2026 में 13 लाख से अधिक अफगान स्वदेश लौटे, IOM ने $8.8 मिलियन फंड की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने 31 अक्टूबर 2026 को जारी आँकड़ों में बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 13 लाख से अधिक अफगान नागरिक पड़ोसी देशों ईरान और पाकिस्तान से अफगानिस्तान वापस लौट चुके हैं। मध्य पूर्व संकट और पाकिस्तान द्वारा अफगान शरणार्थियों पर बढ़ाए गए दबाव के बीच यह वापसी तेज़ हुई है, और संगठन ने चेतावनी दी है कि सर्दियों से पहले आपातकालीन राहत के लिए धन की सख्त ज़रूरत है।
वापसी की रफ़्तार और पैमाना
आँकड़ों के अनुसार, यह वापसी असाधारण रूप से तेज़ है। गौरतलब है कि 2025 में पूरे वर्ष के दौरान लगभग 29 लाख अफगान स्वदेश लौटे थे, जबकि 2026 में अभी वर्ष समाप्त भी नहीं हुआ और संख्या 13 लाख को पार कर चुकी है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि ईरान और पाकिस्तान दोनों में अफगान नागरिकों के लिए स्थितियाँ और कठिन होती जा रही हैं।
लौटने वालों की यह भीड़ उन समुदायों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है जो पहले से ही गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट से जूझ रहे हैं। देश में आवास और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है।
IOM मिशन प्रमुख की अपील
अफगानिस्तान में IOM की मिशन प्रमुख मिह्युंग पार्क ने कहा, 'लोग ऐसे समुदायों में लौट रहे हैं जहाँ पहले से ही आवास और बुनियादी सुविधाओं पर भारी दबाव है। अब सर्दियों के दस्तक देने के साथ ही एक समस्या की ओर ध्यान देना ज़रूरी हो जाता है।'
पार्क ने आगे कहा, 'हमें अभी फंड की ज़रूरत है ताकि परिवारों को रहने की जगह मिल सके और मौसम की मार से बचने के लिए गर्म कपड़े मिल सकें। ये सब जल्द होना ज़रूरी है क्योंकि बाद में बर्फबारी के कारण दूर-दराज के इलाकों तक पहुँचना मुश्किल हो जाएगा।'
फंडिंग की कमी और राहत की माँग
IOM ने दानदाताओं से $8.8 मिलियन (करीब ₹73 करोड़) की फंडिंग की कमी पूरी करने की अपील की है। संगठन के अनुसार इस राशि से कमज़ोर समुदायों, देश के भीतर विस्थापित लोगों और हाल ही में लौटे नागरिकों को आपातकालीन आश्रय, सर्दियों के लिए ज़रूरी किट और घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
यह सहायता उससे पहले पहुँचाना अनिवार्य है जब अफगानिस्तान के दुर्गम पहाड़ी और ग्रामीण इलाके बर्फबारी के कारण पूरी तरह कट जाते हैं।
आम लोगों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है। लौटने वाले नागरिकों में बड़ी संख्या में महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग शामिल हैं जो विशेष रूप से सर्दियों की ठंड के प्रति संवेदनशील हैं। स्थानीय समुदायों में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सुविधाओं का पहले से ही अभाव है।
यह नवीं ऐसी स्थिति है जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ अफगानिस्तान के लिए आपातकालीन फंड की माँग कर रही हैं, लेकिन वैश्विक दानदाताओं की प्रतिक्रिया अपेक्षाओं से कम रही है।
आगे की राह
IOM का कहना है कि यदि समय रहते फंड नहीं मिला, तो सर्दियों में हज़ारों परिवार बिना पर्याप्त आश्रय के रहने को मजबूर होंगे। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है ताकि मानवीय तबाही को रोका जा सके।