जयपुर के बनी पार्क होटल में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली, राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग ने की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान खाद्य सुरक्षा विभाग ने 17 अगस्त 2026 को जयपुर के बनी पार्क इलाके में एक निजी होटल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री समेत कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। यह कार्रवाई विभाग के 'शुद्ध आहार – मिलावट पर वार' अभियान के अंतर्गत की गई, जो राज्यभर में खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है।
निरीक्षण का विवरण
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त टी. शुभमंगला के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और संयुक्त आयुक्त विजय प्रकाश शर्मा की देखरेख में जयपुर मुख्यालय की एक केंद्रीय टीम ने गुरुवार को यह निरीक्षण किया। टीम ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत होटल में उपलब्ध पनीर और बाटी के एक-एक नमूने लिए, जिन्हें परीक्षण के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
एक्सपायर्ड सामग्री मौके पर नष्ट
निरीक्षण दल को होटल परिसर में कई एक्सपायर्ड खाद्य वस्तुएँ मिलीं — ब्रेड के 6 पैकेट, 1-1 किलो के पीनट बटर के 2 जार और स्वीट कॉर्न के 6 टिन। इन सभी एक्सपायर्ड वस्तुओं को टीम ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। गौरतलब है कि एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का भंडारण और उपयोग खाद्य सुरक्षा कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
एमएसजी चेतावनी न देना भी उल्लंघन
निरीक्षण में यह भी उजागर हुआ कि होटल के चाइनीज फूड मेन्यू में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) के उपयोग के बारे में अनिवार्य चेतावनी अंकित नहीं थी। खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, यदि किसी खाद्य पदार्थ में MSG मिलाया जाता है, तो मेन्यू में इसका स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य है। यह चूक भी होटल प्रबंधन के खिलाफ दर्ज की गई है।
सुधार नोटिस जारी होगा
खाद्य सुरक्षा विभाग निरीक्षण के दौरान पाई गई अन्य कमियों के लिए होटल प्रबंधन को एक अलग सुधार नोटिस जारी करेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
अभियान जारी रहेगा
विभाग ने दोहराया है कि 'शुद्ध आहार – मिलावट पर वार' अभियान के तहत पूरे राजस्थान में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, नमूना संग्रह और नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में खाद्य मिलावट और अनुचित भंडारण के मामले बढ़ते जा रहे हैं और नियामक एजेंसियाँ सख्त रुख अपना रही हैं।