WHO महानिदेशक टेड्रोस ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में स्वास्थ्य को केंद्र में रखने की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के चार प्रमुख विषयों — लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता — को सीधे तौर पर स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति से जोड़ा। उन्होंने BRICS नेताओं से आग्रह किया कि वैश्विक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को मज़बूत बनाना अनिवार्य है।
एक्स पोस्ट के ज़रिए BRICS नेताओं को संदेश
टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन के चार प्रमुख विषय सीधे तौर पर स्वास्थ्य से जुड़े हैं और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति इन सभी लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब BRICS देश वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में अपनी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।
चार प्रमुख लक्ष्यों को स्वास्थ्य से जोड़ने की व्याख्या
लचीलेपन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए WHO प्रमुख ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, बीमारियों की निगरानी बेहतर बनाने, समय पर चेतावनी देने वाली प्रणालियाँ विकसित करने और स्थानीय स्तर पर जरूरी स्वास्थ्य उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने पर ज़ोर दिया।
नवाचार के संदर्भ में उन्होंने कहा कि विज्ञान, डिजिटल स्वास्थ्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इनके लाभ हर व्यक्ति तक समान रूप से पहुँचें।
सहयोग के लक्ष्य के तहत WHO महानिदेशक ने WHO महामारी समझौते के अंतर्गत रोगजनकों तक पहुँच और लाभ साझा करने से जुड़े प्रावधानों को अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, देशों और विभिन्न क्षेत्रों के बीच मिलकर काम करना इस लक्ष्य की आधारशिला है।
स्थिरता के लिए उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं हेतु टिकाऊ वित्तीय ढाँचा तैयार करने और वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक सुसंगठित एवं समन्वित बनाने पर ध्यान दिलाया।
BRICS नेताओं के सामने रखी चार ठोस माँगें
महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस ने BRICS देशों के नेताओं के समक्ष चार सुनिश्चित माँगें प्रस्तुत कीं। उन्होंने कहा कि अगली स्वास्थ्य आपदा या आपात स्थिति के आने से पहले ही तैयारियाँ और स्वास्थ्य व्यवस्था मज़बूत की जाए।
उन्होंने यह भी माँग की कि नवाचार और नई तकनीकों का उपयोग उन समस्याओं के लिए हो, जिन्हें बाज़ार प्रायः नज़रअंदाज़ कर देता है। इसके साथ ही उन्होंने ज़ोर दिया कि देशों के बीच सहयोग केवल बातों तक सीमित न रहे, बल्कि उसे ज़मीनी स्तर पर लागू किया जाए।
चौथी माँग के तहत घेब्रेयसस ने कहा कि जो व्यवस्थाएँ और उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं, उन्हें राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही के ज़रिए दीर्घकालिक रूप से बनाए रखा जाए। गौरतलब है कि BRICS देशों की कुल जनसंख्या विश्व की लगभग आधी है, ऐसे में इनके स्वास्थ्य ढाँचे का सुदृढ़ होना वैश्विक महामारी-तैयारी के लिए भी निर्णायक है।
वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए क्या होगा आगे
WHO महामारी समझौते पर वार्ता अभी भी जारी है और BRICS देशों की इसमें सक्रिय भागीदारी पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र है। यदि BRICS नेता टेड्रोस की माँगों को नीतिगत प्रतिबद्धता में बदलते हैं, तो यह वैश्विक स्वास्थ्य प्रशासन में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।