सीएमजी द्वारा 'हमारा साझा घर' विषय पर महत्वपूर्ण मीडिया कार्यक्रमों का आयोजन
सारांश
Key Takeaways
- मीडिया कार्यक्रम: 'हमारा साझा घर' पर गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया।
- विशेषज्ञों का संवाद: १० से अधिक देशों के विशेषज्ञों की भागीदारी।
- समुद्री सुरक्षा: वैश्विक समुद्री सुरक्षा और शासन पर चर्चा।
- साझा भविष्य: साझा भविष्य वाले समुद्री समुदाय की अवधारणा पर जोर।
- वृत्तचित्र निर्माण: दक्षिण चीन सागर पर विशिष्ट समुद्री मीडिया उत्पादों की योजना।
बीजिंग, २९ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। २७ से २८ मार्च के बीच, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी), दक्षिण चीन सागर अध्ययन संस्थान और हुआयांग समुद्र अनुसंधान केंद्र ने मिलकर बोआओ एशिया मंच का एक उप-मंच और 'हमारा साझा घर' विषय पर गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया। यह कार्यक्रम दक्षिण चीन के हाईनान प्रांत के सान्या शहर में स्थित सीएमजी बेस पर आयोजित हुआ।
इस गोलमेज सम्मेलन में चीन, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और अन्य देशों के १० से अधिक विशेषज्ञों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से संवाद किया। उन्होंने वैश्विक महासागर शासन को बढ़ावा देने, महासागर सुरक्षा की रक्षा करने और नीली अर्थव्यवस्था के विकास के संदर्भ में मानवता के साझा घर की चुनौतियों, समाधानों और भविष्य के मार्गों पर चर्चा की।
विशेषज्ञों ने बताया कि वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों का प्रभाव समुद्री सुरक्षा और शासन पर भी पड़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय समुद्री स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यवस्था के लिए नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। इस संदर्भ में, साझा भविष्य वाले समुद्री समुदाय की अवधारणा की प्रासंगिकता और व्यावहारिक उपयोगिता तेजी से बढ़ रही है।
गोलमेज सम्मेलन के दौरान, चीनी समुद्री संस्थानों, विश्वविद्यालयों और मीडिया के प्रतिनिधियों ने सान्या बेस पर एकत्रित होकर दक्षिण चीन सागर पर वृत्तचित्र जैसे विशिष्ट समुद्री मीडिया उत्पादों की योजना बनाने और उनके निर्माण पर विचार किया, साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री संचार की गुणवत्ता में सुधार के उपायों पर चर्चा की।
बोआओ एशिया मंच के दक्षिण चीन सागर विषय पर उप-मंच और 'हमारा साझा घर' गोलमेज सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों के दौरान, २० से अधिक देशों और क्षेत्रों से आए लगभग २०० विशेषज्ञों, विद्वानों और उद्योग प्रतिनिधियों ने वैश्विक परिवर्तनों के बीच समुद्री व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया और महासागरीय सहयोग एवं शासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)