2 जुलाई 2026
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बलूच कार्यकर्ता सैयद बीबी की गिरफ्तारी पर मानवाधिकार संगठनों का विरोध, 'फासीवाद की इंतहा' बताया

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बलूच कार्यकर्ता सैयद बीबी की गिरफ्तारी पर मानवाधिकार संगठनों का विरोध, 'फासीवाद की इंतहा' बताया

सारांश

बलूच महिला कार्यकर्ता सैयद बीबी की 1 जुलाई को केच जिले से सीटीडी द्वारा गिरफ्तारी ने बलूचिस्तान में दमन के सवाल को फिर केंद्र में ला दिया है। कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे व्यवस्थित अभियान का हिस्सा बताते हुए संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।

मुख्य बातें

सैयद बीबी को 1 जुलाई को केच जिले स्थित आवास से काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) ने बिना कानूनी प्रक्रिया के गिरफ्तार किया।
बीबी पिछले चार महीनों से प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए साप्ताहिक सीटीडी हाजिरी दे रही थीं, फिर भी उन्हें हिरासत में लिया गया।
बीवाईसी , एचआरसीबी , बीडब्ल्यूएफ और बीएनएम सहित कई संगठनों ने गिरफ्तारी की निंदा की और इसे व्यवस्थित दमन का हिस्सा बताया।
एचआरसीबी के अनुसार मार्च 2026 में कथित खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों ने बिना वारंट उनके घर की तलाशी ली और तोड़फोड़ की।
बलूच महिला फोरम ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से तत्काल हस्तक्षेप और रिहाई की अपील की।

बलूचिस्तान की महिला कार्यकर्ता और बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की सदस्य सैयद बीबी की गिरफ्तारी के विरोध में 2 जुलाई को कई प्रमुख मानवाधिकार संगठन एकजुट हुए। संगठनों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यकर्ताओं के विरुद्ध बढ़ते दमन की एक और कड़ी है और इसे उन्होंने 'पाकिस्तानी फासीवाद' की पराकाष्ठा करार दिया।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

बीवाईसी के अनुसार, सैयद बीबी को 1 जुलाई को पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) ने केच जिले स्थित उनके आवास से बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लिया। संगठन का कहना है कि सैयद बीबी का नाम पाकिस्तान के आतंकवाद-रोधी कानून की 'फोर्थ शेड्यूल' निगरानी सूची में दर्ज होने के बावजूद वह पिछले चार महीनों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए प्रत्येक सप्ताह सीटीडी कार्यालय में हाजिरी दे रही थीं।

बीवाईसी ने यह भी आरोप लगाया कि तुर्बत क्षेत्र में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की घोषणा होते ही गिरफ्तारी से पूर्व सीटीडी अधिकारियों ने सैयद बीबी को बार-बार फोन कर परेशान किया।

फोर्थ शेड्यूल कानून पर सवाल

बीवाईसी ने कहा कि आतंकवाद-रोधी कानून की 'फोर्थ शेड्यूल' व्यवस्था का इस्तेमाल बलूचिस्तान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए किया जा रहा है। संगठन के अनुसार, इस कानून के कारण कई छात्र अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाए हैं और विरोध प्रदर्शनों की घोषणा होते ही सूचीबद्ध व्यक्तियों को सीटीडी कार्यालय बुलाकर पूछताछ और कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।

मानवाधिकार परिषद और अन्य संगठनों की प्रतिक्रिया

बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद (एचआरसीबी) ने इस गिरफ्तारी को सैयद बीबी के विरुद्ध वर्षों से जारी कथित उत्पीड़न और डराने-धमकाने की कार्रवाई का हिस्सा बताया। परिषद के अनुसार, वर्ष 2025 में किसी आतंकवाद के मामले में सार्वजनिक दोषसिद्धि न होने के बावजूद उनका नाम 'फोर्थ शेड्यूल' सूची में जोड़ा गया। एचआरसीबी ने यह भी दावा किया कि मार्च 2026 में कथित तौर पर खुफिया एजेंसियों से जुड़े सादे कपड़ों में आए लोगों ने बिना वारंट उनके घर की तलाशी ली और परिसर में तोड़फोड़ की।

