बांग्लादेश में जुलाई 2026: सड़क हादसों में 416 मौतें, 629 घायल; मोटरसाइकिल सबसे घातक
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में जुलाई 2026 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम 416 लोगों की मौत हुई और 629 लोग घायल हुए। रोड सेफ्टी फाउंडेशन (RSF) की रिपोर्ट के अनुसार, इस एक महीने में पूरे देश में 458 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। मृतकों में 57 महिलाएं और 48 बच्चे भी शामिल हैं, जो इन हादसों के गहरे मानवीय प्रभाव को रेखांकित करता है।
मोटरसाइकिल: सबसे घातक वाहन
RSF की रिपोर्ट के मुताबिक, मोटरसाइकिल जुलाई में सबसे खतरनाक परिवहन साधन साबित हुई। मोटरसाइकिल से जुड़े 159 हादसों में 138 लोगों की जान गई, जो कुल सड़क मौतों का 33.17 प्रतिशत है। कुल दुर्घटनाओं में मोटरसाइकिल हादसों की हिस्सेदारी 34.71 प्रतिशत रही। यह आँकड़ा बांग्लादेश में दोपहिया वाहनों के तेज़ प्रसार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर स्पष्ट संकेत करता है।
पैदल यात्री और चालक: सबसे अधिक प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार, 106 पैदल यात्रियों की मौत सड़क पर चलते या सड़क पार करते समय हुई, जो कुल मृतकों का 25.48 प्रतिशत है। इसके अलावा, 51 चालक और परिवहन सहायक भी हादसों में मारे गए, जो कुल मौतों का 12.25 प्रतिशत है। गौरतलब है कि पैदल यात्रियों की इतनी बड़ी संख्या में मौत सड़क बुनियादी ढाँचे की गंभीर खामियों और फुटपाथ व क्रॉसिंग की कमी को उजागर करती है।
राजमार्गों पर सर्वाधिक हादसे, ढाका संभाग सबसे प्रभावित
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे अधिक 169 दुर्घटनाएं हुईं, जो कुल हादसों का 36.89 प्रतिशत है। इसके बाद क्षेत्रीय सड़कों पर 155 हादसे (33.84%), शहरी सड़कों पर 66 (14.41%), ग्रामीण सड़कों पर 61 (13.31%) और अन्य स्थानों पर 7 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।
संभागवार आँकड़ों में ढाका संभाग सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहाँ 133 हादसों में 125 लोगों की मौत हुई — यह देशभर की कुल मौतों का लगभग एक-तिहाई है। चटगांव संभाग दूसरे, और राजशाही व रंगपुर क्रमशः उसके बाद रहे। बरिशाल में सबसे कम 28 हादसे हुए, जिनमें 24 लोग मारे गए। ढाका शहर में 34 दुर्घटनाओं में 18 मौतें और 47 लोग घायल हुए।
विशेषज्ञों की राय: क्या हैं मूल कारण
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, लापरवाही से वाहन चलाना, अत्यधिक रफ्तार, यातायात नियमों का कमज़ोर प्रवर्तन, असुरक्षित मोटरसाइकिल, जर्जर सड़क ढाँचा और सार्वजनिक परिवहन प्रबंधन की खामियाँ बांग्लादेश में सड़क दुर्घटनाओं की प्रमुख वजहें हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश पहले से ही यातायात सुधार की माँग को लेकर सार्वजनिक दबाव झेल रहा है।
आगे क्या: RSF की सिफारिशें
RSF की रिपोर्ट में सड़क हादसों को कम करने के लिए यातायात नियमों का सख्त पालन, चालकों का बेहतर प्रशिक्षण, सुरक्षित सड़क अवसंरचना का विकास और जन-जागरूकता अभियानों को तेज़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना ठोस नीतिगत हस्तक्षेप के यह संकट और गहरा हो सकता है।