उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरते, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत संबंधित फर्म के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त आयुक्त विजय प्रकाश शर्मा ने डार्क स्टोर ऑपरेटर को औपचारिक नोटिस जारी कर तापमान नियंत्रण, स्वच्छता और भंडारण व्यवस्था में तत्काल सुधार का निर्देश दिया।
क्या होगा आगे
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन डिलीवरी और त्वरित-वाणिज्य से जुड़े सभी स्टोर और वेयरहाउस के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत राजस्थान भर में प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे। यह कार्रवाई देश में तेज़ी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स क्षेत्र के वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियामकीय नज़र कड़ी होने का संकेत देती है।