असीम मुनीर जल्द जाएंगे ईरान, रुबियो बोले — होर्मुज संकट पर पाकिस्तान है अमेरिका का मुख्य वार्ताकार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने 22 मई 2025 को भारत दौरे से पहले मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर बहुत जल्द ईरान का दौरा कर सकते हैं। रुबियो ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चल रही वार्ता में पाकिस्तान अमेरिका का प्राथमिक वार्ताकार देश है और दोनों पक्षों के बीच सर्वोच्च स्तर पर संपर्क जारी है।
रुबियो का बड़ा खुलासा — मुनीर का ईरान दौरा
रुबियो ने पत्रकारों से कहा कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर 'बहुत, बहुत जल्द' ईरान जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका अपनी सरकार के सर्वोच्च स्तर पर मुनीर के साथ लगातार संपर्क में है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत नाज़ुक मोड़ पर है।
होर्मुज स्ट्रेट पर 'प्लान बी' की चेतावनी
रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका के पास एक 'प्लान बी' भी तैयार है। उनके अनुसार, 'अगर ईरान स्ट्रेट खोलने से इनकार कर दे और वहाँ से गुज़रने वाले जहाज़ों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करे, तो किसी को इसके बारे में कुछ करना होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि इस संकट से अमेरिका से भी अधिक प्रभावित होने वाले देश वहाँ मौजूद हैं — विशेष रूप से खाड़ी देश।
रुबियो ने जोड़ा कि यदि ईरान तय करे कि वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखेगा और जहाज़ों से टोल वसूलेगा, तो 'वे उस स्थिति में अपनी मर्जी से स्ट्रेट नहीं खोलेंगे' — ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सक्रिय होना पड़ेगा।
ईरान वार्ता में पाकिस्तान की केंद्रीय भूमिका
रुबियो ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'इस मामले में मुख्य वार्ताकार पाकिस्तान रहा है और आगे भी रहेगा, और उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है।' उन्होंने कहा कि हालाँकि अन्य देशों — विशेष रूप से खाड़ी देशों — के भी अपने हित इसमें जुड़े हैं और अमेरिका उन सभी से बात करता है, लेकिन इस प्रक्रिया में पाकिस्तान सबसे अहम साझेदार है। गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद पाकिस्तान की यह कूटनीतिक सक्रियता उसकी बदलती क्षेत्रीय भूमिका को रेखांकित करती है।
ईरान परमाणु समझौते पर अमेरिका की उम्मीद
रुबियो ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कहा कि अमेरिका एक ऐसे समझौते की उम्मीद रखता है जिसमें होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे और ईरान अपने 'परमाणु हथियार के सपने' को छोड़ दे। उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य पर काम जारी है — 'यहाँ तक कि जब मैं अभी आपसे इस बारे में बात कर रहा हूँ।' यह बयान ऐसे समय आया जब रुबियो भारत सहित दो देशों की यात्रा पर निकलने वाले थे।
क्या होगा आगे
फील्ड मार्शल असीम मुनीर के संभावित ईरान दौरे पर सभी की निगाहें टिकी हैं। कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह दौरा ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकता है। साथ ही, रुबियो की भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श भी संभव है।