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बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का दो दिवसीय आंदोलन, 30% डिस्पैरिटी अलाउंस और 50% वेतन वृद्धि की मांग

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बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का दो दिवसीय आंदोलन, 30% डिस्पैरिटी अलाउंस और 50% वेतन वृद्धि की मांग

सारांश

बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का महागठबंधन सड़कों पर उतरा — 30% डिस्पैरिटी अलाउंस न मिलने, पेंशन में कटौती और बढ़ती महंगाई के बीच 50% वेतन वृद्धि की माँग के साथ। 15 जून का बड़ा धरना पाकिस्तान के आगामी बजट से ठीक पहले सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारी संगठनों के महागठबंधन ने 11 जून 2026 से दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू किया; 15 जून को बड़ा धरना प्रस्तावित।
गठबंधन आयोजक अब्दुल कुद्दूस काकर ने कर्मचारियों की समस्याएँ हल करने में सरकार की 'नाकामी' की आलोचना की।
AGEGA पंजाब के अनुसार, संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30% डिस्पैरिटी अलाउंस अभी तक प्रांतीय कर्मचारियों को नहीं मिला।
माँगों में वेतन और पेंशन में 50% वृद्धि , मकान किराया व चिकित्सा भत्तों में पाँच गुना बढ़ोतरी और पेंशन सुधारों की वापसी शामिल।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से माँग — बजट 2026-27 में कर्मचारी राहत पैकेज की घोषणा की जाए।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारी संगठनों और ट्रेड यूनियनों के महागठबंधन ने 11 जून 2026 को दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन और धरना शिविरों की घोषणा की है। महंगाई के अनुपात में वेतन न बढ़ने और संघीय-प्रांतीय कर्मचारियों के बीच वेतन असमानता के विरोध में यह आंदोलन क्वेटा सहित प्रांत भर में शुरू हो गया है।

मुख्य घटनाक्रम

गठबंधन के आयोजक अब्दुल कुद्दूस काकर के अनुसार, विरोध प्रदर्शन गुरुवार से आरंभ हो गया, जबकि 15 जून को बड़ा धरना दिया जाएगा। काकर ने कर्मचारियों और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में सरकार की 'नाकामी' की कड़ी आलोचना की।

गठबंधन की प्रमुख माँग है कि बढ़ती महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन में तत्काल संशोधन किया जाए। साथ ही, समान ग्रेड के संघीय और प्रांतीय कर्मचारियों को एकसमान वेतन एवं सुविधाएँ दी जाएँ।

वेतन असमानता और डिस्पैरिटी अलाउंस विवाद

ऑल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज ग्रैंड अलायंस (AGEGA) पंजाब के नेताओं ने 2 जून को जारी संयुक्त बयान में कहा कि पंजाब सहित अन्य प्रांतों के सरकारी कर्मचारियों को संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30 प्रतिशत डिस्पैरिटी अलाउंस अभी तक नहीं मिला है।

AGEGA नेतृत्व के अनुसार, लगातार बढ़ती महंगाई के कारण सरकारी कर्मचारियों की क्रय-शक्ति में भारी गिरावट आई है, जिससे सीमित आय में घर-परिवार चलाना कठिन हो गया है। गौरतलब है कि यह स्थिति पाकिस्तान में व्यापक आर्थिक संकट और मुद्रास्फीति की उस लहर की पृष्ठभूमि में उभरी है जिसने पिछले दो वर्षों में वेतनभोगी वर्ग को सबसे अधिक प्रभावित किया है।

पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों में कटौती का आरोप

गठबंधन का आरोप है कि पंजाब सरकार ने अवकाश नकदीकरण (लीव एनकैशमेंट) के नियमों में हालिया बदलाव कर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले महत्वपूर्ण लाभों से वंचित किया है। वर्तमान और सेवानिवृत्त — दोनों श्रेणियों के कर्मचारियों की पेंशन, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट में कटौती की जा रही है, जो कर्मचारी संगठनों के लिए सबसे बड़ी शिकायत बनकर उभरी है।

सरकार से प्रमुख माँगें

गठबंधन ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से माँग की है कि संघीय बजट 2026-27 में सरकारी कर्मचारियों को राहत देने वाले ठोस कदमों की घोषणा की जाए। विशेष रूप से निम्नलिखित माँगें रखी गई हैं:

30 प्रतिशत डिस्पैरिटी अलाउंस को सभी प्रांतों के कर्मचारियों तक विस्तारित किया जाए और उसके अतिरिक्त 15 प्रतिशत की और वृद्धि दी जाए। पेंशन सुधारों को वापस लिया जाए तथा सभी एडहॉक राहत भत्तों को मूल वेतनमान में शामिल किया जाए।

इसके अलावा, मौजूदा महंगाई को देखते हुए वेतन और पेंशन में कम-से-कम 50 प्रतिशत वृद्धि की जाए। मकान किराया, चिकित्सा और यात्रा भत्तों में कम-से-कम पाँच गुना बढ़ोतरी की जाए और वेतन ढाँचे की व्यापक समीक्षा की जाए।

आगे क्या

यह आंदोलन ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान का अगला संघीय बजट पेश होने वाला है और सरकार पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों के तहत राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने का दबाव है। कर्मचारी संगठनों की माँगें और सरकार की राजकोषीय सीमाएँ — दोनों के बीच का यह टकराव आगामी बजट सत्र में निर्णायक मोड़ ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन IMF कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान की राजकोषीय स्थिति इसे व्यावहारिक रूप से कठिन बनाती है — असली सवाल यह है कि शहबाज सरकार बजट से पहले इस दबाव को किस हद तक संभाल पाती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारियों का आंदोलन क्यों शुरू हुआ?
बलूचिस्तान में सरकारी कर्मचारी महंगाई के अनुपात में वेतन न बढ़ने, संघीय-प्रांतीय वेतन असमानता और पेंशन लाभों में कटौती के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं। संघीय बजट 2025-26 में घोषित 30% डिस्पैरिटी अलाउंस अभी तक प्रांतीय कर्मचारियों को न मिलना इस आक्रोश का प्रमुख कारण है।
AGEGA की प्रमुख माँगें क्या हैं?
ऑल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज ग्रैंड अलायंस (AGEGA) ने वेतन और पेंशन में कम-से-कम 50% वृद्धि, 30% डिस्पैरिटी अलाउंस के साथ अतिरिक्त 15% की बढ़ोतरी, पेंशन सुधारों की वापसी और मकान किराया व चिकित्सा भत्तों में पाँच गुना बढ़ोतरी की माँग की है। साथ ही, सभी एडहॉक भत्तों को मूल वेतनमान में शामिल करने की भी माँग है।
बलूचिस्तान में धरना कब होगा?
विरोध प्रदर्शन 11 जून 2026 से शुरू हो गया है और 15 जून को बड़ा धरना दिया जाएगा। गठबंधन आयोजक अब्दुल कुद्दूस काकर के अनुसार, यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कर्मचारियों की माँगें नहीं मानती।
पंजाब के कर्मचारियों को डिस्पैरिटी अलाउंस क्यों नहीं मिला?
AGEGA पंजाब के नेताओं के अनुसार, संघीय बजट 2025-26 में 30% डिस्पैरिटी अलाउंस की घोषणा होने के बावजूद पंजाब सहित अन्य प्रांतों ने इसे अभी तक लागू नहीं किया है। यह केंद्र-प्रांत नीति क्रियान्वयन की खाई को दर्शाता है।
पाकिस्तान सरकार से कर्मचारियों की बजट 2026-27 में क्या अपेक्षाएँ हैं?
गठबंधन ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से माँग की है कि आगामी संघीय बजट 2026-27 में कर्मचारियों के लिए ठोस राहत पैकेज घोषित किया जाए। इसमें वेतन-पेंशन वृद्धि, पेंशन सुधारों की वापसी और सभी प्रांतों में डिस्पैरिटी अलाउंस का समान वितरण शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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