अमी बेरा ने लगातार आठवीं बार जीता अमेरिकी प्रतिनिधि सभा चुनाव, सबसे लंबे समय तक सेवारत भारतीय-अमेरिकी सांसद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय प्रवासी परिवार से आने वाले अमी बेरा ने 4 नवंबर 2026 को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) का चुनाव लगातार आठवीं बार जीत लिया। कैलिफोर्निया के तीसरे कांग्रेसनल जिले में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को पराजित किया। इस जीत के साथ बेरा अमेरिकी संसद में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले भारतीय-अमेरिकी सांसद बने रहे।
चुनावी पृष्ठभूमि और नए निर्वाचन क्षेत्र से जीत
अमी बेरा वर्ष 2013 से सैक्रामेंटो काउंटी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कैलिफोर्निया में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन के बाद इस बार उन्होंने तीसरे कांग्रेसनल जिले से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। चुनावी फंडिंग रिकॉर्ड के अनुसार, 2026 के चुनावी चक्र में उनके अभियान ने लगभग 1.5 मिलियन डॉलर जुटाए और 14 अक्टूबर तक उनके पास करीब 1.7 मिलियन डॉलर नकद राशि उपलब्ध थी।
यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिकी राजनीति में तेज़ी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। बेरा उन तीन भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों में सबसे मध्यमार्गी (सेंट्रिस्ट) नेता माने जाते हैं।
विदेश नीति और भारत-अमेरिका संबंधों में भूमिका
बेरा प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति (फॉरेन अफेयर्स कमेटी) की पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र उपसमिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य हैं। वह हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के भी सदस्य हैं।
सितंबर 2025 में उन्होंने पाँच सदस्यीय अमेरिकी संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए भारत का दौरा किया। उस दौरान ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाकर 1 लाख डॉलर करने की घोषणा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा था, 'यह ठीक से सोची-समझी नीति नहीं थी। 1,000 से 4,000 डॉलर के बीच की फीस ज़्यादा उचित होती।' उन्होंने चेताया कि इससे अमेरिकी टेक कंपनियों को नुकसान होगा और वे हैदराबाद या बेंगलुरु में अपना विस्तार कर सकती हैं।
भारत-पाकिस्तान तनाव और टैरिफ विवाद पर रुख
जब ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया और कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुँचा, तब बेरा ने सीधे संवाद का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'अगर राष्ट्रपति ट्रंप मुझसे सलाह मांगें, तो मैं कहूंगा कि प्रधानमंत्री मोदी को फोन करिए।' उन्होंने यह भी कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कोई भी यह मानता है कि किसी अच्छे मित्र देश पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना सही रास्ता है।'
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव पर उन्होंने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की और कहा, 'आखिरकार भारत और पाकिस्तान, दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं और दोनों को तनाव कम करने की दिशा में काम करना चाहिए।'
व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और राजनीतिक पहचान
बेरा के माता-पिता गुजरात के राजकोट से अमेरिका जाकर बसे थे। उन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, इरविन से स्नातक और मेडिकल डिग्री हासिल की। अपनी मेडिकल पढ़ाई का खर्च खुद उठाते हुए उन्होंने 10,000 डॉलर से कम के कर्ज के साथ डिग्री पूरी की। करीब 20 वर्षों तक डॉक्टर के रूप में काम करते हुए वे कैलिफोर्निया पैसिफिक मेडिकल सेंटर में चीफ रेजिडेंट रहे।
2015 में वह 'कांग्रेसनल कॉकस ऑन इंडिया एंड इंडियन अमेरिकन्स' के सह-अध्यक्ष बनने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी सांसद बने। वह न्यू डेमोक्रेट कोएलिशन के सदस्य हैं और उनकी प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, सैक्रामेंटो क्षेत्र का विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा शामिल हैं। गौरतलब है कि वह जून 2023 में अमेरिकी कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान भी उपस्थित थे।
आगे क्या
आठवें कार्यकाल के साथ बेरा भारत-अमेरिका सम्बन्धों, एच-1बी नीति और एशिया-प्रशांत मामलों में अपनी निर्णायक भूमिका जारी रखेंगे। विदेश मामलों और इंटेलिजेंस समितियों में उनकी वरिष्ठ स्थिति यह सुनिश्चित करती है कि भारतीय हित और प्रवासी समुदाय के मुद्दे अमेरिकी नीति-निर्माण में प्रभावी रूप से उठते रहेंगे।