1 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पाक-अफगान तनाव के बीच अफगान मंत्री हक्कानी की चेतावनी: 'बमबारी से नहीं डरते, ताकतवर दुश्मनों को हरा चुके हैं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पाक-अफगान तनाव के बीच अफगान मंत्री हक्कानी की चेतावनी: 'बमबारी से नहीं डरते, ताकतवर दुश्मनों को हरा चुके हैं'

सारांश

पाकिस्तान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अफगान सूचना मंत्री हक्कानी ने खुली चेतावनी दी — 'हम न डरते हैं, न हारे हैं।' अफगान वायु सेना पहले ही बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ISIS के कथित ठिकानों पर हमले कर चुकी है। दोनों देशों के बीच यह टकराव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर संकेत है।

मुख्य बातें

अफगानिस्तान के सूचना मंत्री शर अहमद हक्कानी ने 1 जुलाई 2026 को काबुल में कहा — 'हम बम धमाकों और मुश्किलों से नहीं डरते।' अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायु सेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान (पिशिन जिला) और खैबर पख्तूनख्वा (कंबर खेल, चित्राल) में ISIS के कथित ठिकानों पर हमले किए।
हमलों में ISIS और उसके समर्थकों को भारी नुकसान होने का दावा — स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं ।
पिछले कई महीनों से पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बार-बार गोलीबारी और नागरिक हताहत की घटनाएँ।
दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद फिलहाल सीमित, क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ी।

अफगानिस्तान के सूचना और संस्कृति मंत्री शर अहमद हक्कानी ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अफगान जनता बाहरी दबाव या सैन्य हमलों से नहीं डरती। काबुल में आयोजित एक पत्रकारिता सेमिनार में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान पहले ही उन विरोधियों को परास्त कर चुका है जो हथियारों और आधुनिक तकनीक में कहीं अधिक सक्षम थे। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव कई महीनों से लगातार गहराता जा रहा है।

मुख्य बयान और संदर्भ

पत्रकारों की बौद्धिक, वैचारिक और पेशेवर क्षमता विकास के लिए आयोजित सेमिनार में हक्कानी ने कहा, 'जिन लोगों ने बेरहमी से बमबारी करके हमारे बच्चों को नींद में मार डाला, उनसे हम कहना चाहते हैं कि हम बम धमाकों और मुश्किलों से नहीं डरते। हमने उन लोगों को हराया है, जो आधुनिक तकनीक और हथियारों के मामले में आपसे कहीं ज्यादा ताकतवर थे।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'हम न डरते हैं और न ही हारे हैं।' हक्कानी ने रेखांकित किया कि अफगानिस्तान दशकों के संघर्ष से गुज़रा है और धमकियाँ उसे झुका नहीं सकतीं।

अफगान वायु सेना के हमले — क्या हुआ

इससे पहले अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु सेना ने मंगलवार रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में कथित तौर पर आईएसआईएस (दाएश) से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानान इलाके में एक संयुक्त केंद्र को निशाना बनाया गया, जिसे अफगानिस्तान में तोड़फोड़ की गतिविधियाँ संचालित करने और नागरिकों पर बम हमलों की योजना बनाने का अड्डा बताया गया।

इसके अलावा, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल इलाके और चित्राल के शाह सलीम घाटी के गरम चश्मा क्षेत्र में भी दाएश के केंद्रों पर हमले किए गए। मंत्रालय ने दावा किया कि इन हमलों में आईएसआईएस और उसके समर्थकों को भारी नुकसान हुआ तथा बड़ी संख्या में लोग मारे गए — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

पाक-अफगान तनाव की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच सीमा पर कई बार गोलीबारी की घटनाएँ हो चुकी हैं और आम नागरिकों के हताहत होने की खबरें भी सामने आई हैं। यह ऐसे समय में है जब तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सरकार और इस्लामाबाद के बीच सीमा प्रबंधन, शरणार्थियों की वापसी और आतंकवाद-रोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर मतभेद लगातार बढ़ते रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

आम नागरिकों पर असर

सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिक इस तनाव की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी और हवाई हमलों की वजह से नागरिक हताहत होने की खबरें आई हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

आगे क्या

अफगान मंत्री के इस कड़े बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की संभावना फिलहाल सीमित दिखती है। क्षेत्रीय पर्यवेक्षक इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि क्या यह तनाव और अधिक सैन्य टकराव की ओर बढ़ेगा या दोनों पक्ष बातचीत का रास्ता चुनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी ISIS के खिलाफ पाकिस्तान भी अपनी लड़ाई का दावा करता है — फिर भी दोनों के बीच सैन्य टकराव जारी है। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि ये हमले सिर्फ सुरक्षा कार्रवाई नहीं, बल्कि तालिबान की घरेलू वैधता को मज़बूत करने का राजनीतिक औज़ार भी हैं। क्षेत्रीय शक्तियों — खासकर चीन और रूस — की चुप्पी इस संघर्ष को और जटिल बनाती है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगान मंत्री शर अहमद हक्कानी ने पाकिस्तान को क्या संदेश दिया?
हक्कानी ने 1 जुलाई 2026 को काबुल में कहा कि अफगान लोग बमबारी और बाहरी दबाव से नहीं डरते और उन्होंने पहले भी ताकतवर दुश्मनों को हराया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा — 'हम न डरते हैं और न ही हारे हैं।'
अफगान वायु सेना ने पाकिस्तान में किन ठिकानों पर हमले किए?
अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानान इलाके, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल के गरम चश्मा क्षेत्र में किए गए। इन्हें ISIS (दाएश) के संयुक्त केंद्र बताया गया।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव क्यों बढ़ रहा है?
कई महीनों से दोनों देशों के बीच सीमा पर बार-बार गोलीबारी, नागरिक हताहत और आतंकवाद-रोधी सहयोग को लेकर गहरे मतभेद हैं। अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तानी धरती से उसके खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती है।
अफगान हमलों में ISIS को कितना नुकसान हुआ?
अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि हमलों में ISIS और उसके समर्थकों को भारी नुकसान हुआ और बड़ी संख्या में लोग मारे गए। हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
इस तनाव का आम नागरिकों पर क्या असर पड़ रहा है?
सीमावर्ती इलाकों के आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हैं — गोलीबारी और हवाई हमलों में नागरिक हताहत की खबरें आई हैं। मानवाधिकार संगठनों ने दोनों तरफ के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले