चीन ने अमेरिका और इजरायल से ईरान के आक्रमण को रोकने की की अपील
सारांश
Key Takeaways
- चीन ने अमेरिका-इजरायल से सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की।
- संघर्ष में ईरान की सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचा।
- चीन ने शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की बात कही।
- अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के तेल निर्यात हब को नष्ट करने की धमकी दी।
- संघर्ष 32 दिन से जारी है, जिसमें दोनों पक्षों से हमले हो रहे हैं।
बीजिंग, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीन ने अमेरिका और इजरायल से ईरान के खिलाफ चल रहे आक्रमण को तत्काल रोकने की अपील की है। चीन का विदेश मंत्रालय सभी संबंधित पक्षों से सैन्य कार्यवाही समाप्त कर शांति को बनाए रखने का अनुरोध करता है।
चीन ने परमाणु संयंत्रों और 133 ऐतिहासिक स्थलों को हुए नुकसान पर भी चिंता जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा, "दुनिया की सांस्कृतिक धरोहर मानवता के लिए एक अनमोल संपत्ति है। चीन को यह देखकर बहुत दुख हुआ कि संघर्ष के दौरान ईरान की सांस्कृतिक निशानियों और स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया।" इसके अलावा, चीन ने परमाणु सुविधाओं पर हमलों का विरोध किया है और इसे अत्यंत खतरनाक बताया है।
बीजिंग ने कहा कि वह शांति बहाल करने के लिए अपने कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा। निंग ने कहा, "चीन की अपील है कि अमेरिका-इजरायल तुरंत और पूरी तरह से सैन्य कार्रवाई रोकें, संवाद शुरू करें, और इस संघर्ष को जितनी जल्दी हो सके समाप्त करें, जो कभी नहीं होना चाहिए था।"
ईरान पर अमेरिका-इजरायल की संयुक्त हवाई हमलों से 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष को 32 दिन हो गए हैं। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा हमले जारी हैं। अमेरिका-इजरायल से तेहरान और इस्फहान पर भारी बमबारी हो रही है, जबकि ईरान अपनी मिसाइलों से इजरायल के शहरों और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस गंभीर संघर्ष में ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई समेत कई प्रमुख नेता और सैन्य अधिकारी खो दिए हैं।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि जल्दी कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र और ऊर्जा अवसंरचना को नष्ट कर देंगे।