चीन-वियतनाम समुद्री परामर्श: बेइबू खाड़ी सीमांकन और दक्षिण चीन सागर विकास पर 18वें दौर की बैठक
सारांश
मुख्य बातें
चीन और वियतनाम के कार्य समूहों ने 4 जून 2026 को वुंग ताऊ (वियतनाम) में समुद्री मुद्दों पर महत्वपूर्ण बहु-स्तरीय परामर्श आयोजित किया, जिसमें बेइबू खाड़ी के बाहरी जलक्षेत्र के सीमांकन और दक्षिण चीन सागर में संयुक्त विकास को गति देने पर सहमति बनी। चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्री मामलों के प्रतिनिधि हू वेई और वियतनाम के विदेश मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सीमा आयोग के निदेशक गुयेन डांग थांग ने इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता की।
मुख्य घटनाक्रम
वियतनाम के दक्षिणी बंदरगाह शहर वुंग ताऊ में दो समानांतर बैठकें आयोजित हुईं — बेइबू खाड़ी के बाहरी जलक्षेत्रों पर चीन-वियतनाम कार्य समूह का 18वाँ परामर्श दौर और समुद्र में संयुक्त विकास पर कार्य समूह का 15वाँ परामर्श दौर। दोनों देशों के संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया।
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में चीन और वियतनाम द्विपक्षीय संवाद के ज़रिए मतभेदों को प्रबंधित करने की कोशिश कर रहे हैं।
परामर्श में क्या तय हुआ
दोनों पक्षों ने बेइबू खाड़ी के बाहरी जलक्षेत्र के सीमांकन और दक्षिण चीन सागर के संयुक्त विकास पर गहन विचार-विमर्श किया। दोनों देशों के नेताओं द्वारा पहले हासिल की गई महत्वपूर्ण सहमति को गंभीरता से लागू करने और जल्द से जल्द ठोस प्रगति हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
गौरतलब है कि बेइबू खाड़ी के मुख्य जलक्षेत्र का सीमांकन दोनों देशों के बीच 2000 में हो चुका है, लेकिन खाड़ी के बाहरी विस्तार पर वार्ता वर्षों से जारी है।
समुद्री सहयोग और शांति पर जोर
दोनों पक्षों ने अन्य समुद्री मुद्दों पर भी बातचीत की। इस बात पर सहमति बनी कि समुद्री मतभेदों का उचित प्रबंधन किया जाए, समुद्री सहयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जाए और दक्षिण चीन सागर में शांति एवं स्थिरता को संयुक्त रूप से बनाए रखा जाए।
व्यापक संदर्भ
दक्षिण चीन सागर में चीन के व्यापक क्षेत्रीय दावों को लेकर फिलीपींस, मलेशिया और अन्य दावेदार देशों के साथ तनाव बना रहता है। ऐसे में चीन-वियतनाम के बीच यह संरचित द्विपक्षीय संवाद क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज़ से उल्लेखनीय माना जा रहा है।
आगे क्या
दोनों पक्षों ने सीमांकन और संयुक्त विकास में तेजी लाने की प्रतिबद्धता जताई है। अगले दौर की बैठक की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार वार्ता की गति बनाए रखने पर सहमति है।