परिषद का कहना है कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि बीवाईसी से जुड़े या उसके समर्थक माने जाने वाले लोगों के विरुद्ध कथित तौर पर चलाए जा रहे व्यापक और व्यवस्थित अभियान का हिस्सा है।

बलूच महिला फोरम (बीडब्ल्यूएफ) ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा, 'शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को हिरासत में रखना व्यक्तिगत स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी, संगठन बनाने के अधिकार और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।'

अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की माँग

बीडब्ल्यूएफ ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से सैयद बीबी की तत्काल रिहाई सुनिश्चित कराने के लिए हस्तक्षेप की अपील की है। साथ ही संगठन ने आतंकवाद-रोधी कानूनों के कथित दुरुपयोग पर निगरानी रखने और पाकिस्तान से घरेलू कानूनों एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुपालन की माँग की है।

बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के अध्यक्ष नसीम बलूच ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि सैयद बीबी की गिरफ्तारी बलूचिस्तान में कथित जबरन गुमशुदगी के बढ़ते मामलों की एक और कड़ी है। उन्होंने लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और पाकिस्तान पर जबरन गुमशुदगी की घटनाएं रोकने के लिए दबाव बनाए।' यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बलूचिस्तान में मानवाधिकार की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय दबाव पहले से बढ़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 'फोर्थ शेड्यूल' जैसे कानूनों के कथित व्यवस्थागत दुरुपयोग की कहानी है — जहाँ बिना दोषसिद्धि के भी निगरानी और प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि बीबी प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रही थीं, फिर भी उन्हें हिरासत में लिया गया — यह विरोधाभास कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि 'फोर्थ शेड्यूल' का दायरा अब केवल संदिग्ध आतंकवादियों तक सीमित नहीं रहा — छात्र, शिक्षक और महिला कार्यकर्ता भी इसकी जद में आ रहे हैं। बिना अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के यह सिलसिला थमने के आसार कम हैं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैयद बीबी कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
सैयद बीबी बलूचिस्तान की महिला कार्यकर्ता और बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की सदस्य हैं। बीवाईसी के अनुसार उन्हें 1 जुलाई को केच जिले से सीटीडी ने बिना कानूनी प्रक्रिया के गिरफ्तार किया; कथित तौर पर तुर्बत में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद यह कार्रवाई हुई।
पाकिस्तान का 'फोर्थ शेड्यूल' कानून क्या है और इसका दुरुपयोग कैसे होता है?
'फोर्थ शेड्यूल' पाकिस्तान के आतंकवाद-रोधी कानून की एक निगरानी सूची है जिसमें शामिल व्यक्तियों की गतिविधियाँ प्रतिबंधित हो जाती हैं। बीवाईसी और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि इसका इस्तेमाल बलूचिस्तान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और शिक्षकों को दबाने के लिए किया जा रहा है।
किन मानवाधिकार संगठनों ने इस गिरफ्तारी का विरोध किया है?
बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी), बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद (एचआरसीबी), बलूच महिला फोरम (बीडब्ल्यूएफ) और बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने गिरफ्तारी की निंदा की है। इन सभी ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।
सैयद बीबी के खिलाफ पहले क्या कार्रवाइयाँ हुई थीं?
एचआरसीबी के अनुसार वर्ष 2025 में बिना किसी सार्वजनिक दोषसिद्धि के उनका नाम 'फोर्थ शेड्यूल' सूची में जोड़ा गया। मार्च 2026 में कथित खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों ने बिना वारंट उनके घर की तलाशी ली और तोड़फोड़ की।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या माँग की गई है?
बलूच महिला फोरम ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से सैयद बीबी की तत्काल रिहाई सुनिश्चित कराने की अपील की है। साथ ही बीएनएम अध्यक्ष नसीम बलूच ने पाकिस्तान पर जबरन गुमशुदगी रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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