अमेरिका के ईरान पर लगातार सातवें दिन हवाई हमले, होर्मुज स्ट्रेट बंद; 38 की मौत, 400 घायल
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेना ने शुक्रवार रात (भारतीय समयानुसार) ईरान पर लगातार सातवीं रात हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमज़ोर करना था। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपुर के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक अमेरिकी हमलों में करीब 38 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
ईरानी मीडिया के अनुसार, सिरिक, अहवाज और यज्द शहरों में धमाकों और हवाई हमलों की आवाज़ें सुनी गईं। अमेरिकी सेना ने ईरान के बिजली ढाँचे और इरानशहर हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया।
ईरान की सरकारी टीवी के अनुसार, दक्षिणी होरमोजगान प्रांत में कई पुलों को निशाना बनाया गया — ये पुल ईरान के सबसे बड़े बंदरगाह बंदर अब्बास तक पहुँचने के महत्वपूर्ण मार्ग हैं। इसके अतिरिक्त, चाबहार बंदरगाह पर स्थित एक टावर भी ध्वस्त किया गया; अमेरिका का दावा है कि इस टावर का उपयोग इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज़ों पर हमलों के संचालन के लिए कर रही थी।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता संकट
देर रात आईआरजीसी ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकर बारूदी सुरंगों (माइंस) से टकराने के बाद विस्फोट का शिकार हुए। हालाँकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह ग़लत बताया।
यह संघर्ष अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है। दोनों देशों के बीच पहले हुआ अंतरिम समझौता — जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना और स्थायी युद्धविराम की दिशा में बातचीत करना था — अब लगभग निष्प्रभावी होता दिखाई दे रहा है। ईरान ने स्ट्रेट को बंद कर दिया है, जबकि अमेरिका ने बुधवार को ईरानी बंदरगाहों और जहाज़ों पर अपनी नाकेबंदी फिर से लागू कर दी।
क्षेत्रीय देशों पर असर
आईआरजीसी ने शनिवार को दावा किया कि उसने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर उस स्थान को निशाना बनाया जहाँ अमेरिकी लड़ाकू विमान तैनात थे। इसके अलावा, बहरीन के बटेलको इंटेलिजेंस डेटा सेंटर पर भी हमला करने का दावा किया गया।
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसने कुवैत के अल-अहमदी पोर्ट स्थित अमेरिकी नौसैनिक ईंधन सपोर्ट पियर और अमेरिकी सिग्नल एवं संचार केंद्र को निशाना बनाया। ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के बीच कुवैत ने एहतियातन अपने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया।
ईरान में बिजली संकट
ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने नागरिकों से बिजली और एयर कंडीशनर का कम उपयोग करने की अपील की है। मंत्रालय के अनुसार, ऊर्जा ढाँचे पर हमलों और भीषण गर्मी के कारण दक्षिणी इलाकों में बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव है।
आगे क्या
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी मार्ग से गुज़रता है। अंतरिम समझौते के निष्प्रभावी होने के बाद किसी नई कूटनीतिक पहल का अभी कोई संकेत नहीं है।