बांग्लादेश में AI अपराध खतरनाक स्तर पर, 2025 में 68 दुष्प्रचार अभियानों में 50 डीपफेक वीडियो
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े अपराधों में खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज की गई है — 7 जून 2025 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में AI उपयोगकर्ताओं की संख्या तेज़ी से बढ़ने के साथ-साथ तकनीक-आधारित आपराधिक गतिविधियाँ भी समानांतर रूप से उभर रही हैं। विशेषज्ञों ने इन प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय और वैश्विक AI नीति एवं नियामक ढाँचे की तत्काल आवश्यकता जताई है।
डीपफेक और दुष्प्रचार की बाढ़
स्थानीय फैक्ट-चेकिंग संगठन 'रूमर स्कैनर' के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में बांग्लादेश की शोबिज़ इंडस्ट्री की 29 जानी-मानी महिलाओं को कुल 68 गंभीर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं का निशाना बनाया गया। इनमें सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इन 68 दुष्प्रचार अभियानों में से 50 वीडियो में स्पष्ट रूप से उन्नत AI तकनीक का उपयोग किया गया था।
कई टेलीविजन स्टूडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंटेंट निर्माण के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं, और इन डीपफेक को आम नागरिकों के लिए असली सामग्री से अलग पहचानना अत्यंत कठिन हो गया है। यह ऐसे समय में आया है जब Copilot, Midjourney, DALL-E 3, Sora 2, Runway Gen 4.5 और Google VO 3.0 जैसे AI टूल देश में युवाओं के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि AI का यह अनियंत्रित प्रसार न केवल व्यक्तियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि देश की शिक्षा प्रणाली, रोज़गार बाज़ार और फिल्म उद्योग को भी दीर्घकालिक रूप से गंभीर क्षति पहुँचा सकता है। गौरतलब है कि यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश में डिजिटल साक्षरता अभी भी व्यापक स्तर पर विकसित नहीं हुई है।
तकनीकी विश्लेषक AI के लिए तत्काल सख्त नियमों की माँग करते हैं, लेकिन साथ ही वे कड़ी चेतावनी भी देते हैं कि ऐसे कानूनों को असहमति और आलोचना को दबाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
कानूनी ढाँचे में स्पष्टता की माँग
रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी AI-संबंधी कानून में आलोचना, जानबूझकर गलत सूचना, हेट स्पीच, व्यंग्य और राजनीतिक टिप्पणी के बीच स्पष्ट कानूनी परिभाषाएँ होनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कानून में यह स्पष्टता नहीं रही, तो 'अफवाह-रोधी कानून' के शीघ्र ही 'आलोचना-दमन कानून' में बदल जाने का बड़ा जोखिम है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही
रिपोर्ट में फेसबुक, टिकटॉक और X जैसे सोशल मीडिया समूहों की स्थानीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी माँग की गई है। फर्जी खातों, बॉट नेटवर्क, बिना लेबल वाले AI वीडियो और सामुदायिक सामग्री से निपटने के लिए पारदर्शिता बढ़ाने और स्थानीय भाषा में कंटेंट मॉडरेशन को मज़बूत करने की सिफारिश की गई है।
आने वाले समय में बांग्लादेश सरकार इस रिपोर्ट की सिफारिशों पर क्या कदम उठाती है, यह देश में AI शासन की दिशा तय करेगा।