चीन ने यूएन में कहा: अमेरिका है ईरान परमाणु संकट का कारण
सारांश
Key Takeaways
- फू त्सोंग ने अमेरिका को ईरान परमाणु संकट का जनक बताया।
- अमेरिका के कार्य अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं।
- ईरान की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए।
- सैन्य कार्रवाई उचित समाधान नहीं है।
- ईरान को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा का अधिकार है।
बीजिंग, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गुरुवार को ईरान प्रतिबंध समिति की बैठक में यूएन में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू त्सोंग ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान परमाणु संकट का मुख्य कारण है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के कार्य अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं, और चीन इसे कड़ी निंदा करता है।
फू त्सोंग ने बताया कि बल प्रयोग अंतर्राष्ट्रीय विवादों के समाधान का उचित तरीका नहीं है। ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान होना चाहिए। अमेरिका और इजरायल को तुरंत सैन्य कार्रवाई बंद करनी चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी वाली ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमला नहीं करना चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि ईरान परमाणु मुद्दे का अंतिम समाधान केवल राजनीतिक और राजनयिक मार्ग से ही संभव है। अमेरिका ने एकतरफा तरीके से ईरान परमाणु समझौते से हटकर संकट उत्पन्न किया और वार्ता प्रक्रिया के दौरान ईरान पर सैन्य हमलों के माध्यम से राजनयिक प्रयासों को विफल कर दिया।
चीनी प्रतिनिधि ने इस बात पर बल दिया कि ईरान को अप्रसार संधि के तहत शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के उपयोग का अधिकार है। आईएईए की रिपोर्टों में ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने का कोई सबूत नहीं मिला है।
फू त्सोंग ने कहा कि सुरक्षा परिषद की कार्रवाइयों का उद्देश्य तनाव को कम करना और मध्य पूर्व में दीर्घकालिक शांति बनाए रखना होना चाहिए। चीन इस विषय के राजनीतिक समाधान के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)