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क्या बांग्लादेश में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं?

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क्या बांग्लादेश में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं?

सारांश

बांग्लादेश में आत्महत्या के मामलों में वृद्धि हो रही है, जहाँ हर दिन 40 से अधिक लोग अपनी जान दे रहे हैं। यह रिपोर्ट देश की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति को दर्शाती है और रोकथाम के प्रयासों की कमी को उजागर करती है। जानें इस गंभीर मुद्दे पर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में आत्महत्या की दर में वृद्धि हो रही है।
हर दिन लगभग 40 लोग आत्महत्या कर रहे हैं।
जशोर जिले में आत्महत्या के मामले सबसे अधिक हैं।
समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आत्महत्या रोकथाम योजना बनाई गई है।

ढाका, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश एक कठिन समय से गुजर रहा है। इस बीच, एक नई रिपोर्ट सामने आई है जो आम जनता की बदहाल मानसिक स्वास्थ्य स्थिति को उजागर करती है। मंगलवार को स्थानीय मीडिया ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया। आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश में आत्महत्या की दर में बढ़ोतरी हुई है, जहाँ हर दिन लगभग 40 लोग अपनी जान दे रहे हैं।

सोमवार को बांग्लादेश पुलिस (अपराध) के अतिरिक्त महानिरीक्षक, मोहम्मद अशरफुल इस्लाम ने ढाका में इंटरनेशनल सेंटर फॉर डायरियल डिजीज रिसर्च (आईसीडीडीआरबी) के एक कार्यक्रम में इस पर प्रकाश डाला।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, जशोर जिले में आत्महत्या के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं।

बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक प्रोथोम आलो ने बताया कि आईसीडीडीआरबी, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस), और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम योजना के मसौदे पर चर्चा करना था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर बढ़ती चर्चा के बावजूद, देश में सार्थक रोकथाम प्रयासों की कमी है।

कार्यक्रम में महबूबर रहमान, जो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक हैं, ने बताया कि आत्महत्या को रोकने के प्रयास तभी सफल होंगे जब सभी मंत्रालयों और हितधारकों के बीच समन्वय हो।

पुलिस ने कहा कि बांग्लादेश में आत्महत्या के आंकड़े डब्ल्यूएचओ के अनुमानों से अधिक हैं। उन्होंने आत्महत्या से संबंधित अप्राकृतिक मौतों के रिकॉर्ड का हवाला दिया।

अशरफुल इस्लाम ने 2020 से 2024 तक और इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर तक आत्महत्या से संबंधित अप्राकृतिक मौतों पर डेटा प्रदान किया।

आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच बांग्लादेश में 73,597 लोगों ने आत्महत्या की, जो कि सालाना औसतन 14,719 आत्महत्याएं, या लगभग 40 आत्महत्याएं प्रति दिन हैं।

जनवरी से अक्टूबर 2025 तक कुल 12,335 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए, जिसमें दैनिक औसत लगभग 41 रहा—जो पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा अधिक है।

पुलिस रिकॉर्ड आत्महत्या के तरीकों को कई श्रेणियों में वर्गीकृत करते हैं, जिसमें फांसी लगाना, जहर खाना, आत्मदाह, ट्रेन के सामने कूदना और अन्य तरीके शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि फांसी लगाने वालों की संख्या सबसे अधिक है, इसके बाद जहरीला पदार्थ खाने वालों का नंबर आता है। बांग्लादेश के 64 जिलों में, जशोर में आत्महत्या से संबंधित अप्राकृतिक मौतों के मामले सबसे अधिक हैं। अक्टूबर 2022 और अक्टूबर 2025 के बीच 1,454 मामले दर्ज किए गए। ढाका 1,402 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि इसी अवधि में कुमिल्ला में 1,288 मामले दर्ज किए गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बांग्लादेश में आत्महत्या की बढ़ती दर हमारे समाज के मानसिक स्वास्थ्य के लिए गहरी चिंता का विषय है। हमें इस सामाजिक समस्या के समाधान के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में आत्महत्या की दर क्यों बढ़ रही है?
आर्थिक दबाव, मानसिक स्वास्थ्य की कमी और सामाजिक समस्याएं आत्महत्या की बढ़ती दर के प्रमुख कारण हैं।
सरकार आत्महत्या रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने आत्महत्या रोकथाम योजना तैयार की है और स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
क्या बांग्लादेश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं?
हाँ, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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