21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या चीनी-रूसी संयुक्त एयर पेट्रोल क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, या जापान गुमराह कर रहा है?: बीजिंग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या चीनी-रूसी संयुक्त एयर पेट्रोल क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, या जापान गुमराह कर रहा है?: बीजिंग

सारांश

क्या चीन और रूस की संयुक्त एयर पेट्रोलिंग क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत कर रही है या जापान इसे एक खतरे के रूप में देख रहा है? जानिए इस तनावपूर्ण स्थिति के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

चीन और रूस की जॉइंट एयर पेट्रोलिंग क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
जापान की चिंता ने राजनीतिक तनाव को बढ़ाया है।
दुनिया को इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

बीजिंग, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। टोक्यो और बीजिंग के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। इसी दौरान, रूस-चीन की एयर पेट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए जापानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने देशभर में जॉइंट पेट्रोलिंग कर रही रूसी और चीनी एयर फोर्स पर नजर रखने के लिए जेट भेजे हैं। टोक्यो के इस बयान पर चीन ने बुधवार को अपनी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय ने जापान के रडार लॉक वाले बयान को खारिज करते हुए कहा कि टोक्यो ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने के लिए ये आरोप लगाए हैं।

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने कहा, "चीन-रूस जॉइंट स्ट्रेटेजिक एयर पेट्रोल, जो मंगलवार को पूर्वी चीन सागर और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में किया गया था, सालाना सहयोग योजना का हिस्सा है। यह क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता की रक्षा करने की दोनों पक्षों की दृढ़ता और क्षमता को दर्शाता है।"

उनसे जापान के दावे पर सवाल किया गया था। जापान ने कहा कि इस पेट्रोलिंग से चिंता बढ़ी है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

जापानी मंत्रालय ने मंगलवार को दावा किया कि दो रूसी टीयू-95 न्यूक्लियर-कैपेबल स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स ने जापान सागर से पूर्वी चीन सागर की ओर उड़ान भरी ताकि दो चीनी एच-6 बॉम्बर्स से मिलकर प्रशांत महासागर में "लंबी दूरी की जॉइंट फ्लाइट" भरी जा सके।

इसी दिन, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भी चीनी लड़ाकू विमानों के "रडार इल्यूमिनेशन" पर पूछे गए सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चीन ने इस मामले पर गंभीरता से प्रतिक्रिया दी है, और तथ्य बहुत स्पष्ट हैं। गुओ ने कहा कि जापानी पक्ष ने पहले दावा किया था कि उन्हें चीन से कोई नोटिफिकेशन नहीं मिला था, लेकिन अब वे मानते हैं कि उन्हें वास्तव में चीनी पक्ष से पहले से जानकारी मिली थी। ये बयान भटकाने वाले हैं।

गुओ ने कहा कि जापानी पक्ष अब तक यह बताने से इनकार कर रहा है कि पहले से नोटिफिकेशन मिलने के बावजूद, उसने चीन के एक्सरसाइज और ट्रेनिंग जोन में घुसने, गड़बड़ी पैदा करने के लिए जासूसी करने, तनाव के हालात बनाने और गलत इरादे से फाइटर जेट भेजने पर जोर क्यों दिया?

उन्होंने कहा, "क्या जापान जानबूझकर ध्यान भटकाने और इंटरनेशनल कम्युनिटी को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है? जापान को अब जो करना चाहिए, वह यह है कि वह चीन-जापान रिश्तों में मौजूदा मुश्किलों की जड़ का सामना करे, अपनी गलतियों पर गंभीरता से सोचे, और ताइवान के बारे में प्रधानमंत्री ताकाइची की गलत बातों को ईमानदारी से वापस ले।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जापान और चीन के बीच तनाव केवल सैन्य गतिविधियों से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीतियों से भी जुड़ा है। देश को अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसे संवाद और सामंजस्य के माध्यम से किया जाना चाहिए।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जापान की चिंता सही है?
जापान की चिंता अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है, लेकिन यह भी संभव है कि यह एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो।
क्या चीन और रूस की एयर पेट्रोलिंग वैध है?
चीन और रूस की एयर पेट्रोलिंग अंतर्राष्ट्रीय कानून के अंतर्गत आती है, लेकिन इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले