मुंबई में चीन-भारत ब्रिक्स वित्तीय संवाद: ICICI बैंक और चीनी प्रतिनिधियों के बीच डिजिटल मुद्रा व सीमा पार भुगतान पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
21 अगस्त को मुंबई स्थित चीनी महावाणिज्य दूतावास ने चीन-भारत ब्रिक्स वित्तीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने डिजिटल मुद्रा, सीमा पार भुगतान और वित्तीय उत्पादों में सहयोग जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया। यह संवाद ऐसे समय में आयोजित हुआ जब भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।
कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए
चीनी महावाणिज्य दूत छिन च्ये और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के मुंबई क्षेत्रीय प्रमुख आनंद शाह इस कार्यक्रम के प्रमुख प्रतिभागियों में रहे। इनके अलावा बैंक ऑफ चाइना की मुंबई शाखा, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC) की मुंबई शाखा और चाइना पेट्रोलियम इंडिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
महावाणिज्य दूत छिन च्ये का संदेश
कार्यक्रम में बोलते हुए छिन च्ये ने कहा कि ब्रिक्स वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग को मज़बूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि भारत में होने वाला आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन और भारत के बीच वित्तीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। छिन च्ये ने यह भी कहा कि आईसीआईसीआई बैंक, भारत के अग्रणी वाणिज्यिक बैंकों में से एक होने के नाते, अपनी पेशेवर विशेषज्ञता के ज़रिए दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग को और गहरा करने में योगदान दे सकता है।
ICICI बैंक की ओर से साझा की गई जानकारी
आईसीआईसीआई बैंक के प्रतिनिधि ने बैंक के कारोबार, चीन-भारत वित्तीय सहयोग की संभावनाओं, भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर विस्तृत जानकारी साझा की। गौरतलब है कि यह संवाद ऐसे समय में हुआ जब वैश्विक स्तर पर ब्रिक्स देशों के बीच वैकल्पिक वित्तीय ढाँचे को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो रही हैं।
डिजिटल मुद्रा और सीमा पार भुगतान पर फोकस
चर्चा के दौरान ब्रिक्स के संदर्भ में डिजिटल मुद्रा और सीमा पार भुगतान के तंत्र, वित्तीय उत्पादों में द्विपक्षीय सहयोग, तथा वित्तीय नवाचार जैसे विषयों पर चीनी और भारतीय प्रतिनिधियों के बीच व्यापक विचार-विमर्श हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स देश डॉलर-केंद्रित वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के विकल्पों पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं।
आगे की दिशा
आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, जो भारत में आयोजित होना प्रस्तावित है, इस संवाद को नीतिगत धरातल पर आगे ले जाने का अवसर प्रदान करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के द्विपक्षीय वित्तीय संवाद भारत-चीन संबंधों में व्यापारिक विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत हैं।