3 अगस्त 2026
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बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल, 19 जून से आमरण अनशन की चेतावनी

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बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल, 19 जून से आमरण अनशन की चेतावनी

सारांश

बलूचिस्तान में कर्मचारी संगठनों ने 7% वेतन वृद्धि ठुकराकर 35% महंगाई भत्ते की माँग के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। विधानसभा मार्च को पुलिस ने रोका, 10 से अधिक नेता गिरफ्तार। 19 जून से आमरण अनशन की चेतावनी ने प्रांतीय सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

मुख्य बातें

बलूचिस्तान एम्प्लाइज ग्रैंड अलायंस ने 18 जून 2025 को सरकारी विभागों और स्कूलों की अनिश्चितकालीन बंदी का ऐलान किया।
कर्मचारियों ने 7% वेतन वृद्धि अस्वीकार कर 35% महंगाई भत्ता और 25% वेतन वृद्धि की माँग रखी।
पुलिस ने क्वेटा में आँसू गैस का प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया; 10 से अधिक नेता व कार्यकर्ता गिरफ्तार।
गठबंधन ने 19 जून से आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
AGEGA के अनुसार, पंजाब सहित कई प्रांतों में संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30% महंगाई भत्ता अब तक नहीं मिला।

बलूचिस्तान एम्प्लाइज ग्रैंड अलायंस ने 18 जून को प्रांतीय सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए सभी सरकारी विभागों और स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया। गठबंधन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो 19 जून से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक डॉन के अनुसार, यह निर्णय उस समय लिया गया जब क्वेटा में कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं और 10 से अधिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। कर्मचारियों ने बलूचिस्तान बजट सत्र के दौरान विधानसभा तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी।

स्थानीय प्रशासन ने भारी पुलिस बल और फ्रंटियर कॉर्प्स तैनात कर प्रदर्शनकारियों को चमन फाटक के पास रोक दिया, जहाँ अलग-अलग इलाकों से आए कर्मचारी इकट्ठा हुए थे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आँसू गैस का इस्तेमाल किया।

कर्मचारियों की माँगें

गठबंधन ने प्रांतीय सरकार द्वारा बजट में घोषित 7% वेतन वृद्धि को सिरे से अस्वीकार कर दिया है। उनकी माँग है कि 35% महंगाई भत्ता और पहले वादा की गई 25% वेतन वृद्धि तत्काल लागू की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के चलते उनकी क्रय शक्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और सीमित आय में घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ 'कठोर कार्रवाई' की गई और अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया। हालाँकि बलूचिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान भर में सरकारी कर्मचारी संगठन वेतन और पेंशन सुधारों की माँग को लेकर मुखर हो रहे हैं। 2 जून को ऑल गवर्नमेंट एम्प्लाइज ग्रैंड अलायंस (AGEGA) के नेताओं ने कहा था कि पंजाब सहित कई प्रांतों के सरकारी कर्मचारियों को संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30% महंगाई/असमानता भत्ता अब तक नहीं मिला है।

पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, AGEGA नेतृत्व ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार द्वारा छुट्टी नकदीकरण (लीव एनकैश्मेंट) नियमों में हाल के संशोधनों के कारण कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले महत्वपूर्ण लाभों से वंचित होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि यह बलूचिस्तान में कर्मचारी असंतोष की पहली बड़ी अभिव्यक्ति नहीं है — प्रांत में आर्थिक तंगी और प्रशासनिक उपेक्षा की शिकायतें लंबे समय से चली आ रही हैं।

आगे क्या होगा

गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने माँगें नहीं मानीं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 19 जून से आमरण अनशन की घोषणा के साथ यह संकट बलूचिस्तान की प्रांतीय सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संकट जल्द ही केंद्र सरकार के लिए भी सिरदर्द बन सकता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान एम्प्लाइज ग्रैंड अलायंस की मुख्य माँगें क्या हैं?
गठबंधन ने प्रांतीय सरकार द्वारा बजट में घोषित 7% वेतन वृद्धि को अस्वीकार करते हुए 35% महंगाई भत्ता और पहले वादा की गई 25% वेतन वृद्धि की माँग रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण उनकी क्रय शक्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
क्वेटा में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने चमन फाटक के पास प्रदर्शनकारियों को रोककर आँसू गैस का इस्तेमाल किया और 10 से अधिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया।
बलूचिस्तान में हड़ताल से कौन-कौन सी सेवाएँ प्रभावित होंगी?
गठबंधन ने सभी सरकारी विभागों और स्कूलों को अनिश्चितकाल तक बंद रखने का ऐलान किया है। इससे प्रांत में शिक्षा और सरकारी प्रशासन दोनों ठप पड़ सकते हैं।
19 जून से आमरण अनशन की नौबत क्यों आई?
गठबंधन ने सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि माँगें नहीं मानी गईं तो 19 जून से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई और नेताओं की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया गया।
क्या पाकिस्तान के अन्य प्रांतों में भी सरकारी कर्मचारियों की ऐसी शिकायतें हैं?
हाँ, AGEGA के अनुसार पंजाब सहित कई प्रांतों के सरकारी कर्मचारियों को संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30% महंगाई/असमानता भत्ता अब तक नहीं मिला है। पंजाब में लीव एनकैश्मेंट नियमों में संशोधन के कारण भी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित होना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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