22 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग शुएश्यांग की हांगकांग-मकाओ के 1,200 युवा ध्वजारोहण प्रतिनिधियों से मुलाकात

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग शुएश्यांग की हांगकांग-मकाओ के 1,200 युवा ध्वजारोहण प्रतिनिधियों से मुलाकात

सारांश

चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग शुएश्यांग ने 21 सितंबर को बीजिंग में हांगकांग और मकाओ के करीब 1,200 युवा ध्वजारोहण प्रतिनिधियों से मुलाकात की। शी चिनफिंग का अभिवादन देते हुए उन्होंने युवाओं को 'एक देश, दो व्यवस्थाओं' के उत्तराधिकारी बनने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग शुएश्यांग ने 21 सितंबर 2026 को बीजिंग के जन वृहद भवन में हांगकांग और मकाओ के युवा ध्वजारोहण दलों से मुलाकात की।
बैठक में हांगकांग और मकाओ के विश्वविद्यालयों, माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालयों के करीब 1,200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
तिंग शुएश्यांग ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग का स्नेहपूर्ण अभिवादन सभी प्रतिनिधियों तक पहुँचाया।
युवाओं से राष्ट्रीय ध्वज को समझने, उसकी रक्षा करने और मान बढ़ाने का आह्वान किया गया।
उन्होंने कहा कि हांगकांग और मकाओ इस समय अपने इतिहास के सर्वश्रेष्ठ विकास काल से गुज़र रहे हैं।

चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग शुएश्यांग ने 21 सितंबर 2026 को बीजिंग स्थित जन वृहद भवन में हांगकांग और मकाओ विशेष प्रशासनिक क्षेत्रों के युवा ध्वजारोहण दलों के करीब 1,200 प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस भेंट में उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग का स्नेहपूर्ण अभिवादन सभी प्रतिनिधियों तक पहुँचाया और केंद्र सरकार की ओर से उनका हार्दिक स्वागत किया।

बैठक की मुख्य बातें

तिंग शुएश्यांग ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग हमेशा हांगकांग और मकाओ के युवाओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन दोनों विशेष प्रशासनिक क्षेत्रों की समृद्धि और देश का समग्र विकास युवाओं की उन्नति से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने युवा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि हांगकांग और मकाओ इस समय अपने इतिहास के सर्वश्रेष्ठ विकास काल से गुज़र रहे हैं। उनके अनुसार, युवाओं का अच्छा विकास ही इन क्षेत्रों और पूरे देश के उज्जवल भविष्य की नींव है।

युवाओं से तीन आह्वान

तिंग शुएश्यांग ने छात्र प्रतिनिधियों के समक्ष तीन प्रमुख अपेक्षाएँ रखीं। पहली — राष्ट्रीय ध्वज के महत्व को गहराई से समझें और महान मातृभूमि के प्रति अपनी भावना को सुदृढ़ करें। दूसरी — राष्ट्रीय ध्वज की रक्षा करें और नए युग में देशभक्ति के आदर्श बनने का प्रयास करें। तीसरी — अपनी ऊर्जा और जोश से राष्ट्रीय ध्वज का मान बढ़ाएँ और अपनी जिंदगी की शानदार कहानी लिखें, ताकि वे 'एक देश, दो व्यवस्थाओं' के निर्माता और उत्तराधिकारी बन सकें।

प्रतिभागी और पृष्ठभूमि

इस आयोजन में हांगकांग और मकाओ के विश्वविद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक विद्यालयों के ध्वजारोहण दलों के कुल करीब 1,200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह भेंट ऐसे समय में हुई है जब बीजिंग इन दोनों विशेष प्रशासनिक क्षेत्रों में युवा पीढ़ी के साथ राष्ट्रीय पहचान और देशभक्ति को मज़बूत करने पर विशेष बल दे रहा है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि 'एक देश, दो व्यवस्थाओं' की नीति के तहत हांगकांग (1997 से) और मकाओ (1999 से) चीन के अभिन्न अंग हैं, परंतु उनके अलग प्रशासनिक और कानूनी ढाँचे हैं। हाल के वर्षों में बीजिंग ने युवाओं में राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई है। आने वाले समय में इस तरह के संवाद कार्यक्रम और अधिक व्यापक रूप लेने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दो व्यवस्थाओं' की अवधारणा को अगली पीढ़ी में सांस्कृतिक और भावनात्मक स्तर पर रोपने की कोशिश की जा रही है। 2020 के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और शिक्षा सुधारों के बाद हांगकांग में पाठ्यक्रम में देशभक्ति को अनिवार्य बनाया गया था; यह आयोजन उसी नीतिगत दिशा का विस्तार है। आलोचक तर्क देते हैं कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं में स्वतंत्र नागरिक चेतना के बजाय केंद्रीय पहचान को प्राथमिकता देते हैं, जबकि बीजिंग इसे क्षेत्रीय एकता और स्थिरता के लिए अनिवार्य मानता है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी उप प्रधानमंत्री तिंग शुएश्यांग की हांगकांग-मकाओ युवाओं से मुलाकात कब और कहाँ हुई?
यह मुलाकात 21 सितंबर 2026 को बीजिंग स्थित जन वृहद भवन में हुई। इसमें हांगकांग और मकाओ के विभिन्न विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के ध्वजारोहण दलों के करीब 1,200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
तिंग शुएश्यांग ने युवा प्रतिनिधियों को क्या संदेश दिया?
उन्होंने युवाओं से तीन बातों का आह्वान किया — राष्ट्रीय ध्वज के महत्व को समझें, उसकी रक्षा करें और उसका मान बढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि युवा 'एक देश, दो व्यवस्थाओं' के निर्माता और उत्तराधिकारी बनने का प्रयास करें।
इस बैठक में राष्ट्रपति शी चिनफिंग की क्या भूमिका थी?
राष्ट्रपति शी चिनफिंग स्वयं बैठक में उपस्थित नहीं थे, लेकिन तिंग शुएश्यांग ने उनका स्नेहपूर्ण अभिवादन सभी प्रतिनिधियों तक पहुँचाया। तिंग ने कहा कि शी हमेशा हांगकांग और मकाओ के युवाओं के विकास पर विशेष ध्यान देते हैं।
'एक देश, दो व्यवस्थाओं' से इस बैठक का क्या संबंध है?
'एक देश, दो व्यवस्थाओं' की नीति के तहत हांगकांग (1997 से) और मकाओ (1999 से) चीन का हिस्सा हैं, परंतु उनके अलग प्रशासनिक ढाँचे हैं। इस बैठक में युवाओं को इसी नीति के उत्तराधिकारी और निर्माता बनने के लिए प्रेरित किया गया।
इस आयोजन में किन शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल थे?
आयोजन में हांगकांग और मकाओ के विश्वविद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक विद्यालयों के ध्वजारोहण दलों के प्रतिनिधि शामिल थे। कुल मिलाकर करीब 1,200 युवा प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले