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क्वेटा की हुडा जेल में BYC का धरना, 'फेसलेस ट्रायल' को बताया असंवैधानिक

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क्वेटा की हुडा जेल में BYC का धरना, 'फेसलेस ट्रायल' को बताया असंवैधानिक

सारांश

क्वेटा की हुडा जेल में BYC का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा — 'फेसलेस ट्रायल' के खिलाफ, जिसे संगठन असंवैधानिक बताता है। नेता 14 महीनों से हिरासत में हैं, वकीलों और परिजनों की मुलाकात पर रोक है, और BNM ने पाकिस्तानी न्याय व्यवस्था को सेना की 'कठपुतली' करार दिया है।

मुख्य बातें

बलूच यकजेहती समिति (BYC) ने क्वेटा की हुडा जेल के भीतर 'फेसलेस ट्रायल' के खिलाफ लगातार तीसरे दिन धरना दिया।
BYC के नेता कथित तौर पर पिछले 14 महीनों से बिना सिद्ध अपराध के हिरासत में हैं।
BYC की प्रमुख आयोजक महरंग बलूच मार्च 2025 से हुडा जेल में बंद हैं; वकीलों और परिजनों को मुलाकात से रोका जा रहा है।
बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने पाकिस्तानी न्याय व्यवस्था को सेना के अधीन 'कठपुतली तंत्र' बताया।
BYC ने माँग की है कि 'फेसलेस ट्रायल' तुरंत बंद हो और राजनीतिक कैदियों के कानूनी अधिकारों का सम्मान किया जाए।

मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती समिति (BYC) के नेताओं ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा स्थित हुडा जेल के भीतर धरना दिया — यह विरोध उस 'फेसलेस ट्रायल' के खिलाफ था जिसे संगठन 'असंवैधानिक, अवैध और पारदर्शी न्याय के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध' मानता है। 16 जून 2025 को यह धरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा, जो पाकिस्तान में न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य घटनाक्रम

BYC ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक बयान साझा कर बताया कि हुडा जेल प्रशासन ने जेल के भीतर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। संगठन के अनुसार, 'जेल के अंदर किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही — हमारे नेताओं के परिजन और वकील घंटों प्रतीक्षा करते हैं, इसके बावजूद उनसे मुलाकात नहीं हो पा रही।' BYC ने आशंका जताई कि इस अलगाव का उपयोग हिरासत में बंद नेताओं पर दबाव बनाने या उत्पीड़न के लिए किया जा सकता है।

BYC की माँगें

संगठन ने तीन मुख्य माँगें रखी हैं: राजनीतिक कैदियों के कानूनी एवं मानवाधिकारों का सम्मान, जेल के भीतर चल रही कथित 'अवैध कार्रवाइयों' पर तत्काल रोक, और नेताओं के खिलाफ जारी 'फेसलेस ट्रायल' को समाप्त करना। BYC का कहना है कि उसके नेता पिछले 14 महीनों से बिना किसी सिद्ध अपराध के हिरासत में हैं, और इस दौरान शारीरिक रिमांड तथा मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न के ज़रिए नेतृत्व को कमज़ोर करने की कोशिश की गई है।

न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल

BYC ने बताया कि पहले खुले कोर्ट में सुनवाई हुई, फिर जेल ट्रायल शुरू हुआ और अब 'फेसलेस प्रोसीडिंग्स' चल रही हैं। संगठन का आरोप है कि ये लगातार बदलती न्यायिक प्रक्रियाएँ यह स्पष्ट करती हैं कि ये फैसले कानून पर नहीं, बल्कि शक्ति के प्रयोग पर आधारित हैं।

महरंग बलूच और अन्य नेताओं की हिरासत

BYC की प्रमुख आयोजक महरंग बलूच सहित कई नेता मार्च 2025 से हुडा जेल में बंद हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने वैश्विक स्तर पर उनकी हिरासत को लेकर चिंता जताई है और इसे 'फर्जी तथा राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोपों' पर आधारित बताया है।

बलूच नेशनल मूवमेंट की प्रतिक्रिया

बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने भी महरंग बलूच और उनके साथियों के खिलाफ चल रही न्यायिक कार्यवाही को 'दिखावे की न्यायिक प्रक्रिया' करार दिया है। BNM का आरोप है कि पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था वास्तव में सेना के अधीन एक 'कठपुतली तंत्र' की तरह काम कर रही है। BNM के अनुसार, हुडा जेल के भीतर एक 'फेसलेस कोर्ट' स्थापित कर दी गई है और इन्हीं के ज़रिए मामलों की सुनवाई की जा रही है, जो न्याय का उपहास है।

आगे क्या

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। BYC ने संकेत दिया है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा। पाकिस्तानी जेल प्रशासन और सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर फेसलेस प्रोसीडिंग्स — एक सुनियोजित रणनीति की ओर इशारा करता है, न कि प्रशासनिक लापरवाही की ओर। जब तक अंतरराष्ट्रीय दबाव ठोस जवाबदेही में नहीं बदलता, ये आरोप महज़ बयानबाज़ी बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूच यकजेहती समिति (BYC) का 'फेसलेस ट्रायल' के खिलाफ धरना क्या है?
BYC के नेताओं ने क्वेटा की हुडा जेल के भीतर उस न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ धरना दिया जिसमें आरोपियों को अपने खिलाफ गवाहों या न्यायाधीशों की पहचान जानने का अधिकार नहीं दिया जा रहा। संगठन इसे असंवैधानिक और पारदर्शी न्याय के विरुद्ध मानता है। यह धरना 16 जून 2025 को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
महरंग बलूच कौन हैं और वे कब से हिरासत में हैं?
महरंग बलूच BYC की प्रमुख आयोजक हैं और मार्च 2025 से क्वेटा की हुडा जेल में बंद हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने उनकी हिरासत को 'फर्जी और राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोपों' पर आधारित बताया है और वैश्विक स्तर पर उनकी रिहाई की माँग की है।
BYC ने पाकिस्तानी जेल प्रशासन पर क्या आरोप लगाए हैं?
BYC का आरोप है कि हुडा जेल प्रशासन ने बंदियों के वकीलों और परिजनों को मुलाकात से रोका हुआ है — वे घंटों इंतजार करते हैं पर अंदर नहीं जा पाते। संगठन का कहना है कि इस अलगाव का इस्तेमाल नेताओं पर दबाव बनाने या उत्पीड़न के लिए किया जा सकता है।
बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने इस मामले पर क्या कहा?
BNM ने महरंग बलूच और उनके साथियों के खिलाफ चल रही न्यायिक कार्यवाही को 'दिखावे की प्रक्रिया' करार दिया है। BNM का आरोप है कि पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था सेना के अधीन एक 'कठपुतली तंत्र' की तरह काम कर रही है और हुडा जेल के भीतर एक 'फेसलेस कोर्ट' स्थापित की गई है।
BYC की मुख्य माँगें क्या हैं?
BYC ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं: राजनीतिक कैदियों के कानूनी और मानवाधिकारों का सम्मान किया जाए, जेल के भीतर सभी कथित अवैध कार्रवाइयाँ तुरंत बंद हों, और नेताओं के खिलाफ जारी 'फेसलेस ट्रायल' को समाप्त किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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